Zechariah · chapter 8 · verse 17
Zechariah 8:17 in Hindi
और अपने अपने मन में एक दूसरे की हानि की कल्पना न करना, और झूठी शपथ से प्रीति न रखना, क्योंकि इन सब कामों से मैं धृणा करता हूं, यहोवा की यही वाणी है।।
Aur apane apane man mem ek doosare kee haani kee kalpanaa na karanaa, aur jhoothee shapath se preeti na rakhanaa, kyonki in sab kaamom se maim dhrunaa karataa hoom, yahovaa kee yahee vaanee hai..
Zechariah 8:17 in English
- King James Version (KJV)
- And let none of you imagine evil in your hearts against his neighbour; and love no false oath: for all these [are things] that I hate, saith the LORD.
- World English Bible (WEB)
- and let none of you devise evil in your hearts against his neighbor, and love no false oath; for all these are things that I hate,” says the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- and let none of you devise evil in your hearts against his neighbor; and love no false oath: for all these are things that I hate, saith Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let no one have any evil thought in his heart against his neighbour; and have no love for false oaths: for all these things are hated by me, says the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- and let none of you imagine evil in your hearts against his neighbour; and love no false oath: for all these are [things] that I hate, saith Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- And let none of you imagine evil in your hearts against his neighbor; and love no false oath: for all these [are things] that I hate, saith the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And each the evil of his neighbour ye do not devise in your heart, And a false oath ye do not love, For all these [are] things that I have hated, An affirmation of Jehovah.'
Read in context
- 15उसी प्रकार मैं ने इन दिनों में यरूशलेम की और यहूदा के घराने की भलाई करने को ठाना है; इसलिये तुम मत डरो।
- 16जो जो काम तुम्हें करना चाहिये, वे ये हैं: एक दूसरे के साथ सत्य बोला करना, अपनी कचहरियों में सच्चाई का और मेलमिलाप की नीति का न्याय करना,
- 17और अपने अपने मन में एक दूसरे की हानि की कल्पना न करना, और झूठी शपथ से प्रीति न रखना, क्योंकि इन सब कामों से मैं धृणा करता हूं, यहोवा की यही वाणी है।।
- 18फिर सेनाओं के यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
- 19सेनाओं का यहोवा यों कहता है: चौथे, पांचवें, सातवें और दसवें महीने में जो जो उपवास के दिन होते हैं, वे यहूदा के घराने के लिये हर्ष और आनन्द और उत्सव के पर्वों के दिन हो जाएगें; इसलिये अब तुम सच्चाई और मेलमिलाप से प्रीति रखो।।
Cross references
- Proverbs 6:16–19 नीतिवचन 6:16–19छ: वस्तुओं से यहोवा बैर रखता है, वरन सात हैं जिन से उसको धृणा है' अर्थात् घमण्ड से चढ़ी हुई आंखें, झूठ बोलनेवाली जीभ, और निर्दोष का लोहू बहानेवाले हाथ, अनर्थ कल्पना गढ़नेवाला मन, बुराई करने को वेग दौड़नेवाले पांव, झूठ बोलनेवाला साक्षी और भाइयों के बीच में झगड़ा उत्पन्न करनेवाला मनुष्य।
- Proverbs 3:29 नीतिवचन 3:29जब तेरा पड़ोसी तेरे पास बेखटके रहता है, तब उसके विरूद्ध बुरी युक्ति न बान्धना।
- Jeremiah 44:4 यिर्मयाह 44:4तौभी मैं अपने सब दास भविष्यद्वक्ताओं को बड़े यत्न से यह कहने के लिये तुम्हारे पास भेजता रहा कि यह घृणित काम मत करो, जिस से मैं घृणा रखता हूँ।
- Malachi 3:5 मलाकी 3:5तब मैं न्याय करने को तुम्हारे निकट आऊंगा; और टोन्हों, और व्यभिचारियों, और झूठी किरिया खानेवालों के विरूद्ध, और जो मजदूर की मजदूरी को दबाते, और विधवा और अनाथों पर अन्धेर करते, और परदेशी का न्याय बिगाड़ते, और मेरा भय नहीं मानते, उन सभों के विरूद्ध मैं तुरन्त साक्षी दूंगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।।
- Psalm 10:3 भजन संहिता 10:3क्योंकि दुष्ट अपनी अभिलाषा पर घमण्ड करता है, और लोभी परमेश्वर को त्याग देता है और उसका तिरस्कार करता है।।
- Micah 2:1–3 मीका 2:1–3हाय उन पर, जो बिछौनों पर पड़े हुए बुराइयों की कल्पना करते और दुष्ट कर्म की इच्छा करते हैं, और बलवन्त होने के कारण भोर को दिन निकलते ही वे उसको पूरा करते हैं। वे खेतों का लालच करके उन्हें छली लेते हैं, और घरों का लालच करके उन्हें भी ले लेते हैं; और उसके घराने समेत पुरूष पर, और उसके निज भाग समेत किसी पुरूष पर अन्धेर और अत्याचार कहते हैं। इस कारण, यहोवा यों कहता है, मैं इस कुल पर ऐसी विपत्ति डालने पर हूं, जिस के नीचे से तुम अपनी गर्दन हटा न सकोगे; क्योंकि वह विपत्ति का समय होगा।
- Psalm 5:5–6 भजन संहिता 5:5–6घमंडी तेरे सम्मुख खड़े होने न पांएगे; तुझे सब अनर्थकारियों से घृणा है। तू उन को जो झूठ बोलते हैं नाश करेगा; यहोवा तो हत्यारे और छली मनुष्य से घृणा करता है।
- Jeremiah 4:14 यिर्मयाह 4:14हे यरूशलेम, अपना हृदय बुराई से धो, कि, तुम्हारा उठ्ठार हो जाए। तुम कब तक व्यर्थ कल्पनाएं करते रहोगे?
- Habakkuk 1:13 हबक्कूक 1:13तेरी आंखें ऐसी शुद्ध हैं कि तू बुराई को देख ही नहीं सकता, और उत्पात को देखकर चुप नहीं रह सकता; फिर तू विश्वासघातियों को क्यों देखता रहता, और जब दुष्ट निर्दोष को निगल जाता है, तब तू क्यों चुप रहता है?
- Matthew 12:35 मत्ती 12:35भला, मनुष्य मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है।
- Zechariah 5:3–4 जकर्याह 5:3–4तब उस ने मुझ से कहा, यह वह शाप है जो इस सारे देश पर पड़नेवाला है; क्योंकि जो कोई चोरी करता है, वह उसकी एक ओर लिखे हुए के अनुसार मैल की नाईं निकाल दिया जाएगा; और जो कोई शपथ खाता है, वह उसकी दूसरी ओर लिखे हुए के अनुसार मैल की नाईं निकाल दिया जाएगा। सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है, मैं उसको ऐसा चलाऊंगा कि वह चोर के घर में और मेरे नाम की झूठी शपथ खानेवाले के घर में घुसकर ठहरेगा, और उसको लकड़ी और पत्थरों समेत नाश कर देगा।।
- Proverbs 6:14 नीतिवचन 6:14उसके मन में उलट फेर की बातें रहतीं, वह लगातार बुराई गढ़ता है और झगड़ा रगड़ा उत्पन्न करता है।