Psalms · chapter 37 · verse 2
Psalm 37:2 in Hindi
क्योंकि वे घास की नाई झट कट जाएंगे, और हरी घास की नाई मुर्झा जाएंगे।
Kyonki ve ghaas kee naaee jhat kat jaaenge, aur haree ghaas kee naaee murjhaa jaaenge.
Psalm 37:2 in English
- King James Version (KJV)
- For they shall soon be cut down like the grass, and wither as the green herb.
- World English Bible (WEB)
- For they shall soon be cut down like the grass, and wither like the green herb.
- American Standard Version (ASV)
- For they shall soon be cut down like the grass, And wither as the green herb.
- Bible in Basic English (BBE)
- For they will quickly be cut down like grass, and become dry like the green plants.
- Darby Translation (DBY)
- for they shall soon be cut down like the grass, and fade as the green herb.
- Webster's Bible (WBS)
- For they shall soon be cut down like the grass, and wither as the green herb.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For as grass speedily they are cut off, And as the greenness of the tender grass do fade.
Read in context
- 1कुकर्मियों के कारण मत कुढ़, कुटिल काम करनेवालों के विषय डाह न कर!
- 2क्योंकि वे घास की नाई झट कट जाएंगे, और हरी घास की नाई मुर्झा जाएंगे।
- 3यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह।
- 4यहोवा को अपने सुख का मूल जान, और वह तेरे मनोरथों को मूरा करेगा।।
Cross references
- Psalm 92:7 भजन संहिता 92:7कि दुष्ट जो घास की नाईं फूलते- फलते हैं, और सब अनर्थकारी जो प्रफुल्लित होते हैं, यह इसलिये होता है, कि वे सर्वदा के लिये नाश हो जाएं,
- Psalm 90:5–6 भजन संहिता 90:5–6तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़नेवाली घास के समान होते हैं। वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक काटकर मुर्झा जाती है।।
- James 1:10–11 याकूब 1:10–11और धनवान अपनी नीच दशा पर: क्योंकि वह घास के फूल की नाई जाता रहेगा। क्योंकि सूर्य उदय होते ही कड़ी धूप पड़ती है और घास को सुखा देती है, और उसका फूल झड़ जाता है, और उस की शोभा जाती रहती है; उसी प्रकार धनवान भी अपने मार्ग पर चलते चलते धूल में मिल जाएगा।
- Psalm 37:35–36 भजन संहिता 37:35–36मैं ने दुष्ट को बड़ा पराक्रमी और ऐसा फैलता हुए देखा, जैसा कोई हरा पेड़ अपने निज भूमि में फैलता है। परन्तु जब कोई उधर से गया तो देखा कि वह वहां है ही नहीं; और मैं ने भी उसे ढूंढ़ा, परन्तु कहीं न पाया।।
- Job 14:2 अय्यूब 14:2वह फूल की नाई खिलता, फिर तोड़ा जाता हे; वह छाया की रीति पर ढल जाता, और कहीं ठहरता नहीं।
- Job 20:5–9 अय्यूब 20:5–9कि दुष्टों का ताली बजाना जल्दी बन्द हो जाता और भक्तिहीनों का आनन्द पल भर का होता है? चाहे ऐसे मनुष्य का माहात्म्य आकाश तक पहुंच जाए, और उसका सिर बादलों तक पहुंचे, तौभी वह अपनी विष्ठा की नाई सदा के लिये नाश हो जाएगा; और जो उसको देखते थे वे पूछेंगे कि वह कहां रहा? वह स्वप्न की नाई लोप हो जाएगा और किसी को फिर न मिलेगा; रात में देखे हुए रूप की नाई वह रहने न पाएगा। जिस ने उसको देखा हो फिर उसे न देखेगा, और अपने स्थान पर उसका कुछ पता न रहेगा।
- 1 Peter 1:24 1 पतरस 1:24क्योंकि हर एक प्राणी घास की नाईं है, और उस की सारी शोभा घास के फूल की नाईं है: घास सूख जाती है, और फूल झड़ जाता है।
- Psalm 73:17–20 भजन संहिता 73:17–20जब तक कि मैं ने ईश्वर के पवित्रा स्थान में जाकर उन लोगों के परिणाम को न सोचा। निश्चय तू उन्हें फिसलनेवाले स्थानों में रखता है; और गिराकर सत्यानाश कर देता है। अहा, वे क्षण भर में कैसे उजड़ गए हैं! वे मिट गए, वे घबराते घबराते नाश हो गए हैं। जैसे जागनेहारा स्वप्न को तुच्छ जानता है, वैसे ही हे प्रभु जब तू उठेगा, तब उनको छाया से समझकर तुच्छ जानेगा।।
- Psalm 129:5–7 भजन संहिता 129:5–7जितने सिरयोन से बैर रखते हैं, उन सभों की आशा टूटे, ओर उनको पीछे हटना पड़े! वे छत पर की घास के समान हों, जो बढ़ने से पहिले सूख जाती है; जिस से कोई लवैया अपनी मुट्ठी नहीं भरता, न पूलियों का कोई बान्धनेवाला अपनी अंकवार भर पाता है,