Psalms · chapter 31 · verse 20
Psalm 31:20 in Hindi
तू उन्हें दर्शन देने के गुप्तस्थान में मनुष्यों की बुरी गोष्ठी से गुप्त रखेगा; तू उनको अपने मण्डप में झगड़े- रगड़े से छिपा रखेगा।।
Too unhem darshan dene ke guptasthaan mem manushyom kee buree goshthee se gupt rakhegaa; too unako apane mandap mem jhagade- ragade se chhipaa rakhegaa..
Psalm 31:20 in English
- King James Version (KJV)
- Thou shalt hide them in the secret of thy presence from the pride of man: thou shalt keep them secretly in a pavilion from the strife of tongues.
- World English Bible (WEB)
- In the shelter of your presence you will hide them from the plotting of man. You will keep them secretly in a dwelling away from the strife of tongues.
- American Standard Version (ASV)
- In the covert of thy presence wilt thou hide them from the plottings of man: Thou wilt keep them secretly in a pavilion from the strife of tongues.
- Bible in Basic English (BBE)
- You will keep them safe in your house from the designs of man; in the secret of your tent will you keep them from angry tongues.
- Darby Translation (DBY)
- Thou keepest them concealed in the secret of thy presence from the conspiracies of man; thou hidest them in a pavilion from the strife of tongues.
- Webster's Bible (WBS)
- Thou shalt hide them in the secret of thy presence from the pride of man: thou shalt keep them secretly in a pavilion from the strife of tongues.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thou hast wrought for those trusting in Thee, Before sons of men. Thou hidest them in the secret place of Thy presence, From artifices of man, Thou concealest them in a tabernacle, From the strife of tongues.
Read in context
- 18जो अंहकार और अपमान से धर्मी की निन्दा करते हैं, उनके झूठ बोलनेवाले मुंह बन्द किए जाएं।।
- 19आहा, तेरी भलाई क्या ही बड़ी है जो तू ने अपने डरवैयों के लिये रख छोड़ी है, और अपने शरणागतों के लिये मनुष्यों के साम्हने प्रगट भी की है!
- 20तू उन्हें दर्शन देने के गुप्तस्थान में मनुष्यों की बुरी गोष्ठी से गुप्त रखेगा; तू उनको अपने मण्डप में झगड़े- रगड़े से छिपा रखेगा।।
- 21यहोवा धन्य है, क्योंकि उस ने मुझे गढ़वाले नगर में रखकर मुझ पर अद्धभुत करूणा की है।
- 22मैं ने तो घबराकर कहा था कि मैं यहोवा की दृष्टि से दूर हो गया। तौभी जब मैं ने तेरी दोहाई दी, तब तू ने मेरी गिड़गिड़ाहट को सुन लिया।।
Cross references
- Psalm 27:5 भजन संहिता 27:5क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्तस्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।
- Psalm 32:7 भजन संहिता 32:7तू मेरे छिपने का स्थान है; तू संकट से मेरी रक्षा करेगा; तू मुझे चारों ओर से छुटकारे के गीतों से घेर लेगा।।
- Psalm 91:1–4 भजन संहिता 91:1–4जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा। मैं यहोवा के विषय कहूंगा, कि वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उस पर भरोसा रखूंगा। वह तो मुझे बहेलिये के जाल से, और महामारी से बचाएगा; वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी।
- Job 5:21 अय्यूब 5:21तू वचनरूपी कोड़े से बचा रहेगा और जब विनाश आए, तब भी तुझे भय न होगा।
- Psalm 64:2–4 भजन संहिता 64:2–4कुकर्मियों की गोष्ठी से, और अनर्थकारियों के हुल्लड़ से मेरी आड़ हो। उन्हों ने अपनी जीभ को तलवार की नाईं तेज किया है, और अपने कड़वे बचनों के तीरों को चढ़ाया है; ताकि छिपकर खरे मनुष्य को मारें; वे निडर होकर उसको अचानक मारते भी हैं।
- Psalm 140:3 भजन संहिता 140:3उनका बोलना सांप का काटना सा है, उनके मुंह में नाग का सा विष रहता है।।
- Psalm 140:5 भजन संहिता 140:5घमण्डियों ने मेरे लिये फन्दा और पासे लगाए, और पथ के किनारे जाल बिछाया है; उन्हों ने मेरे लिये फन्दे लगा रखे हैं।।
- Psalm 40:4 भजन संहिता 40:4क्या ही धन्य है वह पुरूष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़नेवालों की ओर मुंह न फेरता हो।
- James 4:6 याकूब 4:6वह तो और भी अनुग्रह देता है; इस कारण यह लिखा है, कि परमेश्वर अभिमानियों से विरोध करता है, पर दीनों पर अनुग्रह करता है।
- Psalm 10:2 भजन संहिता 10:2दुष्टों के अहंकार के कारण दी मनुष्य खदेड़े जाते हैं; वे अपनी ही निकाली हुई युक्तियों में फंस जाएं।।
- Exodus 18:11 निर्गमन 18:11अब मैं ने जान लिया है कि यहोवा सब देवताओं से बड़ा है; वरन उस विषय में भी जिस में उन्हों ने इस्त्राएलियों से अभिमान किया था।
- Psalm 36:11 भजन संहिता 36:11अहंकारी मुझ पर लात उठाने न पाए, और न दुष्ट अपने हाथ के बल से मुझे भगाने पाए।