1 Corinthians · chapter 10 · verse 29
1 Corinthians 10:29 in Hindi
मेरा मतलब, तेरा विवेक नहीं, परन्तु उस दूसरे का। भला, मेरी स्वतंत्राता दूसरे के विचार से क्यों परखी जाए:
Meraa matalab, teraa vivek naheem, parantu us doosare kaa. Bhalaa, meree svatantraataa doosare ke vichaar se kyom parakhee jaae:
1 Corinthians 10:29 in English
- King James Version (KJV)
- Conscience, I say, not thine own, but of the other: for why is my liberty judged of another [man’s] conscience?
- World English Bible (WEB)
- Conscience, I say, not your own, but the other’s conscience. For why is my liberty judged by another conscience?
- American Standard Version (ASV)
- conscience, I say, not thine own, but the other’s; for why is my liberty judged by another conscience?
- Bible in Basic English (BBE)
- Right and wrong, I say, not for you, but for the other man; for the fact that I am free is not dependent on another man's sense of right or wrong.
- Darby Translation (DBY)
- but conscience, I mean, not thine own, but that of the other: for why is my liberty judged by another conscience?
- Webster's Bible (WBS)
- Conscience, I say, not thy own, but of the other: for why is my liberty judged by another [man's] conscience?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and conscience, I say, not of thyself, but of the other, for why [is it] that my liberty is judged by another's conscience?
Read in context
- 27और यदि अविश्वायिों में से कोई तुम्हें नेवता दे, और तुम जाना चाहो, तो जो कुछ तुम्हारे साम्हने रखा जाए वही खाओ: और विवेक के कारण कुछ न पूछो।
- 28परन्तु यदि कोई तुम से कहे, यह तो मूरत को बलि की हुई वस्तु है, तो उसी बतानेवाले के कारण, और विवेक के कारण न खाओ।
- 29मेरा मतलब, तेरा विवेक नहीं, परन्तु उस दूसरे का। भला, मेरी स्वतंत्राता दूसरे के विचार से क्यों परखी जाए:
- 30यदि मैं धन्यवाद करके साझी होता हूं, तो जिस पर मैं धन्यवाद करता हूं, उसके कारण मेरी बदनामीं क्यों होती है?
- 31सो तुम चाहे खाओ, चाहे पीओ, चाहे जो कुछ करो, सब कुछ परमेश्वर की महीमा के लिये करो।
Cross references
- 1 Corinthians 9:19 1 कुरिन्थियों 9:19क्योंकि सब से स्वतंत्रा होने पर भी मैं ने अपने आप को सब का दास बना दिया है; कि अधिक लोगों को खींच लाऊं।
- Romans 14:15–21 रोमियों 14:15–21यदि तेरा भाई तेरे भोजन के कारण उदास होता है, तो फिर तू प्रेम की रीति से नहीं चलता: जिस के लिये मसीह मरा उस को तू अपने भोजन के द्वारा नाश न कर। अब तुम्हारी भलाई की निन्दा न होने पाए। क्योंकि परमशॆवर का राज्या खानापीना नहीं; परन्तु धर्म और मिलाप और वह आनन्द है; जो पवित्राआत्मा से होता है और जो कोई इस रीति से मसीह की सेवा करता है, वह परमेश्वर को भाता है और मनुष्यों में ग्रहणयोग्य ठहरता है। इसलिये हम उन बातों का प्रयत्न करें जिनसे मेल मिलाप और एक दूसरे का सुधार हो। भोजन के लिये परमेश्वर का काम न बिगाड़: सब कुछ शुद्ध तो है, परन्तु उस मनुष्य के लिये बुरा है, जिस को उसके भोजन करने से ठोकर लगती है। भला तो यह है, कि तू न मांस खाए, और न दाख रस पीए, न और कुछ ऐसा करे, जिस से तेरा भाई ठोकर खाए।
- 1 Corinthians 8:9–13 1 कुरिन्थियों 8:9–13परन्तु चौकस रहो, ऐसा न हो, कि तुम्हारी यह स्वतंत्राता कहीं निर्बलों के लिये ठोकर का कारण हो जाए। क्योंकि यदि कोई तुझ ज्ञानी को मूरत के मन्दिर में भोजन करते देखे, और वह निर्बल जन हो, तो क्या उसके विवेक में मूरत के साम्हने बलि की हुई वस्तु के खाने का हियाव न हो जाएगा। इस रीति से तेरे ज्ञान के कारण वह निर्बल भाई जिस के लिये मसीह मरा नाश हो जाएगा। सो भाइयों का अपराध करने से ओर उन के निर्बल विवेक को चोट देने से तुम मसीह का अपराध करते हो। इस कारण यदि भोजन मेरे भाई को ठोकर खिलाए, तो मैं कभी किसी रीति से मांस न खाऊंगा, न हो कि मैं अपने भाई के ठोकर का कारण बनूं।
- 2 Corinthians 8:21 2 कुरिन्थियों 8:21क्योंकि जो बातें केवल प्रभु ही के निकट नहीं, परन्तु मनुष्यों के निकट भी भली हैं हम उन की चिन्ता करते हैं।
- 1 Corinthians 10:32 1 कुरिन्थियों 10:32तुम न यहूदियों, न यूनानियों, और न परमेश्वर की कलीसिया के लिये ठोकर का कारण बनो।
- 1 Thessalonians 5:22 1 थिस्सलुनीकियों 5:22सब प्रकार की बुराई से बचे रहो।।
Original words (Greek)
- Conscience · G4893συνείδησις syneídēsis
- say · G3004λέγω légō
- not · G3780οὐχί ouchí
- own · G1438ἑαυτοῦ heautoû
- but · G235ἀλλά allá
- other · G2087ἕτερος héteros
- for · G1063γάρ gár
- why · G2444ἱνατί hinatí
- my · G3450μοῦ moû
- liberty · G1657ἐλευθερία eleuthería
- judged · G2919κρίνω krínō
- of · G5259ὑπό hypó
- another · G243ἄλλος állos
- conscience · G4893συνείδησις syneídēsis