Psalms · chapter 52 · verse 5
Psalm 52:5 in Hindi
हे ईश्वर तुझे सदा के लिये नाश कर देगा; वह तुझे पकड़कर तेरे डेरे से निकाल देगा; और जीवतों के लोक में तुझे उखाड़ डालेगा।
He eeshvar tujhe sadaa ke liye naash kar degaa; vah tujhe pakadakar tere dere se nikaal degaa; aur jeevatom ke lok mem tujhe ukhaad daalegaa.
Psalm 52:5 in English
- King James Version (KJV)
- God shall likewise destroy thee for ever, he shall take thee away, and pluck thee out of [thy] dwelling place, and root thee out of the land of the living. Selah.
- World English Bible (WEB)
- God will likewise destroy you forever. He will take you up, and pluck you out of your tent, and root you out of the land of the living. Selah.
- American Standard Version (ASV)
- God will likewise destroy thee for ever; He will take thee up, and pluck thee out of thy tent, And root thee out of the land of the living. [Selah
- Bible in Basic English (BBE)
- But God will put an end to you for ever; driving you out from your tent, uprooting you from the land of the living. (Selah.)
- Darby Translation (DBY)
- God shall likewise destroy thee for ever; he shall take thee away, and pluck thee out of [thy] tent, and root thee out of the land of the living. Selah.
- Webster's Bible (WBS)
- God shall likewise destroy thee for ever, he shall take thee away, and pluck thee out of [thy] dwelling-place, and root thee out of the land of the living. Selah.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Also — God doth break thee down for ever, Taketh thee, and pulleth thee out of the tent, And He hath uprooted thee Out of the land of the living. Selah.
Read in context
- 3तू भलाई से बढ़कर बुराई में और अधर्म की बात से बढ़कर झूठ से प्रीति रखता है।
- 4हे छली जीभ तू सब विनाश करनेवाली बातों से प्रसन्न रहती है।।
- 5हे ईश्वर तुझे सदा के लिये नाश कर देगा; वह तुझे पकड़कर तेरे डेरे से निकाल देगा; और जीवतों के लोक में तुझे उखाड़ डालेगा।
- 6तब धर्मी लोग इस घटना को देखकर डर जाएंगे, और यह कहकर उस पर हंसेंगे, कि
- 7देखो, यह वही पुरूष है जिस ने परमेश्वर को अपनी शरण नहीं माना, परन्तु अपने धन की बहुतायत पर भरोसा रखता था, और अपने को दुष्टता में दृढ़ करता रहा!
Cross references
- Proverbs 2:22 नीतिवचन 2:22दुष्ट लोग देश में से नाश होंगे, और विश्वासघाती उस में से उखाड़े जाएंगे।।
- Psalm 27:13 भजन संहिता 27:13यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूच्छित हो जाता।
- Revelation 21:8 प्रकाशितवाक्य 21:8पर डरपोकों, और अविश्वासियों, और घिनौनों, और हत्यारों, और व्यभिचारियों, और टोन्हों, और मूर्तिपूजकों, और सब झूठों का भाग उस झील में मिलेगा, जो आग और गन्धक से जलती रहती है: यह दूसरी मृत्यु है।।
- Proverbs 19:9 नीतिवचन 19:9झूठा साक्षी निर्दोष नहीं ठहरता, और जो झूठ बोला करता है, वह नाश होता है।
- Proverbs 12:19 नीतिवचन 12:19सच्चाई सदा बनी रहेगी, परन्तु झूढ पल ही भर का होता है।
- Isaiah 38:11 यशायाह 38:11मैं ने कहा, मैं याह को जीवितों की भूमि में फिर न देखने पाऊंगा; इस लोक के निवासियों को मैं फिर न देखूंगा।
- Job 18:14 अय्यूब 18:14अपने जिस डेरे का भरोसा वह करता है, उस से वह छीन लिया जाएगा; और वह भयंकरता के राजा के पास पहुंचाया जाएगा।
- Psalm 116:9 भजन संहिता 116:9मैं जीवित रहते हुए, अपने को यहोवा के साम्हने जानकर नित चलता रहूंगा।
- Psalm 120:2–4 भजन संहिता 120:2–4हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुंह से और छली जीभ से मेरी रक्षा कर।। हे छली जीभ, तुझ को क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए? वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!
- Psalm 140:9–11 भजन संहिता 140:9–11मेरे घेरनेवालों के सिर पर उन्हीं का विचारा हुआ उत्पात पड़े! उन पर अंगारे डाले जाएं! वे आग में गिरा दिए जाएं! और ऐसे गड़हों में गिरें, कि वे फिर उठ न सकें! बकवादी पृथ्वी पर स्थिर नहीं होने का; उपद्रवी पुरूष को गिराने के लिये बुराई उसका पीछा करेगी।।
- Luke 16:27–28 लूका 16:27–28उस ने कहा; तो हे पिता मैं तुझ से बिनती करता हूं, कि तू उसे मेरे पिता के घर भेज। क्योंकि मेरे पांच भाई हैं, वह उन के साम्हने इन बातों की गवाही दे, ऐसा न हो कि वे भी इस पीड़ा की जगह में आएं।
- Psalm 7:14–16 भजन संहिता 7:14–16देख दुष्ट को अनर्थ काम की पीड़ाएं हो रही हैं, उसको उत्पात का गर्भ है, और उस से झूठ उत्पन्न हुआ। उस ने गड़हा खोदकर उसे गहिरा किया, और जो खाई उस ने बनाई थी उस में वह आप ही गिरा। उसका उत्पात पलट कर उसी के सिर पर पडेगा; और उसका उपद्रव उसी के माथे पर पड़ेगा।।