Psalms · chapter 65 · verse 12
Psalm 65:12 in Hindi
वे जंगल की चराइयों में पाए जाते हैं; और पहाड़ियां हर्ष का फेंटा बान्धे हुए है।।
Ve jangal kee charaaiyom mem paae jaate haim; aur pahaadiyaam harsh kaa phentaa baandhe hue hai..
Psalm 65:12 in English
- King James Version (KJV)
- They drop [upon] the pastures of the wilderness: and the little hills rejoice on every side.
- World English Bible (WEB)
- The wilderness grasslands overflow. The hills are clothed with gladness.
- American Standard Version (ASV)
- They drop upon the pastures of the wilderness; And the hills are girded with joy.
- Bible in Basic English (BBE)
- Falling on the grass of the waste land: and the little hills are glad on every side.
- Darby Translation (DBY)
- They drop upon the pastures of the wilderness, and the hills are girded with gladness.
- Webster's Bible (WBS)
- They drop [upon] the pastures of the wilderness: and the little hills rejoice on every side.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Drop do the pastures of a wilderness, And joy of the heights Thou girdest on.
Read in context
- 10तू रेघारियों को भली भांति सींचता है, और उनके बीच की मिट्टी को बैठाता है, तू भूमि को मेंह से नरम करता है, और उसकी उपज पर आशीष देता है।
- 11अपनी भलाई से भरे हुए वर्ष पर तू ने मानो मुकुट धर दिया है; तेरे मार्गों में उत्तम उत्तम पदार्थ पाए जाते हैं।
- 12वे जंगल की चराइयों में पाए जाते हैं; और पहाड़ियां हर्ष का फेंटा बान्धे हुए है।।
- 13चराइयां भेड़- बकरियों से भरी हुई हैं; और तराइयां अन्न से ढंपी हुई हैं, वे जयजयकार करतीं और गाती भी हैं।।
Cross references
- Job 38:26–27 अय्यूब 38:26–27कि निर्जन देश में और जंगल में जहां कोई मनुष्य नहीं रहता मेंह बरसाकर, उजाड़ ही उजाड़ देश को सींचे, और हरी घास उगाए?
- Joel 2:22 योएल 2:22हे मैदान के पशुओं, मत डरो, क्योंकि जंगल में चराई उगेगी, और वृक्ष फलने लेगेंगे; अंजीर का वृक्ष और दाखलता अपना अपना बल दिखाने लगेंगी।
- Psalm 104:10–13 भजन संहिता 104:10–13तू नालों में सोतों को बहाता है; वे पहाड़ों के बीच से बहते हैं, उन से मैदान के सब जीव- जन्तु जल पीते हैं; जंगली गदहे भी अपनी प्यास बुझा लेते हैं। उनके पास आकाश के पक्षी बसेरा करते, और डालियों के बीच में से बोलते हैं। तू अपनी अटारियों में से पहाड़ों को सींचता है तेरे कामों के फल से पृथ्वी तृप्त रहती है।।
- Isaiah 61:10–11 यशायाह 61:10–11मैं यहोवा के कारण अति आनन्दित होऊंगा, मेरा प्राण परमेश्वर के कारण मगन रहेगा; क्योंकि उस ने मुझे उद्धार के वस्त्रा पहिनाए, और धर्म की च र ऐसे ओढ़ा दी है जैसे दूल्हा फूलों की माला से अपने आपको सजाता और दुल्हिन अपने गहनों से अपना सिंगार करती है। क्योंकि जैसे भूमि अपनी उपज को उगाती, और बारी में जो कुछ बोया जाता है उसको वह उपजाती है, वैसे ही प्रभु यहोवा सब जातियों के साम्हने धार्मिकता और धन्यवाद को बढ़ाएगा।।
- Psalm 65:6 भजन संहिता 65:6तू जो पराक्रम का फेंटा कसे हुए, अपनी सामर्थ्य के पर्वतों को स्थिर करता है;
- Isaiah 55:9–13 यशायाह 55:9–13क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।। जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोलनेवाले को बीज और खानेवाले को रोटी मिलती है, उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सुफल करेगा।। क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाड़ियां गला खोलकर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे। तब भटकटैयों की सन्ती सनौवर उगेंगे; और बिच्छु पेड़ों की सन्ती मेंहदी उगेगी; और इस से यहोवा का नाम होगा, जो सदा का चिन्ह होगा और कभी न मिटेगा।