Psalms · chapter 95 · verse 10
Psalm 95:10 in Hindi
चालीस वर्ष तक मैं उस पीढ़ी के लोगों से रूठा रहा, और मैं ने कहा, ये तो भरमनेवाले मन के हैं, और इन्हों ने मेरे मार्गों को नहीं पहिचाना।
Chaalees varsh tak maim us peedhee ke logom se roothaa rahaa, aur maim ne kahaa, ye to bharamanevaale man ke haim, aur inhom ne mere maargom ko naheem pahichaanaa.
Psalm 95:10 in English
- King James Version (KJV)
- Forty years long was I grieved with [this] generation, and said, It [is] a people that do err in their heart, and they have not known my ways:
- World English Bible (WEB)
- Forty long years I was grieved with that generation, and said, “They are a people who err in their heart. They have not known my ways.”
- American Standard Version (ASV)
- Forty years long was I grieved with [that] generation, And said, It is a people that do err in their heart, And they have not known my ways:
- Bible in Basic English (BBE)
- For forty years I was angry with this generation, and said, They are a people whose hearts are turned away from me, for they have no knowledge of my ways;
- Darby Translation (DBY)
- Forty years was I grieved with the generation, and said, It is a people that do err in their heart, and they have not known my ways;
- Webster's Bible (WBS)
- Forty years long was I grieved with [this] generation, and said, It [is] a people that do err in their heart, and they have not known my ways:
- Young's Literal Translation (YLT)
- Forty years I am weary of the generation, And I say, 'A people erring in heart — they! And they have not known My ways:'
Read in context
- 8अपना अपना हृदय ऐसा कठोर मत करो, जैसा मरीबा में, वा मस्सा के दिन जंगल में हुआ था,
- 9जब तुम्हारे पुरखाओं ने मुझे परखा, उन्हों ने मुझ को जांचा और मेरे काम को भी देखा।
- 10चालीस वर्ष तक मैं उस पीढ़ी के लोगों से रूठा रहा, और मैं ने कहा, ये तो भरमनेवाले मन के हैं, और इन्हों ने मेरे मार्गों को नहीं पहिचाना।
- 11इस कारण मैं ने क्रोध में आकर शपथ खाई कि ये मेरे विश्रामस्थान में कभी प्रवेश न करने पाएंगे।।
Cross references
- Hebrews 3:17 इब्रानियों 3:17और वह चालीस वर्ष तक किन लोगों से रूठा रहा? क्या उन्हीं से नहीं, जिन्हों ने पाप किया, और उन की लोथें जंगल में पड़ी रहीं?
- Hebrews 3:9–10 इब्रानियों 3:9–10जहां तुम्हारे बापदादों ने मुझे जांचकर परखा और चालीस वर्ष तक मेरे काम देखे। इस कारण मैं उस समय के लोगों से रूठा रहा, और कहा, कि इन के मन सदा भटकते रहते हैं, और इन्हों ने मेरे मार्गों को नहीं पहिचाना।
- Proverbs 1:22–29 नीतिवचन 1:22–29हे भोले लोगो, तुम कब तक भोलेपन से प्रीति रखोगे? और हे ठट्ठा करनेवालो, तुम कब तक ठट्ठा करने से प्रसन्न रहोगे? और हे मूर्खों, तुम कब तक ज्ञान से बैर रखोगे? तुम मेरी डांट सुनकर मन फिराओ; सुनो, मैं अपनी आत्मा तुम्हारे लिये उण्डेल दूंगी; मैं तुम को अपने वचन बताऊंगी। मैं ने तो पुकारा परन्तु तुम ने इनकार किया, और मैं ने हाथ फैलाया, परन्तु किसी ने ध्यान न दिया, वरन तुम ने मेरी सारी सम्मति को अनसुनी किया, और मेरी ताड़ना का मूल्य न जाना; इसलिये मैं भी तुम्हारी विपत्ति के समय हंसूंगी; और जब तुम पर भय आ पड़ेगा, वरन आंधी की नाई तुम पर भय आ पड़ेगा, और विपत्ति बवण्डर के समान आ पड़ेगी, और तुम संकट और सकेती में फंसोगे, तब मैं ठट्ठा करूंगी। उस समय वे मुझे पुकारेंगे, और मैं न सुनूंगी; वे मुझे यत्न से तो ढूंढ़ेंगे, परन्तु न पाएंगे। क्योंकि उन्हों ने ज्ञान से बैर किया, और यहोवा का भय मानना उनको न भाया।
- Isaiah 63:17 यशायाह 63:17हे यहोवा, तू क्यों हम को अपने मार्गों से भटका देता, और हमारे मन ऐसे कठोर करता है कि हम तेरा भय नहीं मानते? अपने दास, अपने निज भाग के गोत्रों के निमित्त लौट आ।
- Acts 13:18 प्रेरितों के काम 13:18और वह कोई चालीस वर्ष तक जंगल में उन की सहता रहा।
- Proverbs 1:7 नीतिवचन 1:7यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है; बुद्धि और शिक्ष को मूढ़ ही लोग तुच्छ जानते हैं।।
- Numbers 32:13 गिनती 32:13सो यहोवा का कोप इस्त्राएलियों पर भड़का, और जब तक उस पीढ़ी के सब लोगों का अन्त न हुआ, जिन्हों ने यहोवा के प्रति बुरा किया था, तब तक अर्थात् चालीस वर्ष तक वह जंगल में मारे मारे फिराता रहा।
- Acts 7:36 प्रेरितों के काम 7:36यही व्यक्ति मिसर और लाल समुद्र और जंगल में चालीस वर्ष तक अद्भुत काम और चिन्ह दिखा दिखाकर उन्हें निकाल लाया।
- Deuteronomy 2:14–16 व्यवस्थाविवरण 2:14–16और हमारे कादेशबर्ने को छोड़ने से लेकर जेरेद नदीे पार होने तक अड़तीस वर्ष बीत गए, उस बीच में यहोवा की शपथ के अनुसार उस पीढ़ी के सब योद्धा छावनी में से नाश हो गए। और जब तक वे नाश न हुए तब तक यहोवा का हाथ उन्हें छावनी में से मिटा डालने के लिये उनके विरूद्ध बढ़ा ही रहा जब सब योद्धा मरते मरते लोगों के बीच में से नाश हो गए,
- Jeremiah 9:6 यिर्मयाह 9:6तेरा निवास छल के बीच है; छल ही के कारण वे मेरा ज्ञान नहीं चाहते, यहोवा की यही वाणी है।
- Ephesians 4:30 इफिसियों 4:30और परमेश्वर के पवित्रा आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है।
- Genesis 6:6 उत्पत्ति 6:6और यहोवा पृथ्वी पर मनुष्य को बनाने से पछताया, और वह मन में अति खेदित हुआ।