Psalms · chapter 148 · verse 5
Psalm 148:5 in Hindi
वे यहोवा के नाम की स्तुति करें, क्योंकि उसी ने आज्ञा दी और ये सिरजे गए।
Ve yahovaa ke naam kee stuti karem, kyonki usee ne aajnyaa dee aur ye siraje gae.
Psalm 148:5 in English
- King James Version (KJV)
- Let them praise the name of the LORD: for he commanded, and they were created.
- World English Bible (WEB)
- Let them praise the LORD’s name, for he commanded, and they were created.
- American Standard Version (ASV)
- Let them praise the name of Jehovah; For he commanded, and they were created.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let them give praise to the name of the Lord: for he gave the order, and they were made.
- Darby Translation (DBY)
- Let them praise the name of Jehovah, for he it is that commanded, and they were created:
- Webster's Bible (WBS)
- Let them praise the name of the LORD: for he commanded, and they were created.
- Young's Literal Translation (YLT)
- They do praise the name of Jehovah, For He commanded, and they were created.
Read in context
- 3हे सूर्य और चन्द्रमा उसकी स्तुति करो, हे सब ज्योतिमय तारागण उसकी स्तुति करो!
- 4हे सब से ऊंचे आकाश, और हे आकाश के ऊपरवाले जल, तुम दोनों उसकी स्तुति करो।
- 5वे यहोवा के नाम की स्तुति करें, क्योंकि उसी ने आज्ञा दी और ये सिरजे गए।
- 6और उस ने उनको सदा सर्वदा के लिये स्थिर किया है; और ऐसी विधि ठहराई है, जो टलने की नहीं।।
- 7पृथ्वी में से यहोवा की स्तुति करो, हे मगरमच्छों और गहिरे सागर,
Cross references
- Revelation 4:11 प्रकाशितवाक्य 4:11कि हमारे प्रभु, और परमेश्वर, तू ही महिमा, और आदर, और सामर्थ के योग्य है; क्योंकि तू ही ने सब वस्तुएं सृजीं और वे तेरी ही इच्छा से थी, और सृजी गईं।।
- Genesis 1:6 उत्पत्ति 1:6फिर परमेश्वर ने कहा, जल के बीच एक ऐसा अन्तर हो कि जल दो भाग हो जाए।
- Psalm 33:6–9 भजन संहिता 33:6–9आकाशमण्डल यहोवा के वचन से, और उसके सारे गण उसके मुंह ही श्वास से बने। वह समुद्र का जल ढेर की नाई इकट्ठा करता; वह गहिरे सागर को अपने भण्डार में रखता है।। सारी पृथ्वी के लोग यहोवा से डरें, जगत के सब निवासी उसका भय मानें! क्योंकि जब उस ने कहा, तब हो गया; जब उस ने आज्ञा दी, तब वास्तव में वैसा ही हो गया।।
- Genesis 1:1–2 उत्पत्ति 1:1–2आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। और पृथ्वी बेडौल और सुनसान पड़ी थी; और गहरे जल के ऊपर अन्धियारा था: तथा परमेश्वर का आत्मा जल के ऊपर मण्डलाता था।
- Jeremiah 10:11–13 यिर्मयाह 10:11–13तुम उन से यह कहना, ये देवता जिन्हों ने आकाश और पृथ्वी को नहीं बनाया वे पृथ्वी के ऊपर से और आकाश के नीचे से नष्ट हो जाएंगे। उसी ने पृथ्वी को अपनी सामर्थ से बनाया, उस ने जगत को अपनी बुध्दि से स्थिर किया, और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है। जब वह बोलता है तब आकाश में जल का बड़ा शब्द होता है, और पृथ्वी की छोर से वह कुहरे को उठाता है। वह वर्षा के लिये बिजली चमकाता, और अपने भणडार में से पवन चलाता है।
- Amos 9:6 आमोस 9:6जो आकाश में अपनी कोठरियां बनाता, और अपने आकाशमण्डल की नेव पृथ्वी पर डालता, और समुद्र का जल घरती पर बहा देता है, उसी का नाम यहोवा है।।
- Psalm 95:5 भजन संहिता 95:5समुद्र उसका है, और उसी ने उसको बनाया, और स्थल भी उसी के हाथ का रख है।।