1 Chronicles · chapter 27 · verse 33
1 Chronicles 27:33 in Hindi
और अहीतोपेल राजा का मंत्री था, और एरेकी हूशै राजा का मित्रा था।
Aur aheetopel raajaa kaa mantree thaa, aur erekee hooshai raajaa kaa mitraa thaa.
1 Chronicles 27:33 in English
- King James Version (KJV)
- And Ahithophel [was] the king’s counsellor: and Hushai the Archite [was] the king’s companion:
- World English Bible (WEB)
- Ahithophel was the king’s counselor. Hushai the Archite was the king’s friend.
- American Standard Version (ASV)
- and Ahithophel was the king’s counsellor: and Hushai the Archite was the king’s friend:
- Bible in Basic English (BBE)
- And Ahithophel was the king's expert in discussion and Hushai the Archite was the king's friend.
- Darby Translation (DBY)
- and Ahithophel was the king's counsellor; and Hushai the Archite was the king's friend;
- Webster's Bible (WBS)
- And Ahithophel [was] the king's counselor: and Hushai the Archite [was] the king's companion:
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Ahithophel [is] counsellor to the king; and Hushai the Archite [is] the friend of the king;
Read in context
- 31और भैड़- बकरियों का अधिकारी हग्री याजीज था। ये ही सब राजा दाऊद के धन सम्मत्ति के अधिकारी थे।
- 32और दाऊद का भतीजा योनातान एक समझदार मंत्री और शास्त्री था, और किसी हक्मोनी का पुत्रा एहीएल राजपुत्रों के संग रहा करता था।
- 33और अहीतोपेल राजा का मंत्री था, और एरेकी हूशै राजा का मित्रा था।
- 34और यहीतोपेल के बाद बनायाह का पुत्रा यहोयादा और एरयातार मंत्री ठहराए गए। और राजा का प्रधान सेनापति योआब था।
Cross references
- 2 Samuel 15:12 2 शमूएल 15:12फिर जब अबशालोम का यज्ञ हुआ, तब उस ने गीलोवासी अहीतोपेल को, जो दाऊद का मंत्री था, बुलवा भेजा कि वह अपने नगर गीलो से आए। और राजद्रोह की गोष्ठी ने बल पकड़ा, क्योंकि अबशालोम के पक्ष के लोग बराबर बढ़ते गए।
- 2 Samuel 15:37 2 शमूएल 15:37और दाऊद का मित्रा, हूशै, नगर को गया, और अबशालोम भी यरूशलेम में पहुंच गया।
- 2 Samuel 15:32 2 शमूएल 15:32जब दाऊद चोटी तक पहुंचा, जहां परमेश्वर को दणडवत् किया करते थे, तब एरेकी हूशै अंगरखा फाड़े, सिर पर मिट्टी डाले हुए उस से मिलने को आया।
- 2 Samuel 16:16–17 2 शमूएल 16:16–17जब दाऊद का मित्रा एरेकी हूशै अबशालोम के पास पहुंचा, तब हूशै ने अबशालोम से कहा, राजा चिरंजीव रहे! राजा चिरंजीव रहे! अबशालोम ने उस से कहा, क्या यह तेरी प्रीति है जो तू अपने मित्रा से रखता है? तू अपने मित्रा के संग क्यों नहीं गया?
- 2 Samuel 17:23 2 शमूएल 17:23जब अहीतोपेल ने देखा कि मेरी सम्मति के अनुसार काम नहीं हुआ, तब उस ने अपने गदहे पर काठी कसी, और अपने नगर में जाकर अपने घर में गया। और अपने घराने के विषय जो जो आज्ञा देनी थी वह देकर अपने को फांसी लगा ली; और वह मर गया, और उसके पिता के कब्रिस्तान में उसे मिट्टी दे दी गई।
- Psalm 55:13 भजन संहिता 55:13परन्तु वह तो तू ही था जो मेरी बराबरी का मनुष्य मेरा परममित्रा और मेरी जान पहचान का था।
- 2 Samuel 16:23 2 शमूएल 16:23उन दिनों जो सम्मति अहीतोपेल देता था, वह ऐसी होती थी कि मानो कोई परमेश्वर का वचन पूछलेता हो; अहीतोपेल चाहे दाऊद को चाहे अबशलोम को, जो जो सम्मति देता वह ऐसी ही होती थी।
- Zechariah 13:7 जकर्याह 13:7सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, हे तलवार, मेरे ठहराए हुए चरवाहे के विरूद्ध अर्थात् जो पुरूष मेरा स्वजाति है, उसके विरूद्ध चल। तू उस चरवाहे को काट, तब भेड़- बकरियां तितर- बितर हो जाएंगी; और बच्चों पर मैं अपने हाथ बढ़ाऊंगा।