Psalms · chapter 147 · verse 17
Psalm 147:17 in Hindi
वह बर्फ के टुकड़े गिराता है, उसकी की हुई ठण्ड को कौन सह सकता है?
Vah barph ke tukade giraataa hai, usakee kee huee thand ko kaun sah sakataa hai?
Psalm 147:17 in English
- King James Version (KJV)
- He casteth forth his ice like morsels: who can stand before his cold?
- World English Bible (WEB)
- He hurls down his hail like pebbles. Who can stand before his cold?
- American Standard Version (ASV)
- He casteth forth his ice like morsels: Who can stand before his cold?
- Bible in Basic English (BBE)
- He sends down ice like raindrops: water is made hard by his cold.
- Darby Translation (DBY)
- He casteth forth his ice like morsels: who can stand before his cold?
- Webster's Bible (WBS)
- He casteth forth his ice like morsels: who can stand before his cold?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Casting forth His ice like morsels, Before His cold who doth stand?
Read in context
- 15वह पृथ्वी पर अपनी आज्ञा का प्रचार करता है, उसका वचन अति वेग से दौड़ता है।
- 16वह ऊन के समान हिम को गिराता है, और राख की नाईं पाला बिखेरता है।
- 17वह बर्फ के टुकड़े गिराता है, उसकी की हुई ठण्ड को कौन सह सकता है?
- 18वह आज्ञा देकर उन्हें गलाता है; वह वायु बहाता है, तब जल बहने लगता है।
- 19वह याकूब को अपना वचन, और इस्राएल को अपनी विधियां और नियम बताता है।
Cross references
- Job 38:29–30 अय्यूब 38:29–30किस के गर्भ से बर्फ निकला है, और आकाश से गिरे हुए पाले को कौन उत्पन्न करता है? जल पत्थर के समान जम जाता है, और गहिरे पानी के ऊपर जमावट होती है।
- Job 38:22–23 अय्यूब 38:22–23फिर क्या तू कभी हिम के भणडार में पैठा, वा कभी ओलों के भणडार को तू ने देखा है, जिसको मैं ने संकट के समय और युठ्ठ और लड़ाई के दिन के लिये रख छोड़ा है?
- Job 37:9–10 अय्यूब 37:9–10दक्खिन दिशा से बवणडर और उतरहिया से जाड़ा आता है। ईश्वर की श्वास की फूंक से बरफ पड़ता है, तब जलाशयों का पाट जम जाता है।
- Psalm 78:47–48 भजन संहिता 78:47–48उस ने उनकी दाखलताओं को ओेलों से, और उनके गूलर के पेड़ों को बड़े बड़े पत्थ्र बरसाकर नाश किया। उस ने उनके पशुओं को ओलों से, और उनके ढोरों को बिजलियों से मिटा दिया।
- Exodus 9:23–25 निर्गमन 9:23–25तब मूसा ने अपनी लाठी को आकाश की ओर उठाया; और यहोवा मेघ गरजाने और ओले बरसाने लगा, और आग पृथ्वी तक आती रही। इस प्रकार यहोवा ने मि देश पर ओले बरसाए। जो ओले गिरते थे उनके साथ आग भी मिली हुई थी, और वे ओले इतने भारी थे कि जब से मि देश बसा था तब से मि भर में ऐसे ओले कभी न गिरे थे। इसलिये मि भर के खेतों में क्या मनुष्य, क्या पशु, जितने थे सब ओलों से मारे गए, और ओलों से खेत की सारी उपज नष्ट हो गई, और मैदान के सब वृक्ष टूट गए।
- Joshua 10:11 यहोशू 10:11फिर जब वे इस्राएलियों के साम्हने से भागकर बेथोरोन की उतराई पर आए, तब अजेका पहुंचने तक यहोवा ने आकाश से बड़े बड़े पत्थर उन पर बरसाए, और वे मर गए; जो ओलों से मारे गए उनकी गिनती इस्राएलियों की तलवार से मारे हुओं से अधिक थी।।