Romans · chapter 1 · verse 15
Romans 1:15 in Hindi
सो मैं तुम्हें भी जो रोम में रहते हो, सुसमाचार सुनाने को भरसक तैयार हूं।
So maim tumhem bhee jo rom mem rahate ho, susamaachaar sunaane ko bharasak taiyaar hoon.
Romans 1:15 in English
- King James Version (KJV)
- So, as much as in me is, I am ready to preach the gospel to you that are at Rome also.
- World English Bible (WEB)
- So as much as is in me, I am eager to preach the Good News to you also who are in Rome.
- American Standard Version (ASV)
- So, as much as in me is, I am ready to preach the gospel to you also that are in Rome.
- Bible in Basic English (BBE)
- For which reason I have the desire, as far as I am able, to give the knowledge of the good news to you who are in Rome.
- Darby Translation (DBY)
- so, as far as depends on me, am I ready to announce the glad tidings to you also who [are] in Rome.
- Webster's Bible (WBS)
- So, as much as in me is, I am ready to preach the gospel to you that are at Rome also.
- Young's Literal Translation (YLT)
- so, as much as in me is, I am ready also to you who [are] in Rome to proclaim good news,
Read in context
- 13और हे भाइयों, मैं नहीं चाहता, कि तुम इस से अनजान रहो, कि मैं ने बार बार तुम्हारे पास आना चाहा, कि जैसा मुझे और अन्यजातियों में फल मिला, वैसा ही तुम में भी मिले, परन्तु अब तक रूका रहा।
- 14मैं यूनानियों और अन्यभाषियों का और बुद्धिमानों और निर्बुद्धियों का कर्जदान हूं।
- 15सो मैं तुम्हें भी जो रोम में रहते हो, सुसमाचार सुनाने को भरसक तैयार हूं।
- 16क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करनेवाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित्त परमेश्वर की सामर्थ है।
- 17क्योंकि उस में परमेश्वर की धार्मिकता विश्वास से और विश्वास के लिये प्रगट होती है; जैसा लिखा है, कि विश्वास से धर्मी जन जीवित रहेगा।।
Cross references
- Romans 15:20 रोमियों 15:20पर मेरे मन की उमंग यह है, कि जहां जहां मसीह का नाम नहीं लिया गया, वहीं सुसमाचार सुनाऊं; ऐसा न हो, कि जिन्हें उसका सुसमाचार नहीं पहुंचा, वे ही देखेंगे और जिन्हों ने नहीं सुना वे ही समझेंगे।।
- 1 Corinthians 9:17 1 कुरिन्थियों 9:17क्योंकि यदि अपनी इच्छा से यह करता हूं, तो मजदूरी मुझे मिलती है, और यदि अपनी इच्छा से नहीं करता, तौभी भण्डारीपन मुझे सौंपा गया है।
- Isaiah 6:8 यशायाह 6:8तब मैं ने प्रभु का यह वचन सुना, मैं किस को भेंजूं, और हमारी ओर से कौन जाएगा? तब मैं ने कहा, मैं यहां हूं! मुझे भेज
- 2 Corinthians 10:15–16 2 कुरिन्थियों 10:15–16और हम सीमा से बाहर औरों के परिश्रम पर घमण्उ नहीं करते; परन्तु हमें आशा है, कि ज्यों ज्यों तुम्हारा विश्वास बढ़ता जाएगा त्यों त्यों हम अपनी सीमा के अनुसार तुम्हारे कारण और भी बढ़ते जाएंगे। कि हम तुम्हारे सिवानों से आगे बढ़कर सुसमाचार सुनाएं, और यह नहीं, कि हम औरों की सीमा के भीतर बने बनाए कामों पर घमण्ड करें।
- 1 Kings 8:18 1 राजा 8:18परन्तु यहोवा ने मेरे पिता दाऊद से कहा, यह जो तेरी मनसा है, कि यहोवा के नाम का एक भवन बनाए, ऐसी मनसा करके तू ने भला तो किया;
- Matthew 9:38 मत्ती 9:38इसलिये खेत के स्वामी से बिनती करो कि वह अपने खेत काटने के लिये मजदूर भेज दे।।
- 2 Corinthians 8:12 2 कुरिन्थियों 8:12कयोंकि यदि मन की तैयारी हो तो दान उसके अनुसार ग्रहण भी होता है जो उसके पास है न कि उसके अनुसार जो उसके पास नहीं।
- John 4:34 यूहन्ना 4:34यीशु ने उन से कहा, मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजनेवाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं।
- Acts 21:13 प्रेरितों के काम 21:13परन्तु पौलुस ने उत्तर दिया, कि तुम क्या करते हो, कि रो रोकर मेरा मन तोड़ते हो, मैं तो प्रभु यीशु के नाम के लिये यरूशलेम में न केवल बान्धे जाने ही के लिये बरन मरने के लिये भी तैयार हूं।
- Romans 12:18 रोमियों 12:18जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो।
- Mark 14:8 मरकुस 14:8जो कुछ वह कर सकी, उस ने किया; उस ने मेरे गाड़े जाने की तैयारी में पहिले से मेरी देह पर इत्रा मला है।