Psalms · chapter 37 · verse 26
Psalm 37:26 in Hindi
वह तो दिन भर अनुग्रह कर करके ऋण देता है, और उसके वंश पर आशीष फलती रहती है।।
Vah to din bhar anugrah kar karake run detaa hai, aur usake vansh par aasheesh phalatee rahatee hai..
Psalm 37:26 in English
- King James Version (KJV)
- [He is] ever merciful, and lendeth; and his seed [is] blessed.
- World English Bible (WEB)
- All day long he deals graciously, and lends. His offspring is blessed.
- American Standard Version (ASV)
- All the day long he dealeth graciously, and lendeth; And his seed is blessed.
- Bible in Basic English (BBE)
- All the day he is ready to have mercy and to give; his children are a blessing.
- Darby Translation (DBY)
- all the day he is gracious and lendeth, and his seed shall be a blessing.
- Webster's Bible (WBS)
- [He is] ever merciful, and lendeth; and his seed [is] blessed.
- Young's Literal Translation (YLT)
- All the day he is gracious and lending, And his seed [is] for a blessing.
Read in context
- 24चाहे वह गिरे तौभी पड़ा न रह जाएगा, क्योंकि यहोवा उसका हाथ थांभे रहता है।।
- 25मैं लड़कपन से लेकर बुढ़ापे तक देखता आया हूं; परन्तु न तो कभी धर्मी को त्यागा हुआ, और न उसके वंश को टुकड़े मांगते देखा है।
- 26वह तो दिन भर अनुग्रह कर करके ऋण देता है, और उसके वंश पर आशीष फलती रहती है।।
- 27बुराई को छोड़ भलाई कर; और तू सर्वदा बना रहेगा।
- 28क्योंकि यहोवा न्याय से प्रीति रखता; और अपने भक्तों को न तजेगा। उनकी तो रक्षा सदा होती है, परन्तु दुष्टों का वंश काट डाला जाएगा।
Cross references
- Psalm 112:5 भजन संहिता 112:5जो पुरूष अनुग्रह करता और उधार देता है, उसका कल्याण होता है, वह न्याय में अपने मुक में को जीतेगा।
- Psalm 37:21 भजन संहिता 37:21दुष्ट ऋण लेता है, और भरता नहीं परनतु धर्मीं अनुग्रह करके दान देता है;
- Matthew 5:7 मत्ती 5:7धन्य हैं वे, जिन के मन शुद्ध हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे।
- Proverbs 20:7 नीतिवचन 20:7धर्मी जो खराई से चलता रहता है, उसके पीछे उसके लड़केबाले धन्य होते हैं।
- Psalm 112:9 भजन संहिता 112:9उस ने उदारता से दरिद्रों को दान दिया, उसका धर्म सदा बना रहेगा और उसका सींग महिमा के साथ ऊंचा किया जाएगा।
- Deuteronomy 15:8–10 व्यवस्थाविवरण 15:8–10जिस वस्तु की घटी उसको हो, उसका जितना प्रयोजन हो उतना अवश्य अपना हाथ ढीला करके उसको उधार देना। सचेत रह कि तेरे मन में ऐसी अधम चिन्ता न समाए, कि सातवां वर्ष जो छुटकारे का वर्ष है वह निकट है, और अपनी दृष्टि तू अपने उस दरिद्र भाई की ओर से क्रूर करके उसे कुछ न दे, तो यह तेरे लिये पाप ठहरेगा। तू उसको अवश्य देना, और उसे देते समय तेरे मन को बुरा न लगे; क्योकि इसी बात के कारण तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे सब कामों में जिन में तू अपना हाथ लगाएगा तुझे आशीष देगा।
- Luke 6:35–38 लूका 6:35–38बरन अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो: और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। जैसा तुम्हारा पिता दयावन्त है, वैसे ही तुम भी दयावन्त बनो। दोष मत लगाओ; तो तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा: दोषी न ठहराओ, तो तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे: क्षमा करो, तो तुम्हारी भी क्षमा की जाएगी। दिया करो, तो तुम्हें भी दिया जाएगा: लोग पूरा नाम दबा दबाकर और हिला हिलाकर और उभरता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे, क्योंकि जिस नाम से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा।।
- Jeremiah 32:39 यिर्मयाह 32:39मैं उन को एक ही मन और एक ही चाल कर दूंगा कि वे सदा मेरा भय मानते रहें, जिस से उनका और उनके बाद उनके वंश का भी भला हो।
- Psalm 147:13 भजन संहिता 147:13क्योंकि उस ने तेरे फाटकों के खम्भों को दृढ़ किया है; और तेरे लड़के बालों को आशीष दी है।