1 Kings · chapter 17 · verse 6
1 Kings 17:6 in Hindi
और सबेरे और सांझ को कौवे उसके पास रोटी और मांस लाया करते थे और वह नाले का पानी पिया करता था।
Aur sabere aur saanjh ko kauve usake paas rotee aur maans laayaa karate the aur vah naale kaa paanee piyaa karataa thaa.
1 Kings 17:6 in English
- King James Version (KJV)
- And the ravens brought him bread and flesh in the morning, and bread and flesh in the evening; and he drank of the brook.
- World English Bible (WEB)
- The ravens brought him bread and meat in the morning, and bread and meat in the evening; and he drank from the brook.
- American Standard Version (ASV)
- And the ravens brought him bread and flesh in the morning, and bread and flesh in the evening; and he drank of the brook.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the ravens took him bread in the morning and meat in the evening; and the water of the stream was his drink.
- Darby Translation (DBY)
- And the ravens brought him bread and flesh in the morning, and bread and flesh in the evening; and he drank of the torrent.
- Webster's Bible (WBS)
- And the ravens brought him bread and flesh in the morning, and bread and flesh in the evening; and he drank of the brook.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the ravens are bringing to him bread and flesh in the morning, and bread and flesh in the evening, and of the brook he drinketh.
Read in context
- 4उसी नाले का पानी तू पिया कर, और मैं ने कौवों को आज्ञा दी है कि वे तूझे वहां खिलाएं।
- 5यहोवा का यह वचन मानकर वह यरदन के साम्हने के करीत नाम नाले में जाकर छिपा रहा।
- 6और सबेरे और सांझ को कौवे उसके पास रोटी और मांस लाया करते थे और वह नाले का पानी पिया करता था।
- 7कुछ दिनों के बाद उस देश में वर्षा न होने के कारण नाला सूख गया।
- 8तब यहोवा का यह वचन उसके पास पहुंचा,
Cross references
- Psalm 78:23–24 भजन संहिता 78:23–24तौभी उस ने आकाश को आज्ञा दी, और स्वर्ग के ठ्ठारों को खोला; और उनके लिये खाने को मान बरसाया, और उन्हे स्वर्ग का अन्न दिया।
- Matthew 6:31–33 मत्ती 6:31–33इसलिये तुम चिन्ता करके यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे? क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए। इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं तुम्हें मिल जाएंगी।
- Psalm 78:15–16 भजन संहिता 78:15–16वह जंगल में चट्टानें फाड़कर, उनको मानो गहिरे जलाशयों से मनमाने पिलाता था। उस ने चट्टान से भी धाराएं निकालीं और नदियों का सा जल बहाया।।
- Jeremiah 37:21 यिर्मयाह 37:21तब सिदकिरयाह राजा की आज्ञा से यिर्मयाह पहरे के आंगन में रखा गया, और जब तक नगर की सब रोटी न चुक गई, तब तक उसको रोटीवालों की दूकान में से प्रतिदिन एक रोटी दी जाती थी। ओर यिर्मयाह पहरे के आंगन में रहने लगा।
- Luke 22:35 लूका 22:35और उस ने उन से कहा, कि जब मैं ने तुम्हें बटुए, और झोली, और जूते बिना भेजा था, तो क्या तुम को किसी वस्तु की घटी हुई थी? उन्हों ने कहा; किसी वस्तु की नहीं।
- Matthew 14:19–21 मत्ती 14:19–21तब उस ने लोगों को घास पर बैठने को कहा, और उन पांच रोटियों और दो मछलियों को लिया; और स्वर्ग की ओर देखकर धन्यवाद किया और रोटियां तोड़ तोड़कर चेलों को दीं, और चेलों ने लोगों को। और सब खाकर तृप्त हो गए, और उन्हों ने बचे हुए टुकड़ों से भरी हुई बारह टोकरियां उठाई। और खानेवाले स्त्रियों और बालकों को छोड़कर पांच हजार पुरूषों के अटकल थे।।
- Matthew 19:26 मत्ती 19:26यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।
- Psalm 37:19 भजन संहिता 37:19विपत्ति के समय, उनकी आशा न टूटेगी और न वे लज्जित होंगे, और अकाल के दिनों में वे तृप्त रहेंगे।।
- Judges 15:18–19 न्यायियों 15:18–19तब उसको बड़ी प्यास लगी, और उस ने यहोवा को पुकार के कहा तू ने अपने दास से यह बड़ा छुटकारा कराया है; फिर क्या मैं अब प्यासों मरके उन खतनाहीन लोगों के हाथ में पडूं? तब परमेश्वर ने लही में ओखली सा गढ़हा कर दिया, और उस में से पानी निकलने लगा; और जब शिमशोन ने पीया, तब उसके जी में जी आया, और वह फिर ताजा दम हो गया। इस कारण उस सोते का नाम एनहक्कोरे रखा गया, वह आज के दिन तक लही में हैं।
- Psalm 34:9–10 भजन संहिता 34:9–10ृहे यहोवा के पवित्रा लोगो, उसका भय मानो, क्योंकि उसके डरवैयों को किसी बात की घटी नहीं होती! जवान सिहों को तो घटी होती और वे भूखे भी रह जाते हैं; परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी भली वस्तु की घटी न होवेगी।।
- Isaiah 33:16 यशायाह 33:16वह चट्टानों के गढ़ों में शरण लिए हुए रहेगा; उसको रोटी मिलेगी और पानी की घटी कभी न होगी।।
- Psalm 37:3 भजन संहिता 37:3यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह।