Song of Solomon · chapter 1 · verse 7
Song of Solomon 1:7 in Hindi
हे मेरे प्राणप्रिय मुझे बता, तू अपनी भेड़- बकरियां कहां चराता है, दोपहर को तू उन्हें कहां बैठाता है; मैं क्यों तेरे संगियों की भेड़- बकरियों के पास घूंघट काढ़े हुए भटकती फिरूं?
He mere praanapriy mujhe bataa, too apanee bheda- bakariyaam kahaam charaataa hai, dopahar ko too unhem kahaam baithaataa hai; maim kyom tere sangiyom kee bheda- bakariyom ke paas ghoonghat kaadhe hue bhatakatee phiroom?
Song of Solomon 1:7 in English
- King James Version (KJV)
- Tell me, O thou whom my soul loveth, where thou feedest, where thou makest [thy flock] to rest at noon: for why should I be as one that turneth aside by the flocks of thy companions?
- World English Bible (WEB)
- Tell me, you whom my soul loves, where you graze your flock, where you rest them at noon; for why should I be as one who is veiled beside the flocks of your companions?
- American Standard Version (ASV)
- Tell me, O thou whom my soul loveth, Where thou feedest [thy flock], Where thou makest [it] to rest at noon: For why should I be as one that is veiled Beside the flocks of thy companions?
- Bible in Basic English (BBE)
- Say, O love of my soul, where you give food to your flock, and where you make them take their rest in the heat of the day; why have I to be as one wandering by the flocks of your friends?
- Darby Translation (DBY)
- Tell me, thou whom my soul loveth, Where thou feedest [thy flock], Where thou makest it to rest at noon; For why should I be as one veiled Beside the flocks of thy companions?
- Webster's Bible (WBS)
- Tell me, O thou whom my soul loveth, where thou feedest, where thou makest [thy flock] to rest at noon: for why should I be as one that turneth aside by the flocks of thy companions?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Declare to me, thou whom my soul hath loved, Where thou delightest, Where thou liest down at noon, For why am I as one veiled, By the ranks of thy companions?
Read in context
- 5हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं काली तो हूं परन्तु सुन्दर हूं, केदार के तम्बुओं के और सुलैमान के पर्दों के तुल्य हूं।
- 6मुझे इसलिये न घूर कि मैं साँवली हूं, क्योंकि मैं धूप से झुलस गई। मेरी माता के पुत्रा मुझ से अप्रसन्न थे, उन्हों ने मुझ को दाख की बारियों की रखवालिन बनाया; परन्तु मैं ने अपनी निज दाख की बारी की रखवाली नहीं की!
- 7हे मेरे प्राणप्रिय मुझे बता, तू अपनी भेड़- बकरियां कहां चराता है, दोपहर को तू उन्हें कहां बैठाता है; मैं क्यों तेरे संगियों की भेड़- बकरियों के पास घूंघट काढ़े हुए भटकती फिरूं?
- 8हे स्त्रियों में सुन्दरी, यदि तू यह न जानती हो तो भेड़- बकरियों के खुरों के चिन्हों पर चल और चरावाहों के तम्बुओं के पास अपनी बकरियों के बच्चों को चरा।।
- 9हे मेरी प्रिय मैं ने तेरी तुलना फिरौन के रथों में जुती हुई घोड़ी से की है।
Cross references
- Song of Solomon 3:1–4 श्रेष्ठगीत 3:1–4रात के समय में अपने पलंग पर अपने प्राणप्रिय को ढूंढ़ती रही; मैं उसे ढूंढ़ती तो रही, परन्तु उसे न पाया; मैं ने कहा, मैं अब उठकर नगर में, और सड़कों और चौकों में घूमकर अपने प्राणप्रिय को ढूंढूंगी। मैं उसे ढूंढती तो रही, परन्तु उसे न पाया। जो पहरूए नगर में घूमते थे, वे मुझे मिले, मैं ने उन से पूछा, क्या तुम ने मेरे प्राणप्रिय को देखा है? मुझ को उनके पास से आगे बढ़े थोड़े ही देर हुई थी कि मेरा प्राणप्रिय मुझे मिल गया। मैं ने उसको पकड़ लिया, और उसको जाने न दिया जब तक उसे अपनी मात के घर अर्थात् अपनी जननी की कोठरी में न ले आई।।
- Isaiah 13:20 यशायाह 13:20वह फिर कभी न बसेगा और युग युग उस में कोई वास न करेगा; अरबी लोग भी उस में डेरा खड़ा न करेंगे, और न चरवाहे उस में अपने पशु बैठाएंगे।
- Psalm 23:1–2 भजन संहिता 23:1–2यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है;
- Genesis 37:16 उत्पत्ति 37:16उस ने कहा, मैं तो अपने भाइयों को ढूंढता हूं: कृपा कर मुझे बता, कि वे भेड़- बकरियों को कहां चरा रहे हैं?
- Psalm 28:1 भजन संहिता 28:1हे यहोवा, मैं तुझी को पुकारूंगा; हे मेरी चट्टान, मेरी सुनी अनसुनी न कर, ऐसा न हो कि तेरे चुप रहने से मैं कब्र में पड़े हुओं के समान हो जाऊं जो पाताल में चले जाते हैं।
- 1 John 2:19 1 यूहन्ना 2:19वे निकले तो हम ही में से, पर हम में के थे नहीं; क्योंकि यदि हम में के होते, तो हमारे साथ रहते, पर निकल इसलिये गए कि यह प्रगट हो कि वे सब हम में के नहीं हैं।
- Psalm 18:1 भजन संहिता 18:1हे परमेश्वर, हे मेरे बल, मैं तुझ से प्रेम करता हूं।
- Song of Solomon 5:8 श्रेष्ठगीत 5:8हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम को शपथ धराकर कहती हूं, यदि मेरा प्रेमी तुमको मिल जाए, तो उस से कह देना कि में प्रेम में रोगी हूं।
- Psalm 116:1 भजन संहिता 116:1मैं प्रेम रखता हूं, इसलिये कि यहोवा ने मेरे गिड़गिड़ाने को सुना है।
- Colossians 3:14–18 कुलुस्सियों 3:14–18और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्ध है बान्ध लो। और मसीह की शान्ति जिस के लिये तुम एक देह होकर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो। मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।। हे पत्नियो, जेसा प्रभु में उचित है, वैसा ही अपने अपने पति के आधीन रहो।
- Song of Solomon 6:3 श्रेष्ठगीत 6:3मैं अपने प्रेमी की हूं और मेरा प्रेमी मरा है, वह अपनी भेड़- बकरियां सोसन फूलों के बीच चराता है।
- 1 Samuel 12:20–21 1 शमूएल 12:20–21शमूएल ने लोगों से कहा, डरो मत; तुम ने यह सब बुराई तो की है, परन्तु अब यहोवा के पीछे चलने से फिर मत मुड़ना; परन्तु अपने सम्पूर्ण मन से उस की उपासना करना; और मत मुड़ना; नहीं तो ऐसी व्यर्थ वस्तुओं के पीछे चलने लगोगे जिन से न कुछ लाभ पहुंचेगा, और न कुछ छुटकारा हो सकता है, क्योंकि वे सब व्यर्थ ही हैं।