Psalms · chapter 29 · verse 9
Psalm 29:9 in Hindi
यहोवा की वाणी से हरिणियों का गर्भपात हो जाता है। और अरण्य में पतझड़ होती है; और उसके मन्दिर में सब कोई महिमा ही महिमा बोलता रहता है।।
Yahovaa kee vaanee se hariniyom kaa garbhapaat ho jaataa hai. Aur arany mem patajhad hotee hai; aur usake mandir mem sab koee mahimaa hee mahimaa bolataa rahataa hai..
Psalm 29:9 in English
- King James Version (KJV)
- The voice of the LORD maketh the hinds to calve, and discovereth the forests: and in his temple doth every one speak of [his] glory.
- World English Bible (WEB)
- The LORD’s voice makes the deer calve, and strips the forests bare. In his temple everything says, “Glory!”
- American Standard Version (ASV)
- The voice of Jehovah maketh the hinds to calve, And strippeth the forests bare: And in his temple everything saith, Glory.
- Bible in Basic English (BBE)
- At the voice of the Lord the roes give birth, the leaves are taken from the trees: in his Temple everything says, Glory.
- Darby Translation (DBY)
- The voice of Jehovah maketh the hinds to calve, and layeth bare the forests; and in his temple doth every one say, Glory!
- Webster's Bible (WBS)
- The voice of the LORD maketh the hinds to calve, and maketh bare the forests: and in his temple doth every one speak of [his] glory.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The voice of Jehovah paineth the oaks, And maketh bare the forests, And in His temple every one saith, 'Glory.'
Read in context
- 7यहोवा की वाणी आग की लपटों को चीरती है।
- 8यहोवा की वाणी वन को हिला देती है, यहोवा कादेश के वन को भी कंपाता है।।
- 9यहोवा की वाणी से हरिणियों का गर्भपात हो जाता है। और अरण्य में पतझड़ होती है; और उसके मन्दिर में सब कोई महिमा ही महिमा बोलता रहता है।।
- 10जलप्रलय के समय यहोवा विराजमान था; और यहोवा सर्वदा के लिये राजा होकर विराजमान रहता है।
- 11यहोवा अपनी प्रजा को बल देगा; यहोवा अपनी प्रजा को शान्ति की आशीष देगा।।
Cross references
- Psalm 46:2–5 भजन संहिता 46:2–5इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं; चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठे।। एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात् परमप्रधान के पवित्रा निवास भवन में आनन्द होता है। परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
- Job 39:1–3 अय्यूब 39:1–3क्या तू जानता है कि पहाड़ पर की जंगली बकरियां कब बच्चे देती हैं? वा जब हरिणियां बियाती हैं, तब क्या तू देखता रहता है? क्या तू उनके महीने गिन सकता है, क्या तू उनके बियाने का समय जानता है? जब वे बैठकर अपने बच्चों को जनतीं, वे अपनी पीड़ों से छूट जाती हैं?
- Psalm 26:8 भजन संहिता 26:8और तेरे सब आश्चर्यकर्मों का वर्णन करूं।। हे यहोवा, मैं तेरे धाम से तेरी महिमा के निवासस्थान से प्रीति रखता हूं।
- Ezekiel 20:46–48 यहेजकेल 20:46–48हे मनुष्य के सन्तान, अपना मुख दक्खिन की ओर कर, दक्खिन की ओर वचन सुना, और दक्खिन देश के वन के विषय में भविष्यद्वाणी कर; और दक्खिन देश के वन से कह, यहोवा का यह वचन सुन, प्रभु यहोवा यों कहता हेै, मैं तुझ में आग लगाऊंगा, और तुझ में क्या हरे, क्या सूखे, जितने पेड़ हैं, सब को वह भस्म करेगी; असकी धधकती ज्वाला न बुझेगी, और उसके कारण दक्खिन से उत्तर तक सब के मुख झुलस जाएंगे। तब सब प्राणियों को सूझ पड़ेगा कि वह आग यहोवा की लगाई हुई है; और वह कभी न बुझेगी।
- Psalm 48:9 भजन संहिता 48:9हे परमेश्वर हम ने तेरे मन्दिर के भीतर तेरी करूणा पर ध्यान किया है।
- Isaiah 9:18 यशायाह 9:18क्योंकि दुष्टता आग की नाई धधकती है, वह ऊंटकटारों और कांटों को भस्म करती है, वरन वह घने वन की झाड़ियों में आग लगाती है और वह धुंआ में चकरा चकराकर ऊपर की ओर उठती है।
- Isaiah 10:18–19 यशायाह 10:18–19और जैसे रोगी के क्षीण हो जाने पर उसकी दशा होती है वैसी ही वह उसके वन और फलदाई बारी की शोभा पूरी रीति से नाश करेगा। उस वन के वृक्ष इतने थोड़े रह जाएंगे कि लड़का भी उनको गिन कर लिख लेगा।।
- Psalm 134:1–2 भजन संहिता 134:1–2हे यहोवा के सब सेवको, सुनो, तुम जो रात रात को यहोवा के भवन में खड़े रहते हो, यहोवा को धन्य कहो। अपने हाथ पवित्रास्थान में उठाकर, यहोवा को धन्य कहो।
- Psalm 135:1–2 भजन संहिता 135:1–2याह की स्तुति करो, यहोवा के नाम की स्तुति करो, हे यहोवा के सेवको तुम स्तुति करो, तुम जो यहोवा के भवन में, अर्थात् हमारे परमेश्वर के भवन के आंगनों में खड़े रहते हो!
- Psalm 63:2 भजन संहिता 63:2इस प्रकार से मैं ने पवित्रास्थान में तुझ पर दृष्टि की, कि तेरी सामर्थ्य और महिमा को देखूं।