Psalms · chapter 57 · verse 10
Psalm 57:10 in Hindi
क्योंकि तेरी करूणा स्वर्ग तक बड़ी है, और तेरी सच्चाई आकाशमण्डल तक पहुंचती है।।
Kyonki teree karoonaa svarg tak badee hai, aur teree sachchaaee aakaashamandal tak pahunchatee hai..
Psalm 57:10 in English
- King James Version (KJV)
- For thy mercy [is] great unto the heavens, and thy truth unto the clouds.
- World English Bible (WEB)
- For your great loving kindness reaches to the heavens, and your truth to the skies.
- American Standard Version (ASV)
- For thy lovingkindness is great unto the heavens, And thy truth unto the skies.
- Bible in Basic English (BBE)
- For your mercy is great, stretching up to the heavens, and your righteousness goes up to the clouds.
- Darby Translation (DBY)
- For thy loving-kindness is great unto the heavens, and thy truth unto the clouds.
- Webster's Bible (WBS)
- For thy mercy [is] great to the heavens, and thy truth to the clouds.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For great unto the heavens [is] Thy kindness, And unto the clouds Thy truth.
Read in context
- 8हे मेरी आत्मा जाग जा! हे सारंगी और वीणा जाग जाओ। मैं भी पौ फटते ही जाग उठूंगा।
- 9हे प्रभु, मैं देश के लोगों के बीच तेरा धन्यवाद करूंगा; मैं राज्य राज्य के लोगों के बीच में तेरा भजन गाऊंगा।
- 10क्योंकि तेरी करूणा स्वर्ग तक बड़ी है, और तेरी सच्चाई आकाशमण्डल तक पहुंचती है।।
- 11हे परमेश्वर, तू स्वर्ग के ऊपर अति महान है! तेरी महिमा सारी पृथ्वी के ऊपर फैल जाए!
Cross references
- Psalm 108:4 भजन संहिता 108:4क्योंकि तेरी करूणा आकाश से भी ऊंची है, और तेरी सच्चाई आकाशमण्डल तक है।।
- Psalm 103:11 भजन संहिता 103:11जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।
- Psalm 36:5 भजन संहिता 36:5हे यहोवा तेरी करूणा स्वर्ग में है, तेरी सच्चाई आकाशमण्डल तक पहुंची है।
- Isaiah 54:7–10 यशायाह 54:7–10क्षण भर ही के लिये मैं ने तुझे छोड़ दिया था, परन्तु अब बड़ी दया कर के मैं फिर तुझे रख लूंगा। क्रोध के झकोरे में आकर मैं ने पल भर के लिये तुझ से मुंह छिपाया था, परन्तु अब अनन्त करूणा से मैं तुझ पर दया करूंगा, तेरे छुड़ाने वाले यहोवा का यही वचन है। यह मेरी दृष्टि में नूह के समय के जलप्रलय के समान है; क्योंकि जैसे मैं ने शपथ खाई थी कि नूह के समय के जलप्रलय से पृथ्वी फिर न डूबेगी, वैसे ही मैं ने यह भी शपथ खाई है कि फिर कभी तुझ पर क्रोध न करूंगा और न तुझ को धमकी दूंगा। चाहे पहाड़ हट जाएं और पहाडिय़ां टल जाएं, तौभी मेरी करूणा तुझ पर से कभी न हटेगी, और मेरी शान्तिदायक वाचा न टलेगी, यहोवा, जो तुझ पर दया करता है, उसका यही वचन है॥
- Psalm 71:19 भजन संहिता 71:19और हे परमेश्वर, तेरा धर्म अति महान है।। तू जिस ने महाकार्य किए हैं, हे परमेवर तेरे तुल्य कौन है?
- Hebrews 6:17–18 इब्रानियों 6:17–18इसलिये जब परमेश्वर ने प्रतिज्ञा के वारिसों पर और भी साफ रीति से प्रगट करना चाहा, कि उसकी मनसा बदल नहीं सकती तो शपथ को बीच में लाया। ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें।
- Psalm 85:10–11 भजन संहिता 85:10–11करूणा और सच्चाई आपस में मिल गई हैं; धर्म और मेल ने आपस में चुम्बन किया हैं। पृथ्वी में से सच्चाई उगती और स्वर्ग से धर्म झुकता है।
- Psalm 89:1–2 भजन संहिता 89:1–2मैं यहोवा की सारी करूणा के विषय सदा गाता रहूंगा; मैं तेरी सच्चाई पीढ़ी पीढ़ी तक जताता रहूंगा। क्योंकि मैं ने कहा है, तेरी करूणा सदा बनी रहेगी, तू स्वर्ग में अपनी सच्चाई को स्थिर रखेगा।