Psalms · chapter 40 · verse 16
Psalm 40:16 in Hindi
परन्तु जितने तुझे ढूंढ़ते हैं, वह सब तेरे कारण हर्षित औश्र आनन्दित हों; जो तेरा किया हुआ उद्धार चाहते हैं, वे निरन्तर कहते रहें, यहोवा की बड़ाई हो!
Parantu jitane tujhe dhoondhate haim, vah sab tere kaaran harshit aushr aanandit hom; jo teraa kiyaa huaa uddhaar chaahate haim, ve nirantar kahate rahem, yahovaa kee badaaee ho!
Psalm 40:16 in English
- King James Version (KJV)
- Let all those that seek thee rejoice and be glad in thee: let such as love thy salvation say continually, The LORD be magnified.
- World English Bible (WEB)
- Let all those who seek you rejoice and be glad in you. Let such as love your salvation say continually, “Let the LORD be exalted!”
- American Standard Version (ASV)
- Let all those that seek thee rejoice and be glad in thee: Let such as love thy salvation say continually, Jehovah be magnified.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let all those who are looking for you be glad and have joy in you; let the lovers of your salvation ever say, May the Lord be great.
- Darby Translation (DBY)
- Let all those that seek thee be glad and rejoice in thee; let such as love thy salvation say continually, Jehovah be magnified!
- Webster's Bible (WBS)
- Let all those that seek thee rejoice and be glad in thee: let such as love thy salvation say continually, The LORD be magnified.
- Young's Literal Translation (YLT)
- All seeking Thee rejoice and are glad in Thee, Those loving Thy salvation say continually, 'Jehovah is magnified.'
Read in context
- 14जो मेरे प्राण की खोज में हैं, वे सब लज्जित हों; और उनके मुंह काले हों और वे पीछे हटाए और निरादर किए जाएं जो मेरी हाति से प्रसन्न होते हैं।
- 15जो मुझ से आहा, आहा, कहते हैं, वे अपनी लज्जा के मारे विस्मित हों।।
- 16परन्तु जितने तुझे ढूंढ़ते हैं, वह सब तेरे कारण हर्षित औश्र आनन्दित हों; जो तेरा किया हुआ उद्धार चाहते हैं, वे निरन्तर कहते रहें, यहोवा की बड़ाई हो!
- 17मैं तो दीन और दरिद्र हूं, तौभी प्रभु मेरी चिन्ता करता है। तू मेरा सहायक और छुड़ानेवाला है; हे मेरे परमेश्वर विलम्ब न कर।।
Cross references
- Psalm 35:27 भजन संहिता 35:27जो मेरे धर्म से प्रसन्न रहते हैं, वह जयजयकार और आनन्द करें, और निरन्तर करते रहें, यहोवा की बड़ाई हो, जो अपने दास के कुशल से प्रसन्न होता है!
- Psalm 68:3 भजन संहिता 68:3परन्तु धर्मी आनन्दित हों; वे परमेश्वर के साम्हने प्रफुल्लित हों; वे आनन्द से मगन हों!
- Acts 19:17 प्रेरितों के काम 19:17और यह बात इफिसुस के रहनेवाले यहूदी और यूनानी भी सब जान गए, और उन सब पर भय छा गया; और प्रभु यीशु के नाम की बड़ाई हुई।
- Psalm 119:123 भजन संहिता 119:123मेरी आंखें तुझ से उद्धार पाने, और तेरे धर्ममय वचन के पूरे होने की बाट जोहते जोहते रह गई हैं।
- Isaiah 65:13–14 यशायाह 65:13–14इस कारण प्रभु यहोवा यों कहता है, देखो, मेरे दास तो खाएंगे, पर तुम भूखे रहोगे; मेरे दास पीएंगे, पर तुम प्यासे रहोगे; मेरे दास आनन्द करेंगे, पर तुम लज्जित होगे; देखो, मेरे दास हर्ष के मारे जयजयकार करेंगे, परन्तु तुम शोक से चिल्लाओगे और खेद के मारे हाय हाय, करोगे।
- Psalm 105:3 भजन संहिता 105:3उसके पवित्रा नाम की बढ़ाई करो; यहोवा के खोजियों का हृदय आनन्दित हो!
- Luke 1:46–47 लूका 1:46–47तब मरियम ने कहा, मेरा प्राण प्रभु की बड़ाई करता है। और मेरी आत्मा मेरे उद्धार करनेवाले परमेश्वर से आनन्दित हुई।
- Psalm 22:26 भजन संहिता 22:26नम्र लोग भोजन करके तृप्त होंगे; जो यहोवा के खोजी हैं, वे उसकी स्तुति करेंगे। तुम्हारे प्राण सर्वदा जीवित रहें!
- Philippians 3:7–9 फिलिप्पियों 3:7–9परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है। बरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं। और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धार्मिकता के साथ, जो व्यवस्था से है, बरन उस धार्मिकता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।
- Matthew 13:45–46 मत्ती 13:45–46फिर स्वर्ग का राज्य एक व्योपारी के समान है जो अच्छे मोतियों की खोज में था। जब उसे एक बहुमूल्य मोती मिला तो उस ने जाकर अपना सब कुछ बेच डाला और उसे मोल ले लिया।।
- Psalm 119:166–167 भजन संहिता 119:166–167हे यहोवा, मैं तुझ से उद्धार पाने की आशा रखता हूं; और तेरी आज्ञाओं पर चलता आया हूं। मैं तेरी चितौनियों को जी से मानता हूं, और उन से बहुत प्रीति रखता आया हूं।
- Psalm 119:111 भजन संहिता 119:111मैं ने तेरी चितौनियों को सदा के लिये अपना निज भाग कर लिया है, क्योंकि वे मेरे हृदय के हर्ष का कारण है।