Psalms · chapter 78 · verse 42
Psalm 78:42 in Hindi
उन्होने न तो उसका भुजबल स्मरण किया, न वह दिन जब उस ने उनको द्रोही के वश से छुड़ाया था;
Unhone na to usakaa bhujabal smaran kiyaa, na vah din jab us ne unako drohee ke vash se chhudaayaa thaa;
Psalm 78:42 in English
- King James Version (KJV)
- They remembered not his hand, [nor] the day when he delivered them from the enemy.
- World English Bible (WEB)
- They didn’t remember his hand, nor the day when he redeemed them from the adversary;
- American Standard Version (ASV)
- They remembered not his hand, Nor the day when he redeemed them from the adversary;
- Bible in Basic English (BBE)
- They did not keep in mind the work of his hand, or the day when he took them from the power of their haters;
- Darby Translation (DBY)
- They remembered not his hand, the day when he delivered them from the oppressor,
- Webster's Bible (WBS)
- They remembered not his hand, [nor] the day when he delivered them from the enemy.
- Young's Literal Translation (YLT)
- They have not remembered His hand The day He ransomed them from the adversary.
Read in context
- 40उन्हों ने कितनी ही बार जंगल में उस से बलवा किया, और निर्जल देश में उसको उदास किया!
- 41वे बारबार ईश्वर की परीक्षा करते थे, और इस्त्राएल के पवित्रा को खेदित करते थे।
- 42उन्होने न तो उसका भुजबल स्मरण किया, न वह दिन जब उस ने उनको द्रोही के वश से छुड़ाया था;
- 43कि उस ने क्योंकर अपने चिन्ह मिस्त्रा में, और अपने चमत्कार सोअन के मैदान में किए थे।
- 44उस ने तो मिस्त्रियों की नहरों को लोहू बना डाला, और वे अपनी नदियों का जल पी न सके।
Cross references
- Judges 8:34 न्यायियों 8:34और इस्राएलियों ने अपने परमेश्वर यहोवा को, जिस ने उनको चारों ओर के सब शत्रुओं के हाथ से छुड़ाया था, स्मरण न रखा;
- Jeremiah 32:21 यिर्मयाह 32:21तू अपनी प्रजा इस्राएल को मिस्र देश में से चिन्हों और चमत्कारों और सामथीं हाथ और बढ़ाई हुई भुजा के द्वारा, और बड़े भयानक कामों के साथ निकाल लाया।
- Exodus 14:12 निर्गमन 14:12क्या हम तुझ से मि में यही बात न कहते रहे, कि हमें रहने दे कि हम मिस्त्रियों की सेवा करें? हमारे लिये जंगल में मरने से मिस्त्रियों कि सेवा करनी अच्छी थी।
- Psalm 78:11 भजन संहिता 78:11उन्हो ने उसके बड़े कामों को और जो आश्चर्यकर्म उस ने उनके साम्हने किए थे, उनको भुला दिया।
- Psalm 106:7–10 भजन संहिता 106:7–10मि में हमारे पुरखाओं ने तेरे आश्चर्यकर्मों पर मन नहीं लगाया, न तेरी अपार करूणा को स्मरण रखा; उन्हों ने समुद्र के तीर पर, अर्थात् लाल समुद्र के तीर पर बलवा किया। तौभी उस ने अपने नाम के निमित्त उनका उद्धार किया, जिस से वह अपने पराक्रम को प्रगट करे। तब उस ने लाल समुद्र को घुड़का और वह सूख गया; और वह उन्हें गहिरे जल के बीच से मानों जंगल में से निकाल ले गया। उस ने उन्हें बैरी के हाथ से उबारा, और शत्रु के हाथ से छुड़ा लिया।
- Psalm 136:10–15 भजन संहिता 136:10–15उस ने मिस्त्रियों के पहिलौठों को मारा, उसकी करूणा सदा की है।। और उनके बीच से इस्राएलियों को निकाला, उसकी करूणा सदा की है। बलवन्त हाथ और बढ़ाई हुई भुजा से निकाल लाया, उसकी करूणा सदा की है। उस ने लाल समुद्र को खण्ड खण्ड कर दिया, उसकी करूणा सदा की है। और इस्राएल को उसके बीच से पार कर दिया, उसकी करूणा सदा की है। और फिरौन को सेना समेत लाल समुद्र में डाल दिया, उसकी करूणा सदा की है।
- Exodus 13:9 निर्गमन 13:9फिर यह तुम्हारे लिये तुम्हारे हाथ में एक चिन्ह होगा, और तुम्हारी आंखों के साम्हने स्मरण करानेवाली वस्तु ठहरे; जिस से यहोवा की व्यवस्था तुम्हारे मुंह पर रहे: क्योंकि यहोवा ने तुम्हें अपने बलवन्त हाथों से मि से निकाला है।
- Isaiah 11:11 यशायाह 11:11उस समय प्रभु अपना हाथ दूसरी बार बढ़ाकर बचे हुओं को, जो उसकी प्रजा के रह गए हैं, अश्शूर से, मि से, पत्रोस से, कूश से, एलाम से, शिनार से, हमात से, और समुद्र के द्वीपों से मोल लेकर छुड़ाएगा।
- Psalm 78:21–22 भजन संहिता 78:21–22यहोवा सुनकर क्रोध से भर गया, तब याकूब के बीच आग लगी, और इस्त्राएल के विरूद्ध क्रोध भड़का; इसलिए कि उन्हों ने परमेश्वर पर विश्वास नहीं रखा था, न उसकी उठ्ठार करने की शक्ति पर भरोसा किया।
- Exodus 14:30–31 निर्गमन 14:30–31और यहोवा ने उस दिन इस्राएलियों को मिस्त्रियों के वश से इस प्रकार छुड़ाया; और इस्राएलियों ने मिस्त्रियों को समुद्र के तट पर मरे पड़े हुए देखा। और यहोवा ने मिस्त्रियों पर जो अपना पराक्रम दिखलाता था, उसको देखकर इस्राएलियों ने यहोवा का भय माना और यहोवा की और उसके दास मूसा की भी प्रतीति की।।