Psalms · chapter 34 · verse 13
Psalm 34:13 in Hindi
अपनी जीभ को बुराई से रोक रख, और अपने मुंह की चौकसी कर कि उस से छल की बात न निकले।
Apanee jeebh ko buraaee se rok rakh, aur apane munh kee chaukasee kar ki us se chhal kee baat na nikale.
Psalm 34:13 in English
- King James Version (KJV)
- Keep thy tongue from evil, and thy lips from speaking guile.
- World English Bible (WEB)
- Keep your tongue from evil, and your lips from speaking lies.
- American Standard Version (ASV)
- Keep thy tongue from evil, And thy lips from speaking guile.
- Bible in Basic English (BBE)
- Keep your tongue from evil, and your lips from words of deceit.
- Darby Translation (DBY)
- Keep thy tongue from evil, and thy lips from speaking guile;
- Webster's Bible (WBS)
- Keep thy tongue from evil, and thy lips from speaking guile.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Keep thy tongue from evil, And thy lips from speaking deceit.
Read in context
- 11हे लड़कों, आओ, मेरी सुनो, मैं तुम को यहोवा का भय मानना सिखाऊंगा।
- 12वह कौन मनुष्य है जो जीवन की इच्छा रखता, और दीर्घायु चाहता है ताकि भलाई देखे?
- 13अपनी जीभ को बुराई से रोक रख, और अपने मुंह की चौकसी कर कि उस से छल की बात न निकले।
- 14बुराई को छोड़ और भलाई कर; मेल को ढूंढ और उसी का पीछा कर।।
- 15यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं।
Cross references
- James 3:5–10 याकूब 3:5–10वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े बन में आग लग जाती है। जीभ भी एक आग है: भी हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है। क्योंकि हर प्रकार के बन- पशु, पक्षी, और रेंगनेवाले जन्तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं। पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रूकती ही नहीं; वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है। इसी से हम प्रभु और पिता की स्तुति करते हैं; और इसी से मनुष्यों को जो परमेश्वर के स्वरूप में उत्पन्न हुए हैं स्राप देते हैं। एक ही मुंह से धन्यवाद और स्राप दोनों निकलते हैं।
- Psalm 141:3 भजन संहिता 141:3हे हयोवा, मेरे मुख का पहरा बैठा, मेरे हाठों के द्वार पर रखवाली कर!
- Proverbs 21:23 नीतिवचन 21:23जो अपने मुंह को वश में रखता है वह अपने प्राण को विपत्तियों से बचाता है।
- 1 Peter 2:22 1 पतरस 2:22न तो उस ने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली।
- James 1:26 याकूब 1:26यदि कोई अपने आप को भक्त समझे, और अपनी जीभ पर लगाम न दे, पर अपने हृदय को धोखा दे, तो उस की भक्ति व्यर्थ है।
- James 1:19 याकूब 1:19हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो।
- Colossians 3:9 कुलुस्सियों 3:9एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्व को उसके कामों समेत उतार डाला है।
- Proverbs 13:3 नीतिवचन 13:3जो अपने मुंह की चौकसी करता है, वह अपने प्राण की रक्षा करता है, परन्तु जो गाल बजाता उसका विनाश जो जाता है।
- James 3:2 याकूब 3:2इसलिये कि हम सब बहुत बार चूक जाते हैं: जो कोई वचन में नहीं चूकता, वही तो सिद्ध मनुष्य है; और सारी देह पर भी लगाम लगा सकता है।
- Psalm 39:1 भजन संहिता 39:1मैं ने कहा, मैं अपनी चालचलन में चौकसी करूंगा, ताकि मेरी जीभ से पाप न हो; जब तक दुष्ट मेरे साम्हने है, तब तक मैं लगाम लगाए अपना मुंह बन्द किए रहूंगा।
- Matthew 12:35–37 मत्ती 12:35–37भला, मनुष्य मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है। और मै तुम से कहता हूं, कि जो जो निकम्मी बातें मनुष्य कहेंगे, न्याय के दिन हर एक बात का लेखा देंगे। क्योंकि तू अपनी बातों के कारण निर्दोष और अपनी बातों ही के कारण दोषी ठहराया जाएगा।।
- Proverbs 12:22 नीतिवचन 12:22झूठों से यहोवा को घृणा आती है परन्तु जो विश्वास से काम करते हैं, उन से वह प्रसन्न होता है।