1 Samuel · chapter 25 · verse 21
1 Samuel 25:21 in Hindi
दाऊद ने तो सोचा था, कि मैं ने जो जंगल में उसके सब माल की ऐसी रक्षा की कि उसका कुछ भी न खोया, यह नि:सन्देह व्यर्थ हुआ; क्योंकि उस ने भलाई के बदले मुझ से बुराई ही की है।
Daaood ne to sochaa thaa, ki maim ne jo jangal mem usake sab maal kee aisee rakshaa kee ki usakaa kuchh bhee na khoyaa, yah ni:sandeh vyarth huaa; kyonki us ne bhalaaee ke badale mujh se buraaee hee kee hai.
1 Samuel 25:21 in English
- King James Version (KJV)
- Now David had said, Surely in vain have I kept all that this [fellow] hath in the wilderness, so that nothing was missed of all that [pertained] unto him: and he hath requited me evil for good.
- World English Bible (WEB)
- Now David had said, “Surely in vain I have kept all that this fellow has in the wilderness, so that nothing was missed of all that pertained to him. He has returned me evil for good.
- American Standard Version (ASV)
- Now David had said, Surely in vain have I kept all that this fellow hath in the wilderness, so that nothing was missed of all that pertained unto him: and he hath returned me evil for good.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now David had said, What was the use of my taking care of this man's goods in the waste land, so that there was no loss of anything which was his? he has only given me back evil for good.
- Darby Translation (DBY)
- Now David had said, Surely, in vain have I kept all that this [man] had in the wilderness, so that nothing was missed of all that was his; and he has requited me evil for good.
- Webster's Bible (WBS)
- (Now David had said, Surely in vain have I kept all that this [man] hath in the wilderness, so that nothing was missed of all that [pertained] to him: and he hath requited me evil for good.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And David said, 'Only, in vain I have kept all that this [one] hath in the wilderness, and nothing hath been looked after of all that he hath, and he turneth back to me evil for good;
Read in context
- 19और उस ने अपने जवानों से कहा, तुम मेरे आगे आगे चलो, मैं तुम्हारे पीछे पीछे आती हूं; परनतु उस ने अपने पति नाबाल से कुछ न कहा।
- 20वह गदहे पर चढ़ी हुई पहाड़ की आड़ में उतरी जाती थी, और दाऊद अपने जनों समेत उसके सामहने उतरा आता था; और वह उनको मिली।
- 21दाऊद ने तो सोचा था, कि मैं ने जो जंगल में उसके सब माल की ऐसी रक्षा की कि उसका कुछ भी न खोया, यह नि:सन्देह व्यर्थ हुआ; क्योंकि उस ने भलाई के बदले मुझ से बुराई ही की है।
- 22यदि बिहान को उजियाला होने तक उस जन के समस्त लोगों में से एक लड़के को भी मैं जीवित छोड़ूं, तो परमेश्वर मेरे सब शत्रुओं से ऐसा ही, वरन इस से भी अधिक करे।
- 23दाऊद को देख अबीगैल फुर्ती करके गदहे पर से उतर पड़ी, और दाऊद के सम्मुख मुंह के बल भूमि पर गिरकर दण्डवत् की।
Cross references
- Proverbs 17:13 नीतिवचन 17:13जो कोई भलाई के बदले में बुराई करे, उसके घर से बुराई दूर न होगी।
- Ephesians 4:26 इफिसियों 4:26क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे।
- Romans 12:21 रोमियों 12:21बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो।।
- Ephesians 4:31 इफिसियों 4:31सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए।
- 1 Thessalonians 5:15 1 थिस्सलुनीकियों 5:15सावधान! कोई किसी से बुराई के बदले बुराई न करे; पर सदा भलाई करने पर तत्पर रहो आपस में और सब से भी भलाई ही की चेष्टा करो।
- 1 Peter 2:20–23 1 पतरस 2:20–23क्योंकि यदि तुम ने अपराध करके घूसे खाए और धीरज धरा, तो उस में क्या बड़ाई की बात है? पर यदि भला काम करके दुख उठाते हो और धीरज धरते हो, तो यह परमेश्वर को भाता है। और तुम इसी के लिये बुलाए भी गए हो क्योंकि मसीह भी तुम्हारे लिये दुख उठाकर, तुम्हें एक आदर्श दे गया है, कि तुम भी उसके चिन्ह पर चलो। न तो उस ने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली। वह गाली सुनकर गाली नहीं देता था, और दुख उठाकर किसी को भी धमकी नहीं देता था, पर अपने आप को सच्चे न्यायी के हाथ में सौपता था।
- 1 Peter 3:17 1 पतरस 3:17क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।
- Psalm 38:20 भजन संहिता 38:20जो भलाई के बदले में बुराई करते हैं, वह भी मेरे भलाई के पीछे चलने के कारण मुझ से विरोध करते हैं।।
- Jeremiah 18:20 यिर्मयाह 18:20क्या भलाई के बदले में बुराई का व्यवहार किया जाए? तू इस बात का स्मरण कर कि मैं उनकी भलाई के लिये तेरे साम्हने प्रार्थना करने को खड़ा हुआ जिस से तेरी जलजलाहट उन पर से उतर जाए, और अब उन्हों ने मेरे प्राण लेने के लिये गड़हा खोदा है।
- Job 30:8 अय्यूब 30:8वे मूढ़ों और नीच लोगों के वंश हैं जो मार मार के इस देश से निकाले गए थे।
- Psalm 35:12 भजन संहिता 35:12वे मुझ से भलाई के बदले बुराई करते हैं; यहां तक कि मेरा प्राण ऊब जाता है।
- 1 Samuel 25:13 1 शमूएल 25:13तब दाऊद ने अपने जनों से कहा, अपनी अपनी तलवार बान्ध लो। तब उन्हों ने अपनी अपनी तलवार बान्ध ली; और दाऊद ने भी अपनी तलवार बान्घ ली; और कोई चार सौ पुरूष दाऊद के पीछे पीछे चले, और दो सौ समान के पास रह गए।