Psalms · chapter 59 · verse 3
Psalm 59:3 in Hindi
क्योंकि देख, वे मेरी घात में लगे हैं; हे यहोवा, मेरा कोई दोष वा पाप नहीं है, तौभी बलवन्त लोग मेरे विरूद्ध इकट्ठे होते हैं।
Kyonki dekh, ve meree ghaat mem lage haim; he yahovaa, meraa koee dosh vaa paap naheem hai, taubhee balavant log mere virooddh ikatthe hote hain.
Psalm 59:3 in English
- King James Version (KJV)
- For, lo, they lie in wait for my soul: the mighty are gathered against me; not [for] my transgression, nor [for] my sin, O LORD.
- World English Bible (WEB)
- For, behold, they lie in wait for my soul. The mighty gather themselves together against me, not for my disobedience, nor for my sin, LORD.
- American Standard Version (ASV)
- For, lo, they lie in wait for my soul; The mighty gather themselves together against me: Not for my transgression, nor for my sin, O Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- For see, they are watching in secret for my soul; the strong have come together against me? but not because of my sin, or my evil-doing, O Lord.
- Darby Translation (DBY)
- For behold, they lie in wait for my soul; strong ones are gathered against me: not for my transgression, nor for my sin, O Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- For lo, they lie in wait for my soul: the mighty are gathered against me; not [for] my transgression, nor [for] my sin, O LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For, lo, they laid wait for my soul, Assembled against me are strong ones, Not my transgression nor my sin, O Jehovah.
Read in context
- 1हे मेरे परमेश्वर, मुझ को शत्रुओं से बचा, मुझे ऊंचे स्थान पर रखकर मेरे विरोधियों से बचा,
- 2मुझ को बुराई करनेवालों के हाथ से बचा, और हत्यारों से मेरा उद्वार कर।।
- 3क्योंकि देख, वे मेरी घात में लगे हैं; हे यहोवा, मेरा कोई दोष वा पाप नहीं है, तौभी बलवन्त लोग मेरे विरूद्ध इकट्ठे होते हैं।
- 4वह मुझ निर्दोष पर दौड़े दौड़कर लड़ने को तैयार हो जाते हैं।। मुझ से मिलने के लिये जाग उठ, और यह देख!
- 5हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, हे इस्राएल के परमेश्वर सब अन्यजातिवालों को दण्ड देने के लिये जाग; किसी विश्वासघाती अत्याचारी पर अनुग्रह न कर।।
Cross references
- Psalm 56:6 भजन संहिता 56:6वे सब मिलकर इकट्ठे होते हैं और छिपकर बैठते हैं; वे मेरे कदमों को देखते भालते हैं मानों वे मेरे प्राणों की घात में ताक लगाए बैठें हों।
- Psalm 69:4 भजन संहिता 69:4जो अकारण मेरे बैरी हैं, वे गिनती में मेरे सिर के बालों से अधिक हैं; मेरे विनाश करनेवाले जो व्यर्थ मेरे शत्रु हैं, वे सामर्थीं हैं, इसलिये जो मैं ने लूटा नहीं वह भी मुझ को देना पड़ा है।
- 1 Samuel 24:11 1 शमूएल 24:11फिर, हे मेरे पिता, देख, अपने बागे की छोर मेरे हाथ में देख; मैं ने तेरे बागे की छोर तो काट ली, परन्तु तुझे घात न किया; इस से निश्चय करके जान ले, कि मेरे मन में कोई बुराई वा अपराध का सोच नहीं है। और मैं ने तेरा कुछ अपराध नहीं किया, परन्तु तू मेरे प्राण लेने को मानो उसका अहेर करता रहता है।
- John 15:25 यूहन्ना 15:25और यह इसलिये हुआ, कि वहि वचन पूरा हो, जो उन की व्यवस्था में लिखा है, कि उन्हों ने मुझ से व्यर्थ बैर किया।
- Proverbs 12:6 नीतिवचन 12:6दुष्टों की बातचीत हत्या करने के लिये घात लगाने के विषय में होती है, परन्तु सीधे लोग अपने मुंह की बात के द्वारा छुड़ानेवाले होते हैं।
- Psalm 37:32–33 भजन संहिता 37:32–33दुष्ट धर्मी की ताक में रहता है। और उसके मार डालने का यत्न करता है। यहोवा उसको उसके हाथ में न छोड़ेगा, और जब उसका विचार किया जाए तब वह उसे दोषी न ठहराएगा।।
- Micah 7:2 मीका 7:2भक्त लोग पृथ्वी पर से नाश हो गए हैं, और मनुष्यों में एक भी सीधा नहीं जन नहीं रहा; वे सब के सब हत्या के लिये घात लगाते, और जाल लगाकर अपने अपने भाई का आहेर करते हैं।
- 1 Samuel 19:1 1 शमूएल 19:1और शाऊल ने अपने पुत्रा योनातन और अपने सब कर्मचारियों से दाऊद को मार डालने की चर्चा की। परन्तु शाऊल का पुत्रा योनातन दाऊद से बहुत प्रसन्न था।
- Psalm 2:2 भजन संहिता 2:2यहोवा के और उसके अभिषिक्त के विरूद्ध पृथ्वी के राजा मिलकर, और हाकिम आपस में सम्मति करके कहते हैं, कि
- 1 Samuel 24:17 1 शमूएल 24:17फिर उस ने दाऊद से कहा, तू मुझ से अधिक धर्मी है; तू ने तो मेरे साथ भलाई की है, परन्तु मैं ने तेरे साथ बुराई की।
- Psalm 38:12 भजन संहिता 38:12मेरे प्राण के ग्राहक मेरे लिये जाल बिछाते हैं, और मेरी हाति के यत्न करनेवाले दुष्टता की बातें बोलते, और दिन भर छल की युक्ति सोचते हैं।
- 1 Samuel 26:18 1 शमूएल 26:18फिर उस ने कहा, मेरा प्रभु अपने दास का पीछा क्यों करता है? मैं ने क्या किया है? और मुझ से कौन सी बुराई हुई है?