1 Kings · chapter 3 · verse 15
1 Kings 3:15 in Hindi
तब सुलैमान जाग उठा; और देखा कि यह स्वप्न था; फिर वह यरूशलेम को गया, और यहोवा की वाचा के सन्दूक के साम्हने खड़ा होकर, होमबलि और मेलबलि चढ़ाए, और अपने सब कर्मचारियों के लिये जेवनार की।
Tab sulaimaan jaag uthaa; aur dekhaa ki yah svapn thaa; phir vah yarooshalem ko gayaa, aur yahovaa kee vaachaa ke sandook ke saamhane khadaa hokar, homabali aur melabali chadhaae, aur apane sab karmachaariyom ke liye jevanaar kee.
1 Kings 3:15 in English
- King James Version (KJV)
- And Solomon awoke; and, behold, [it was] a dream. And he came to Jerusalem, and stood before the ark of the covenant of the LORD, and offered up burnt offerings, and offered peace offerings, and made a feast to all his servants.
- World English Bible (WEB)
- Solomon awoke; and behold, it was a dream. Then he came to Jerusalem and stood before the ark of the LORD’s covenant, and offered up burnt offerings, offered peace offerings, and made a feast for all his servants.
- American Standard Version (ASV)
- And Solomon awoke; and, behold, it was a dream: and he came to Jerusalem, and stood before the ark of the covenant of Jehovah, and offered up burnt-offerings, and offered peace-offerings, and made a feast to all his servants.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Solomon, awakening, saw that it was a dream; then he came to Jerusalem, where he went before the ark of the agreement of the Lord, offering burned offerings and peace-offerings; and he made a feast for all his servants.
- Darby Translation (DBY)
- And Solomon awoke, and behold, it was a dream. And he came to Jerusalem, and stood before the ark of the covenant of Jehovah, and offered up burnt-offerings, and offered peace-offerings, and made a feast to all his servants.
- Webster's Bible (WBS)
- And Solomon awoke; and behold, [it was] a dream. And he came to Jerusalem, and stood before the ark of the covenant of the LORD, and offered up burnt-offerings, and offered peace-offerings, and made a feast to all his servants.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Solomon awaketh, and lo, a dream; and he cometh in to Jerusalem, and standeth before the ark of the covenant of Jehovah, and causeth to ascend burnt-offerings, and maketh peace-offerings. And he maketh a banquet for all his servants,
Read in context
- 13फिर जो तू ने नहीं मांगा, अर्थात् धन और महिमा, वह भी मैं तुझे यहां तक देता हूँ, कि तेरे जीवन भर कोई राजा तेरे तुल्य न होगा।
- 14फिर यदि तू अपने पिता दाऊद की नाई मेरे माग में चलता हुआ, मेरी विधियों और आज्ञाओं को मानता रहेगा तो मैं तेरी आयु को बढ़ाऊंगा।
- 15तब सुलैमान जाग उठा; और देखा कि यह स्वप्न था; फिर वह यरूशलेम को गया, और यहोवा की वाचा के सन्दूक के साम्हने खड़ा होकर, होमबलि और मेलबलि चढ़ाए, और अपने सब कर्मचारियों के लिये जेवनार की।
- 16उस समय दो वेश्याएं राजा के पास आकर उसके सम्मुख खड़ी हुई।
- 17उन में से एक स्त्री कहने लगी, हे मेरे प्रभु! मैं और यह स्त्री दोनों एक ही घर में रहती हैं; और इसके संग घर में रहते हुए मेरे एक बच्चा हुआ।
Cross references
- Genesis 41:7 उत्पत्ति 41:7और इन पतली बालों ने उन सातों मोटी और अन्न से भरी हुई बालों को निगल लिया। तब फिरौन जागा, और उसे मालूम हुआ कि यह स्वप्न ही था।
