Psalms · chapter 91 · verse 5
Psalm 91:5 in Hindi
तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है,
Too na raat ke bhay se daregaa, aur na us teer se jo din ko udataa hai,
Psalm 91:5 in English
- King James Version (KJV)
- Thou shalt not be afraid for the terror by night; [nor] for the arrow [that] flieth by day;
- World English Bible (WEB)
- You shall not be afraid of the terror by night, nor of the arrow that flies by day,
- American Standard Version (ASV)
- Thou shalt not be afraid for the terror by night, Nor for the arrow that flieth by day;
- Bible in Basic English (BBE)
- You will have no fear of the evil things of the night, or of the arrow in flight by day,
- Darby Translation (DBY)
- Thou shalt not be afraid for the terror by night, for the arrow that flieth by day,
- Webster's Bible (WBS)
- Thou shalt not be afraid for the terror by night; [nor] for the arrow [that] flieth by day;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thou art not afraid of fear by night, Of arrow that flieth by day,
Read in context
- 3वह तो मुझे बहेलिये के जाल से, और महामारी से बचाएगा;
- 4वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी।
- 5तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है,
- 6न उस मरी से जो अन्धेरे में फैलती है, और न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाड़ता है।।
- 7तेरे निकट हजार, और तेरी दहिनी ओर दस हजार गिरेंगे; परन्तु वह तेरे पास न आएगा।
Cross references
- Isaiah 43:2 यशायाह 43:2जब तू जल में होकर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में होकर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी।
- Job 5:19–27 अय्यूब 5:19–27वह तुझे छेविपत्तियों से छुड़ाएगा; वरन सात से भी तेरी कुछ हानि न होने पाएगी। अकाल में वह तुझे मुत्यु से, और युठ्ठ में तलवार की धार से बचा लेगा। तू वचनरूपी कोड़े से बचा रहेगा और जब विनाश आए, तब भी तुझे भय न होगा। तू उजाड़ और अकाल के दिनों में हँसमुख रहेगा, और तुझे बनैले जन्तुओं से डर न लगेगा। वरन मैदान के पत्थर भी तुझ से वाचा बान्धे रहेंगे, और वनपशु तुझ से मेल रखेंगे। और तुझे निश्चय होगा, कि तेरा डेरा कुशल से है, और जब तू अपने निवास में देखेे तब कोई वस्तु खेई न होगी। तुझे यह भी निश्चित होगा, कि मेरे बहुत वंश होंगे। और मेरे सन्तान पृथ्वी की घास के तुल्य बहुत होंगे। जैसे पूलियों का ढेर समय पर खलिहान में रखा जाता है, वैसे ही तू पूरी अवस्था का होकर क़ब्र को पहुंचेगा। देख, हम ने खोज खोजकर ऐसा ही पाया है; इसे तू सुन, और अपने लाभ के लिये ध्यान में रख।
- Proverbs 3:23–25 नीतिवचन 3:23–25और तू अपने मार्ग पर निडर चलेगा, और तेरे पांव में ठेस न लगेगी। जब तू लेटेगा, तब भय न खाएगा, जब तू लेटेगा, तब सुख की नींद आएगी। अचानक आनेवाले भय से न डरना, और जब दुष्टों पर विपत्ति आ पड़े, तब न घबराना;
- Psalm 3:5–6 भजन संहिता 3:5–6मैं लेटकर सो गया; फिर जाग उठा, क्योंकि यहोवा मुझे सम्हालता है। मैं उन दस हजार मनुष्यों से नहीं डरता, जो मेरे विरूद्ध चारों ओर पांति बान्धे खड़े हैं।।
- Hebrews 13:6 इब्रानियों 13:6इसलिये हम बेधड़क होकर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है।।
- Psalm 112:7 भजन संहिता 112:7वह बुरे समाचार से नहीं डरता; उसका हृदय यहोवा पर भरोसा रखने से स्थिर रहता है।
- Psalm 27:1–3 भजन संहिता 27:1–3यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं? जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़ें।। चाहे सेना भी मेरे विरूद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरूद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशिजित रहूंगा।।
- Proverbs 28:1 नीतिवचन 28:1दुष्ट लोग जब कोई पीछा नहीं करता तब भी भागते हैं, परन्तु धर्मी लोग जवान सिहों के समान निडर रहते हैं।
- Isaiah 21:4 यशायाह 21:4मेरा हृदय धड़कता है, मैं अत्यन्त भयभीत हूं, जिस सांझ की मैं बाट जोहता था उसे उस ने मेरी थरथराहट का कारण कर दिया है।
- Psalm 46:2 भजन संहिता 46:2इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;
- Job 24:14–16 अय्यूब 24:14–16खूनी, पह फटते ही उठकर दीन दरिद्र मनुष्य को घात करता, और रात को चोर बन जाता है। व्यभिचारी यह सोचकर कि कोई मुझ को देखने न पाए, दिन डूबने की राह देखता रहता है, और वह अपना मुंह छिपाए भी रखता है। वे अन्धियारे के समय घरों में सेंध मारते और दिन को छिपे रहते हैं; वे उजियाले को जानते भी नहीं।
- Job 4:13–15 अय्यूब 4:13–15रात के स्वप्नों की चिन्ताओं के बीच जब मनुष्य गहरी निद्रा में रहते हैं, मुझे ऐसी यरथराहट और कंपकंपी लगी कि मेरी सब हडि्डयां तक हिल उठीं। तब एक आत्मा मेरे साम्हने से होकर चली; और मेरी देह के रोएं खड़े हो गए।