Psalms · chapter 106 · verse 7
Psalm 106:7 in Hindi
मि में हमारे पुरखाओं ने तेरे आश्चर्यकर्मों पर मन नहीं लगाया, न तेरी अपार करूणा को स्मरण रखा; उन्हों ने समुद्र के तीर पर, अर्थात् लाल समुद्र के तीर पर बलवा किया।
Mi mem hamaare purakhaaom ne tere aashcharyakarmom par man naheem lagaayaa, na teree apaar karoonaa ko smaran rakhaa; unhom ne samudr ke teer par, arthaat laal samudr ke teer par balavaa kiyaa.
Psalm 106:7 in English
- King James Version (KJV)
- Our fathers understood not thy wonders in Egypt; they remembered not the multitude of thy mercies; but provoked [him] at the sea, [even] at the Red sea.
- World English Bible (WEB)
- Our fathers didn’t understand your wonders in Egypt. They didn’t remember the multitude of your loving kindnesses, but were rebellious at the sea, even at the Red Sea.
- American Standard Version (ASV)
- Our fathers understood not thy wonders in Egypt; They remembered not the multitude of thy lovingkindnesses, But were rebellious at the sea, even at the Red Sea.
- Bible in Basic English (BBE)
- Our fathers did not give thought to your wonders in Egypt; they did not keep in memory the great number of your mercies, but gave you cause for wrath at the sea, even at the Red Sea.
- Darby Translation (DBY)
- Our fathers in Egypt considered not thy wondrous works; they remembered not the multitude of thy loving-kindnesses; but they rebelled at the sea, at the Red Sea.
- Webster's Bible (WBS)
- Our fathers understood not thy wonders in Egypt; they remembered not the multitude of thy mercies; but provoked [him] at the sea, [even] at the Red sea.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Our fathers in Egypt, Have not considered wisely Thy wonders, They have not remembered The abundance of Thy kind acts, And provoke by the sea, at the sea of Suph.
Read in context
- 5कि मैं तेरे चुने हुओं का कल्याण देखूं, और तेरी प्रजा के आनन्द में आनन्दित हो जाऊं; और तेरे निज भाग के संग बड़ाई करने पाऊं।।
- 6हम ने तो अपने पुरखाओं की नाईं पाप किया है; हम ने कुटिलता की, हम ने दुष्टता की है!
- 7मि में हमारे पुरखाओं ने तेरे आश्चर्यकर्मों पर मन नहीं लगाया, न तेरी अपार करूणा को स्मरण रखा; उन्हों ने समुद्र के तीर पर, अर्थात् लाल समुद्र के तीर पर बलवा किया।
- 8तौभी उस ने अपने नाम के निमित्त उनका उद्धार किया, जिस से वह अपने पराक्रम को प्रगट करे।
- 9तब उस ने लाल समुद्र को घुड़का और वह सूख गया; और वह उन्हें गहिरे जल के बीच से मानों जंगल में से निकाल ले गया।
Cross references
- Exodus 14:11–12 निर्गमन 14:11–12और वे मूसा से कहने लगे, क्या मि में कबरें न थीं जो तू हम को वहां से मरने के लिये जंगल में ले आया है? तू ने हम से यह क्या किया, कि हम को मि से निकाल लाया? क्या हम तुझ से मि में यही बात न कहते रहे, कि हमें रहने दे कि हम मिस्त्रियों की सेवा करें? हमारे लिये जंगल में मरने से मिस्त्रियों कि सेवा करनी अच्छी थी।
- Psalm 78:42 भजन संहिता 78:42उन्होने न तो उसका भुजबल स्मरण किया, न वह दिन जब उस ने उनको द्रोही के वश से छुड़ाया था;
- Psalm 78:11 भजन संहिता 78:11उन्हो ने उसके बड़े कामों को और जो आश्चर्यकर्म उस ने उनके साम्हने किए थे, उनको भुला दिया।
- 2 Thessalonians 2:10–12 2 थिस्सलुनीकियों 2:10–12और नाश होनेवालों के लिये अधर्म के सब प्रकार के धोखे के साथ होगा; क्योंकि उन्होंने सत्य के प्रेम को ग्रहण नहीं किया जिस से उन का उद्धार होता। और इसी कारण परमेश्वर उन में एक भटका देनेवाली सामर्थ को भेजेगा ताकि वे झूठ की प्रतीति करें। और जितने लोग सत्य की प्रतीति नहीं करते, वरन अधर्म से प्रसन्न होते हैं, सब दण्ड पाएं।।
- Proverbs 1:22 नीतिवचन 1:22हे भोले लोगो, तुम कब तक भोलेपन से प्रीति रखोगे? और हे ठट्ठा करनेवालो, तुम कब तक ठट्ठा करने से प्रसन्न रहोगे? और हे मूर्खों, तुम कब तक ज्ञान से बैर रखोगे?
- Lamentations 3:32 विलापगीत 3:32चाहे वह दु:ख भी दे, तौभी अपनी करूणा की बहुतायत के कारण वह दया भी करता है;
- Psalm 5:7 भजन संहिता 5:7परन्तु मैं तो तेरी अपार करूणा के कारण तेरे भवन में आऊंगा, मैं तेरा भय मानकर तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत् करूंगा।
- Psalm 51:1 भजन संहिता 51:1हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे।
- Psalm 105:5 भजन संहिता 105:5उसके किए हु आश्चर्यकर्म स्मरण करो, उसके चमत्कार और निर्णय स्मरण करो!
- Psalm 106:45 भजन संहिता 106:45और उनके हित अपनी वाचा को स्मरण करके अपनी अपार करूणा के अनुसार तरस खाया,
- Deuteronomy 15:15 व्यवस्थाविवरण 15:15और इस बात को स्मरण रखना कि तू भी मि देश में दास था, और तेरे परमेश्वर यहोवा ने तुझे छुड़ा लिया; इस कारण मैं आज तुझे यह आज्ञा सुनाता हूं।
- Deuteronomy 29:4 व्यवस्थाविवरण 29:4परन्तु यहोवा ने आज तक तुम को न तो समझने की बुद्धि, और न देखने की आंखें, और न सुनने के कान दिए हैं।