- 1 Kings 8:65 1 राजा 8:65और सुलैमान ने और उसके संग समस्त इस्राएल की एक बड़ी सभा ने जो हमात की घाटी से लेकर मिस्र के नाले तक के सब देशों से इट्ठी हुई थी, दो सप्ताह तक अर्थात् चौदह दिन तक हमारे परमेश्वर यहोवा के साम्हने पर्व को माना। फिर आठवें दिन उस ने प्रजा के लोगों को विदा किया।
- Esther 1:3 एस्तेर 1:3वहां उस ने अपने राज्य के तीसरे वर्ष में अपने सब हाकिमों और कर्मचारियों की जेवनार की। फ़ारस और मादै के सेनापति और प्रान्त- प्रान्त के प्रधान और हाकिम उसके सम्मुख आ गए।
- Daniel 5:1 दानिय्येल 5:1बेलशस्सर नाम राजा ने अपने हजार प्रधानों के लिये बड़ी जेवनार की, और उन हजार लोगों के साम्हने दाखमधु पिया।।
- Mark 6:21 मरकुस 6:21और ठीक अवसर पर जब हेरोदेस ने अपने जन्म दिन में अपने प्रधानों और सेनापतियों, और गलील के बड़े लोगों के लिये जेवनार की।
- 2 Chronicles 7:5 2 इतिहास 7:5और राजा सुलैमान ने बाईस हजार बैल और एक लाख बीस हजार भेड़ - बकरियां चढ़ाई। यों पूरी प्रजा समेत राजा ने यहोवा के भवन की प्रतिष्ठा की।
- 1 Kings 8:63 1 राजा 8:63और जो पशु सुलैमान ने मेलबलि में यहोवा को चढ़ाए, सो बाईस हजार बैल और एक लाख बीस हजार भेड़ें थीं। इस रीति राजा ने सब इस्राएलियों समेत यहोवा के भवन की प्रतिष्ठा की।
- Genesis 31:54 उत्पत्ति 31:54और याकूब ने उस पहाड़ पर मेलबलि चढ़ाया, और अपने भाई- बन्धुओं को भोजन करने के लिये बुलाया, सो उन्हों ने भोजन करके पहाड़ पर रात बिताई।
- 2 Chronicles 7:7–10 2 इतिहास 7:7–10फिर सुलैमान ने यहोवा के भवन के साम्हने आंगन के बीच एक स्थान ववित्रा करके होमबलि और मेलबलियों की चब वहीं चढ़ाई, क्योंकि सुलैमान की बनाई इई पीतल की बेदी होमबलि और अन्नबलि और चब के लिये छोटी थी। उसी समय सुलैमान ने और उसके संग हमात की घाटी से लेकर मिस्र के नाले तक के सारे इस्राएल की एक बहुत बड़ी सभा ने सात दिन तक पर्व को माना। और आठवें दिन को उन्हों ने महासभा की, उन्हों ने वेदी की प्रतिष्ठा सात दिन की; और पव को भी सात दिन माना। निदान सातवें महीने के तेइसवें दिन को उस ने प्रजा के लोगों को विदा किया, कि वे अपने अपने डेरे को जाएं, और वे उस भलाई के कारण जो यहोवा ने दाऊद और सुलैमान और अपनी प्रजा इस्राएल पर की थी आनन्दित थे।
- 2 Samuel 6:17–19 2 शमूएल 6:17–19और लोग यहोवा का सन्दूक भीतर ले आए, और उसके स्थान में, अर्थात् उस तम्बू में रखा, जो दाऊद ने उसके लिये खड़ा कराया था; और दाऊद ने यहोवा के सम्मुख होमबलि और मेलबलि चढ़ाए। जब दाऊद होमबलि और मेलबलि चढ़ा चुका, तब उस ने सेनाओं के यहोवा के नाम से प्रजा को आशीर्वाद दिया। तब उस ने समस्त प्रजा को, अर्थात्, क्या स्त्री क्या पुरूष, समस्त इस्राएली भीड़ के लोगों को एक एक रोटी, और एक एक टुकड़ा मांस, और किशमिश की एक एक टिकिया बंटवा दी। तब प्रजा के सब लोग अपने अपने घर चले गए।
- 1 Chronicles 16:1–2 1 इतिहास 16:1–2तब परमेश्वर का सन्दूक ले आकर उस तम्हू में रखा गया जो दाऊद ने उसके लिये खड़ा कराया था; और परमेश्वर के साम्हने होमबलि और मेलबलि चढ़ाए गए। जब दाऊद होमबलि और मेलबलि चढ़ा जूका, तब उस ने यहोवा के नाम से प्रजा को आशीर्वाद दिया।
- Jeremiah 31:26 यिर्मयाह 31:26इस पर मैं जाग उठा, और देखा, ओर मेरी नीन्द मुझे मीठी लगी।
Original words (Hebrew)
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- awoke · H3364יָקַץ yâqats
- dream · H2472חֲלוֹם chălôwm
- came · H935בּוֹא bôwʼ
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- stood · H5975עָמַד ʻâmad
- before · H6440פָּנִים pânîym
- ark · H727אָרוֹן ʼârôwn
- covenant · H1285בְּרִית bᵉrîyth
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- offerings · H5930עֹלָה ʻôlâh
- offered · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- offerings · H8002שֶׁלֶם shelem
- made · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- feast · H4960מִשְׁתֶּה mishteh
- servants · H5650עֶבֶד ʻebed