Matthew · chapter 18 · verse 6
Matthew 18:6 in Hindi
पर जो कोई इन छोटों में से जो मुझ पर विश्वास करते हैं एक को ठोकर खिलाए, उसके लिये भला होता, कि बड़ी चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह गहिरे समुद्र में डुबाया जाता।
Par jo koee in chhotom mem se jo mujh par vishvaas karate haim ek ko thokar khilaae, usake liye bhalaa hotaa, ki badee chakkee kaa paat usake gale mem latakaayaa jaataa, aur vah gahire samudr mem dubaayaa jaataa.
Matthew 18:6 in English
- King James Version (KJV)
- But whoso shall offend one of these little ones which believe in me, it were better for him that a millstone were hanged about his neck, and [that] he were drowned in the depth of the sea.
- World English Bible (WEB)
- but whoever causes one of these little ones who believe in me to stumble, it would be better for him if a huge millstone were hung around his neck and that he were sunk in the depths of the sea.
- American Standard Version (ASV)
- but whoso shall cause one of these little ones that believe on me to stumble, it is profitable for him that a great millstone should be hanged about his neck, and [that] he should be sunk in the depth of the sea.
- Bible in Basic English (BBE)
- But whoever is a cause of trouble to one of these little ones who have faith in me, it would be better for him to have a great stone fixed to his neck, and to come to his end in the deep sea.
- Darby Translation (DBY)
- But whosoever shall offend one of these little ones who believe in me, it were profitable for him that a great millstone had been hanged upon his neck and he be sunk in the depths of the sea.
- Webster's Bible (WBS)
- But whoever shall cause one of these little ones who believe in me, to sin, it were better for him that a millstone were hanged about his neck, and [that] he were drowned in the depth of the sea.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and whoever may cause to stumble one of those little ones who are believing in me, it is better for him that a weighty millstone may be hanged upon his neck, and he may be sunk in the depth of the sea.
Read in context
- 4जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा।
- 5और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है।
- 6पर जो कोई इन छोटों में से जो मुझ पर विश्वास करते हैं एक को ठोकर खिलाए, उसके लिये भला होता, कि बड़ी चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह गहिरे समुद्र में डुबाया जाता।
- 7ठोकरों के कारण संसार पर हाय! ठोकरों का लगना अवश्य है; पर हाय उस मनुष्य पर जिस के द्वारा ठोकर लगती है।
- 8यदि तेरा हाथ या तेरा पांव तुझे ठोकर खिलाए, तो काटकर फेंक दे; टुण्डा या लंगड़ा होकर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो हाथ या दो पांव रहते हुए तू अनन्त आग में डाला जाए।
Cross references
- Mark 9:42 मरकुस 9:42पर जो कोई इन छोटों में से जो मुझ पर विश्वास करते हैं, किसी को ठोकर खिलाए तो उसके लिये भला यह हे कि एक बड़ी चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाए और वह समुद्र में डाल दिया जाए।
