Romans · chapter 14 · verse 20
Romans 14:20 in Hindi
भोजन के लिये परमेश्वर का काम न बिगाड़: सब कुछ शुद्ध तो है, परन्तु उस मनुष्य के लिये बुरा है, जिस को उसके भोजन करने से ठोकर लगती है।
Bhojan ke liye parameshvar kaa kaam na bigaad: sab kuchh shuddh to hai, parantu us manushy ke liye buraa hai, jis ko usake bhojan karane se thokar lagatee hai.
Romans 14:20 in English
- King James Version (KJV)
- For meat destroy not the work of God. All things indeed [are] pure; but [it is] evil for that man who eateth with offence.
- World English Bible (WEB)
- Don’t overthrow God’s work for food’s sake. All things indeed are clean, however it is evil for that man who creates a stumbling block by eating.
- American Standard Version (ASV)
- Overthrow not for meat’s sake the work of God. All things indeed are clean; howbeit it is evil for that man who eateth with offence.
- Bible in Basic English (BBE)
- Do not let the work of God come to nothing on account of food. All things are certainly clean; but it is evil for that man who by taking food makes it hard for another.
- Darby Translation (DBY)
- For the sake of meat do not destroy the work of God. All things indeed [are] pure; but [it is] evil to that man who eats while stumbling [in doing so].
- Webster's Bible (WBS)
- For the sake of food, destroy not the work of God. All things indeed [are] pure; but [it is] evil for that man who eateth with offense.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for the sake of victuals cast not down the work of God; all things, indeed, [are] pure, but evil [is] to the man who is eating through stumbling.
Read in context
- 18जो पवित्राआत्मा से होता है और जो कोई इस रीति से मसीह की सेवा करता है, वह परमेश्वर को भाता है और मनुष्यों में ग्रहणयोग्य ठहरता है।
- 19इसलिये हम उन बातों का प्रयत्न करें जिनसे मेल मिलाप और एक दूसरे का सुधार हो।
- 20भोजन के लिये परमेश्वर का काम न बिगाड़: सब कुछ शुद्ध तो है, परन्तु उस मनुष्य के लिये बुरा है, जिस को उसके भोजन करने से ठोकर लगती है।
- 21भला तो यह है, कि तू न मांस खाए, और न दाख रस पीए, न और कुछ ऐसा करे, जिस से तेरा भाई ठोकर खाए।
- 22तेरा जो विश्वास हो, उसे परमेश्वर के साम्हने अपने ही मन में रख: धन्य है वह, जो उस बात में, जिस वह ठीक समझता है, अपने आप को दोषी नहीं ठहराता।
Cross references
- Romans 14:14–15 रोमियों 14:14–15मैं जानता हूं, और प्रभु यीशु से मुझे निश्चय हुआ है, कि कोई वस्तु अपने आप से अशुद्ध नहीं, परन्तु जो उस को अशुद्ध समझता है, उसके लिये अशुद्ध है। यदि तेरा भाई तेरे भोजन के कारण उदास होता है, तो फिर तू प्रेम की रीति से नहीं चलता: जिस के लिये मसीह मरा उस को तू अपने भोजन के द्वारा नाश न कर।
- Matthew 18:6 मत्ती 18:6पर जो कोई इन छोटों में से जो मुझ पर विश्वास करते हैं एक को ठोकर खिलाए, उसके लिये भला होता, कि बड़ी चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह गहिरे समुद्र में डुबाया जाता।
- Titus 1:15 तीतुस 1:15शुद्ध लोगों के लिये सब वस्तु शुद्ध हैं, पर अशुद्ध और अविश्वासियों के लिये कुछ भी शुद्ध नहीं: बरन उन की बुद्धि और विवेक दोनों अशुद्ध हैं।
