1 Corinthians · chapter 6 · verse 5
1 Corinthians 6:5 in Hindi
मैं तुम्हें लज्जित करने के लिये यह कहता हूं: क्या सचमुच तुम में से एक भी बुद्धिमान नहीं मिलता, जो अपने भाइयों का निर्णय कर सके?
Maim tumhem lajjit karane ke liye yah kahataa hoom: kyaa sachamuch tum mem se ek bhee buddhimaan naheem milataa, jo apane bhaaiyom kaa nirnay kar sake?
1 Corinthians 6:5 in English
- King James Version (KJV)
- I speak to your shame. Is it so, that there is not a wise man among you? no, not one that shall be able to judge between his brethren?
- World English Bible (WEB)
- I say this to move you to shame. Isn’t there even one wise man among you who would be able to decide between his brothers?
- American Standard Version (ASV)
- I say [this] to move you to shame. What, cannot there be [found] among you one wise man who shall be able to decide between his brethren,
- Bible in Basic English (BBE)
- I say this to put you to shame. Is there not among you one wise man who may be able to give a decision between his brothers?
- Darby Translation (DBY)
- I speak to you [to put you] to shame. Thus there is not a wise person among you, not even one, who shall be able to decide between his brethren!
- Webster's Bible (WBS)
- I speak to your shame. Is it so, that there is not a wise man among you? no, not one that will be able to judge between his brethren?
- Young's Literal Translation (YLT)
- unto your shame I speak: so there is not among you one wise man, not even one, who shall be able to discern in the midst of his brethren!
Read in context
- 3क्या तुम नहीं जानते, कि हम स्वर्गदूतों का न्याय करेंगे? तो क्या सांसारिक बातों का निर्णय करना हो, तो क्या उन्हीं को बैठाओगे जो कलीसिया में कुछ नहीं समझे जाते हैं?
- 4सो यदि तुम्हें सांसारिक बातों का निर्णय करना हो, तो क्या उन्हीं को बैठाओगे जो कलीसिया में कुछ नहीं समझे जाते हैं?
- 5मैं तुम्हें लज्जित करने के लिये यह कहता हूं: क्या सचमुच तुम में से एक भी बुद्धिमान नहीं मिलता, जो अपने भाइयों का निर्णय कर सके?
- 6बरन भाई भाई में मुक मा होता है, और वह भी अविश्वासियों के साम्हने।
- 7परन्तु सचमुच तुम में बड़ा दोष तो यह है, कि आपस में मुक मा करते हो: बरन अन्याय क्यों नहीं सहते? अपनी हानि क्यों नहीं सहते?
Cross references
- 1 Corinthians 4:14 1 कुरिन्थियों 4:14मैं तुम्हें लज्जित करते के लिये ये बातें नहीं लिखता, परन्तु अपने प्रिय बालक जानकर उन्हें चितात हूं।
- 1 Corinthians 15:34 1 कुरिन्थियों 15:34धर्म के लिये जाग उठो और पाप न करो; क्योंकि कितने ऐसे हैं जो परमेश्वर को नहीं जानते, मैं तुम्हें लज्जित करते के लिये यह कहता हूं।।
- James 3:13–18 याकूब 3:13–18तुम में ज्ञानवान और समझदार कौन है? जो ऐसा हो वह अपने कामों को अच्छे चालचलन से उस नम्रता सहित प्रगट करे जो ज्ञान से उत्पन्न होती है। पर यदि तुम अपने अपने मन में कड़वी डाह और विरोध रखते हो, तो सत्य के विरोध में घमण्ड न करना, और न तो झूठ बोलना। यह ज्ञान वह नहीं, जो ऊपर से उतरता है बरन सांसारिक, और शारीरिक, और शैतानी है। इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्कर्म भी होता है। पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है। और मिलाप करानेवालों के लिये धार्मिकता का फल मेल- मिलाप के साथ बोया जाता है।।
- 1 Corinthians 11:14 1 कुरिन्थियों 11:14क्या स्वाभिविक रीति से भी तुम नहीं जानते, कि यदि पुरूष लम्बे बाल रखे, तो उसके लिये अपमान है।
- Proverbs 14:8 नीतिवचन 14:8चतुर की बुद्धि अपनी चाल का जानना है, परन्तु मूर्खों की मूढ़ता छल करना है।
- James 1:5 याकूब 1:5पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उस को दी जाएगी।
- 1 Corinthians 4:10 1 कुरिन्थियों 4:10हम मसीह के लिये मूर्ख है; परन्तु तुम मसीह में बुद्धिमान हो: हम निर्बल हैं परन्तु तुम बलवान हो: तुम आदर पाते हो, परन्तु हम निरादर होते हैं।
- 1 Corinthians 3:18 1 कुरिन्थियों 3:18कोई अपन आप को धोखा न दे: यदि तुम में से कोई इस संसार में अपने आप को ज्ञानी समझे, तो मूर्ख बने; कि ज्ञानी हो जाए।
- Acts 1:15 प्रेरितों के काम 1:15और उन्हीं दिनों में पतरस भाइयों के बीच में जो एक सौ बीस व्यक्ति के लगभग इकट्ठे थे, खड़ा होकर कहने लगा।
Original words (Greek)
- speak · G3004λέγω légō
- to · G4314πρός prós
- your · G5213ὑμῖν hymîn
- shame · G1791ἐντροπή entropḗ
- it · G2076ἐστί estí
- so · G3779οὕτω hoútō
- not · G3756οὐ ou
- wise · G4680σοφός sophós
- among · G1722ἐν en
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- not · G3761οὐδέ oudé
- one · G1520εἷς heîs
- that · G3739ὅς hós
- able · G1410δύναμαι dýnamai
- judge · G1252διακρίνω diakrínō
- between · G3319μέσος mésos
- his · G846αὐτός autós
- brethren · G80ἀδελφός adelphós