Psalms · chapter 52 · verse 4
Psalm 52:4 in Hindi
हे छली जीभ तू सब विनाश करनेवाली बातों से प्रसन्न रहती है।।
He chhalee jeebh too sab vinaash karanevaalee baatom se prasann rahatee hai..
Psalm 52:4 in English
- King James Version (KJV)
- Thou lovest all devouring words, O [thou] deceitful tongue.
- World English Bible (WEB)
- You love all devouring words, you deceitful tongue.
- American Standard Version (ASV)
- Thou lovest all devouring words, O thou deceitful tongue.
- Bible in Basic English (BBE)
- Destruction is in all your words, O false tongue.
- Darby Translation (DBY)
- Thou hast loved all devouring words, O deceitful tongue!
- Webster's Bible (WBS)
- Thou lovest all devouring words, O [thou] deceitful tongue.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thou hast loved all devouring words, O thou deceitful tongue.
Read in context
- 2तेरी जीभ केवल दुष्टता गढ़ती है; सारे धरे हुए अस्तुरे की नाईं वह छल का काम करती है।
- 3तू भलाई से बढ़कर बुराई में और अधर्म की बात से बढ़कर झूठ से प्रीति रखता है।
- 4हे छली जीभ तू सब विनाश करनेवाली बातों से प्रसन्न रहती है।।
- 5हे ईश्वर तुझे सदा के लिये नाश कर देगा; वह तुझे पकड़कर तेरे डेरे से निकाल देगा; और जीवतों के लोक में तुझे उखाड़ डालेगा।
- 6तब धर्मी लोग इस घटना को देखकर डर जाएंगे, और यह कहकर उस पर हंसेंगे, कि
Cross references
- Psalm 120:3 भजन संहिता 120:3हे छली जीभ, तुझ को क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?
- James 3:6–9 याकूब 3:6–9जीभ भी एक आग है: भी हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है। क्योंकि हर प्रकार के बन- पशु, पक्षी, और रेंगनेवाले जन्तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं। पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रूकती ही नहीं; वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है। इसी से हम प्रभु और पिता की स्तुति करते हैं; और इसी से मनुष्यों को जो परमेश्वर के स्वरूप में उत्पन्न हुए हैं स्राप देते हैं।
- 1 Samuel 22:18–19 1 शमूएल 22:18–19तब राजा ने दोएग से कहा, तू मुड़कर याजकों को मार डाल। तब एदोमी दोएग ने मुड़कर याजकों को मारा, और उस दिन सनीवाला एपोद पहिने हुए पचासी पुरूषों को घात किया। और याजकों के नगर नोब को उस ने स्त्रियों- पुरूषों, और बालबच्चों, और दूधपिउवों, और बैलों, गदहों, और भेड़- बकरियों समेत तलवार से मारा।