- Acts 10:15 प्रेरितों के काम 10:15फिर दूसरी बार उसे शब्द सुनाईं दिया, कि जो कुछ परमेश्वर ने शुद्ध ठहराया है, उसे तू अशुद्ध मत कह।
- 1 Corinthians 10:31–33 1 कुरिन्थियों 10:31–33सो तुम चाहे खाओ, चाहे पीओ, चाहे जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महीमा के लिये करो। तुम न यहूदियों, न यूनानियों, और न परमेश्वर की कलीसिया के लिये ठोकर का कारण बनो। जैसा मैं भी सब बातों में सब को प्रसन्न रखता हूं, और अपना नहीं, परन्तु बहुतों का लाभ ढूंढ़ता हूं, कि वे उद्धार पाएं।
- 1 Corinthians 6:12–13 1 कुरिन्थियों 6:12–13सब वस्तुएं मेरे लिये उचित तो हैं, परन्तु सब वस्तुएं लाभ की नहीं, सब वस्तुएं मेरे लिये उचित हैं, परन्तु मैं किसी बात के आधीन न हूंगा। भोजन पेट के लिये, और पेट भोजन के लिये है, परन्तु परमेश्वर इस को और उस को दोनों को नाश करेगा, परन्तु देह व्यभिचार के लिये नहीं, बरन प्रभु के लिये; और प्रभु देह के लिये है।
- Romans 14:21 रोमियों 14:21भला तो यह है, कि तू न मांस खाए, और न दाख रस पीए, न और कुछ ऐसा करे, जिस से तेरा भाई ठोकर खाए।
- Matthew 15:11 मत्ती 15:11जो मुंह में जाता है, वह मनुष्य को अशुद्ध नहीं करता, पर जो मुंह से निकलता है, वही मनुष्य को अशुद्ध करता है।
- 1 Timothy 4:3–5 1 तीमुथियुस 4:3–5जो ब्याह करने से रोकेंगे, और भोजन की कुछ वस्तुओं से परे रहने की आज्ञा देंगे; जिन्हें परमेश्वर ने इसलिये सृजा कि विश्वासी, और सत्य के पहिचाननेवाले उन्हें धन्यवाद के साथ खाएं। क्योंकि परमेश्वर की सृजी हुई हर एक वस्तु अच्छी है: और कोई वस्तु अस्वीकार करने के योग्य नहीं; पर यह कि धन्यवाद के साथ खाई जाए। क्योंकि परमेश्वर के वचन और प्रार्थना से शुद्ध हो जाती है।।
- Ephesians 2:10 इफिसियों 2:10क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।।
- Philippians 1:6 फिलिप्पियों 1:6और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिस ने तुम में अच्छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा।
- 1 Corinthians 8:8–13 1 कुरिन्थियों 8:8–13भेजन हमें परमेश्वर के निकट नहीं पहुंचाता, यदि हम न खांए, तो हमारी कुछ हानि नहीं, और यदि खाएं, तो कुछ लाभ नहीं। परन्तु चौकस रहो, ऐसा न हो, कि तुम्हारी यह स्वतंत्राता कहीं निर्बलों के लिये ठोकर का कारण हो जाए। क्योंकि यदि कोई तुझ ज्ञानी को मूरत के मन्दिर में भोजन करते देखे, और वह निर्बल जन हो, तो क्या उसके विवेक में मूरत के साम्हने बलि की हुई वस्तु के खाने का हियाव न हो जाएगा। इस रीति से तेरे ज्ञान के कारण वह निर्बल भाई जिस के लिये मसीह मरा नाश हो जाएगा। सो भाइयों का अपराध करने से ओर उन के निर्बल विवेक को चोट देने से तुम मसीह का अपराध करते हो। इस कारण यदि भोजन मेरे भाई को ठोकर खिलाए, तो मैं कभी किसी रीति से मांस न खाऊंगा, न हो कि मैं अपने भाई के ठोकर का कारण बनूं।
Original words (Greek)
- For · G1752ἕνεκα héneka
- meat · G1033βρῶμα brōma
- destroy · G2647καταλύω katalýō
- not · G3361μή mḗ
- work · G2041ἔργον érgon
- God · G2316θεός theós
- things · G3956πᾶς pâs
- indeed · G3303μέν mén
- pure · G2513καθαρός katharós
- but · G235ἀλλά allá
- evil · G2556κακός kakós
- man · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- eateth · G2068ἐσθίω esthíō
- with · G1223διά diá
- offence · G4348πρόσκομμα próskomma