Song of Solomon · chapter 1 · verse 12
Song of Solomon 1:12 in Hindi
जब राजा अपनी मेज के पास बैठा था मेरी जटामासी की सुगन्ध फैल रही थी।
Jab raajaa apanee mej ke paas baithaa thaa meree jataamaasee kee sugandh phail rahee thee.
Song of Solomon 1:12 in English
- King James Version (KJV)
- While the king [sitteth] at his table, my spikenard sendeth forth the smell thereof.
- World English Bible (WEB)
- While the king sat at his table, my perfume spread its fragrance.
- American Standard Version (ASV)
- While the king sat at his table, My spikenard sent forth its fragrance.
- Bible in Basic English (BBE)
- While the king is seated at his table, my spices send out their perfume.
- Darby Translation (DBY)
- While the king is at his table, My spikenard sendeth forth its fragrance.
- Webster's Bible (WBS)
- While the king [sitteth] at his table, my spikenard sendeth forth its smell.
- Young's Literal Translation (YLT)
- While the king [is] in his circle, My spikenard hath given its fragrance.
Read in context
- 10तेरे गाल केशों के लटों के बीच क्या ही सुन्दर हैं, और तेरा कण्ठ हीरों की लड़ों के बीच।
- 11हम तेरे लिये चान्दी के फूलदार सोने के आभूषण बनाएंगे।
- 12जब राजा अपनी मेज के पास बैठा था मेरी जटामासी की सुगन्ध फैल रही थी।
- 13मेरा प्रेमी मेरे लिये लोबान की थैली के समान है जो मेरी छातियों के बीच में पड़ी रहती है।।
- 14मेरा प्रमी मेरे लिये मेंहदी के फूलों के गुच्छे के समान है, जो एनगदी की दाख की बारियों में होता है।।
Cross references
- John 12:3 यूहन्ना 12:3तब मरियम ने जटामासी का आध सेर बहुमोल इत्रा लेकर यीशु के पावों पर डाला, और अपने बालों से उसके पांव पोंछे, और इत्रा की सुगंध से घर सुगन्धित हो गया।
- Revelation 3:20 प्रकाशितवाक्य 3:20देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूं; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूंगा, और वह मेरे साथ।
- Mark 14:3 मरकुस 14:3जब वह बैतनिरयाह में शमौन कोढ़ी के घर भोजन करने बैठा हुआ था जब एक स्त्री संगमरमर के पात्रा में जटामांसी का बहुमूल्य शुद्ध इत़्रा लेकर आई; और पात्रा तोड़ कर इत्रा को उसके सिर पर उण्डेला।
- Matthew 22:4 मत्ती 22:4फिर उस ने और दासों को यह कहकर भेजा, कि नेवताहारियों से कहो, देखो; मैं भोज तैयार कर चुका हूं, और मेरे बैल और पले हुए पशु मारे गए हैं: और सब कुछ तैयार है; ब्याह के भोज में आओ।
- Song of Solomon 7:5 श्रेष्ठगीत 7:5तेरा सिर तुझ पर कर्मेल के समान शोभायमान है, और तेरे सर की लटें अर्गवानी रंग के वस्त्रा के तुल्य है; राजा उन लआओं में बंधुआ हो गया है।
- Matthew 26:26–28 मत्ती 26:26–28उस ने उस से कहा, तू कह चुका: जब वे खा रहे थे, तो यीशु ने रोटी ली, और आशीष मांगकर तोड़ी, और चेलों को देकर कहा, लो, खाओ; यह मेरी देह है। फिर उस ने कटोरा लेकर, धन्यवाद किया, और उन्हें देकर कहा, तुम सब इस में से पीओ। क्योंकि यह वाचा का मेरा वह लोहू है, जो बहुतों के लिये पापों की क्षमा के निमित्त बहाया जाता है।
- Revelation 8:3–4 प्रकाशितवाक्य 8:3–4फिर एक और स्वर्गदूत सोने का धूपदान लिये हुए आया, और वेदी के निकट खड़ा हुआ; और उस को बहुत धूप दिया गया, कि सब पवित्रा लोगों की प्रार्थनाओं के साथ उस सोनहली वेदी पर जो सिंहासन के साम्हने है चढ़ाए। और उस धूप का धुआं पवित्रा लोगों की प्रार्थनाओं सहित स्वर्गदूत के हाथ से परमेश्वर के साम्हने पहुंच गया।
- Philippians 4:18 फिलिप्पियों 4:18मेरे पास सब कुछ है, बरन बहुतायत से भी है: जो वस्तुएं तुम ने इपफ्रुदीतुस के हाथ से भेजी थीं उन्हें पाकर मैं तृप्त हो गया हूं, वह तो सुगन्ध और ग्रहण करने के योग्य बलिदान है, जो परमेश्वर को भाता है।
- Matthew 25:34 मत्ती 25:34तब राजा अपनी दहिनी ओर वालों से कहेगा, हे मेरे पिता के धन्य लोगों, आओ, उस राज्य के अधिकारी हो जाओ, जो जगत के आदि से तुम्हारे लिये तैयार किया हुआ है।
- Song of Solomon 4:13–16 श्रेष्ठगीत 4:13–16तेरे अंकुर उत्तम फलवाली अनार की बारी के तुल्य है, जिस में मेंहदी और सुम्बुल, जटामासी और केसर, लोबान के सब भांति के पेड़, मुश्क और दालचीनी, गन्धरस, अगर, आदि सब मुख्य मुख्य सुगन्धद्रव्य होते हैं। तू बारियों का सोता है, फूटते हुए जल का कुआँ, और लबानोन से बहती हुई धाराएं हैं।। हे उत्तर वायु जाग, और हे दक्खिनी वायु चली आ! मेरी बारी पर बह, जिस से उसका सुगन्ध फैले। मेरा प्रेमी अपनी बारी में आये, और उसके उत्तम उत्तम फल खाए।।
- Matthew 22:11 मत्ती 22:11जब राजा जेवनहारों के देखने को भीतर आया; तो उस ने वहां एक मनुष्य को देखा, जो ब्याह का वस्त्रा नहीं पहिने था।
- Luke 24:30–32 लूका 24:30–32जब वह उन के साथ भोजन करने बैठा, तो उस ने रोटी लेकर धन्यवाद किया, और उसे तोड़कर उन को देने लगा। तब उन की आंखे खुल गईं; और उन्हों ने उसे पहचान लिया, और वह उन की आंखों से छिप गया। उन्हों ने आपस में कहा; जब वह मार्ग में हम से बातें करता था, और पवित्रा शस्त्रा का अर्थ हमें समझाता था, तो क्या हमारे मन में उत्तेजना न उत्पन्न हुई?