- Luke 17:1–2 लूका 17:1–2फिर उस ने अपने चेलों से कहा; हो नहीं सकता कि ठोकरें न लगें, परन्तु हाय, उस मनुष्य पर जिस के कारण वे आती है! जो इन छोटों में से किसी एक को ठोकर खिलाता है, उसके लिये यह भला होता, कि चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह समुद्र में डाल दिया जाता।
- Matthew 18:10 मत्ती 18:10काना होकर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो आंख रहते हुए तू नरक की आग में डाला जाए।
- 2 Thessalonians 1:6–9 2 थिस्सलुनीकियों 1:6–9क्योंकि परमेश्वर के निकट यह न्याय है, कि जो तुम्हें क्लेश देते हैं, उन्हें बदले में क्लेश दे। और तुम्हें जो क्लेश पाते हो, हमारे साथ चैन दे; उस समय जब कि प्रभु यीशु अपने सामर्थी दूतों के साथ, धधकती हुई आग में स्वर्ग से प्रगट होगा। और जो परमेश्वर को नहीं पहचानते, और हमारे प्रभु यीशु के सुसमाचार को नहीं मानते उन से पलटा लेगा। वे प्रभु के साम्हने से, और उसकी शक्ति के तेज से दूर होकर अनन्त विनाश का दण्ड पाएंगे।
- Matthew 18:14 मत्ती 18:14ऐसा ही तुम्हारे पिता की जो स्वर्ग में है यह इच्छा नहीं, कि इन छोटों में से एक भी नाश हो।
- Romans 15:1–3 रोमियों 15:1–3निदान हम बलवानों को चाहिए, कि निर्बलों की निर्बलताओं को सहें; न कि अपने आप को प्रसन्न करें। हम में से हर एक अपने पड़ोसी को उस की भलाई के लिये सुधारने के निमित्त प्रसन्न करे। क्योंकि मसीह ने अपने आप को प्रसन्न नहीं किया, पर जैसा लिखा है, कि तेरे निन्दकों की निन्दा मुझ पर आ पड़ी।
- Psalm 105:15 भजन संहिता 105:15कि मेरे अभिषिक्तों को मत छुओं, और न मेरे नबियों की हानि करो!
- 1 Corinthians 8:9–13 1 कुरिन्थियों 8:9–13परन्तु चौकस रहो, ऐसा न हो, कि तुम्हारी यह स्वतंत्राता कहीं निर्बलों के लिये ठोकर का कारण हो जाए। क्योंकि यदि कोई तुझ ज्ञानी को मूरत के मन्दिर में भोजन करते देखे, और वह निर्बल जन हो, तो क्या उसके विवेक में मूरत के साम्हने बलि की हुई वस्तु के खाने का हियाव न हो जाएगा। इस रीति से तेरे ज्ञान के कारण वह निर्बल भाई जिस के लिये मसीह मरा नाश हो जाएगा। सो भाइयों का अपराध करने से ओर उन के निर्बल विवेक को चोट देने से तुम मसीह का अपराध करते हो। इस कारण यदि भोजन मेरे भाई को ठोकर खिलाए, तो मैं कभी किसी रीति से मांस न खाऊंगा, न हो कि मैं अपने भाई के ठोकर का कारण बनूं।
- Romans 14:13–15 रोमियों 14:13–15सो आगे को हम एक दूसरे पर दोष न लगाएं पर तुम यही ठान लो कि कोई अपने भाई के साम्हने ठेस या ठोकर खाने का कारण न रखे। मैं जानता हूं, और प्रभु यीशु से मुझे निश्चय हुआ है, कि कोई वस्तु अपने आप से अशुद्ध नहीं, परन्तु जो उस को अशुद्ध समझता है, उसके लिये अशुद्ध है। यदि तेरा भाई तेरे भोजन के कारण उदास होता है, तो फिर तू प्रेम की रीति से नहीं चलता: जिस के लिये मसीह मरा उस को तू अपने भोजन के द्वारा नाश न कर।
- 1 Corinthians 10:32–33 1 कुरिन्थियों 10:32–33तुम न यहूदियों, न यूनानियों, और न परमेश्वर की कलीसिया के लिये ठोकर का कारण बनो। जैसा मैं भी सब बातों में सब को प्रसन्न रखता हूं, और अपना नहीं, परन्तु बहुतों का लाभ ढूंढ़ता हूं, कि वे उद्धार पाएं।
- Zechariah 2:8 जकर्याह 2:8क्योंकि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, उस तेल के प्रगट होने के बाद उस ने मुझे उन जातियों के पास भेजा है जो तुम्हें लूटती थीं, क्योंकि जो तुम को छूता है, वह मेरी आंख की पुतली ही को छूता है।
- Romans 14:21 रोमियों 14:21भला तो यह है, कि तू न मांस खाए, और न दाख रस पीए, न और कुछ ऐसा करे, जिस से तेरा भाई ठोकर खाए।