Psalms · chapter 103 · verse 15
Psalm 103:15 in Hindi
मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल की नाईं फूलता है,
Manushy kee aayu ghaas ke samaan hotee hai, vah maidaan ke phool kee naaeem phoolataa hai,
Psalm 103:15 in English
- King James Version (KJV)
- [As for] man, his days [are] as grass: as a flower of the field, so he flourisheth.
- World English Bible (WEB)
- As for man, his days are like grass. As a flower of the field, so he flourishes.
- American Standard Version (ASV)
- As for man, his days are as grass; As a flower of the field, so he flourisheth.
- Bible in Basic English (BBE)
- As for man, his days are as grass: his beautiful growth is like the flower of the field.
- Darby Translation (DBY)
- As for man, his days are as grass; as a flower of the field, so he flourisheth:
- Webster's Bible (WBS)
- [As for] man, his days [are] as grass: as a flower of the field, so he flourisheth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Mortal man! as grass [are] his days, As a flower of the field so he flourisheth;
Read in context
- 13जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।
- 14क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है।।
- 15मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल की नाईं फूलता है,
- 16जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।
- 17परन्तु यहोवा की करूणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती- पोतों पर भी प्रगट होता रहता है,
Cross references
- 1 Peter 1:24 1 पतरस 1:24क्योंकि हर एक प्राणी घास की नाईं है, और उस की सारी शोभा घास के फूल की नाईं है: घास सूख जाती है, और फूल झड़ जाता है।
- James 1:10–11 याकूब 1:10–11और धनवान अपनी नीच दशा पर: क्योंकि वह घास के फूल की नाई जाता रहेगा। क्योंकि सूर्य उदय होते ही कड़ी धूप पड़ती है और घास को सुखा देती है, और उसका फूल झड़ जाता है, और उस की शोभा जाती रहती है; उसी प्रकार धनवान भी अपने मार्ग पर चलते चलते धूल में मिल जाएगा।
- Isaiah 51:12 यशायाह 51:12मैं, मैं ही तेरा शान्तिदाता हूं; तू कौन है जो मरनेवाले मनुष्य से, और घास के समान मुर्झानेवाले आदमी से डरता है,
- Isaiah 40:6–8 यशायाह 40:6–8बोलनेवाले का वचन सुनाई दिया, प्रचार कर! मैं ने कहा, मैं क्या प्रचार करूं? सब प्राणी घास हैं, उनकी शोभा मैदान के फूल के समान है। जब यहोवा की सांस उस पर चलती है, तब घास सूख जाती है, और फूल मुर्झा जाता है; नि:सन्देह प्रजा घास है। घास तो सूख जाती, और फूल मुर्झा जाता है; परन्तु हमारे परमेश्वर का वचन सदैव अटल रहेगा।।
- Isaiah 28:1 यशायाह 28:1घमण्ड के मुकुट पर हाय! जो एप्रैम के मतवालों का है, और उनकी भड़कीली सुन्दरता पर जो मुर्झानेवाला फूल है, जो अति उपजाऊ तराई के सिरे पर दाखमधु से मतवालों की है।
- Job 14:1–3 अय्यूब 14:1–3मनुष्य जो स्त्री से उत्मन्न होता है, वह थेड़े दिनों का और दुख से भरा रहता है। वह फूल की नाई खिलता, फिर तोड़ा जाता हे; वह छाया की रीति पर ढल जाता, और कहीं ठहरता नहीं। फिर क्या तू ऐसे पर दृष्टि लगाता है? क्या तू मुझे अपने साथ कचहरी में घसीटता है?
- Psalm 90:5–6 भजन संहिता 90:5–6तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़नेवाली घास के समान होते हैं। वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक काटकर मुर्झा जाती है।।
- Isaiah 28:4 यशायाह 28:4और उनकी भड़कीली सुन्दरता का मुर्झानेवाला फूल जो अति उपजाऊ तराई के सिरे पर है, वह ग्रीष्मकाल से पहिले पके अंजीर के समान होगा, जिसे देखनेवाला देखते ही हाथ में ले और निगल जाए।।
- Nahum 1:4 नहूम 1:4उसके घुड़कने से महानद सूख जाते हैं, और समुद्र भी निर्जल हो जाता है; बाशान और कर्म्मैल कुम्हलाते और लबानोन की हरियाली जाती रहती है।