1 Timothy · chapter 4 · verse 7
1 Timothy 4:7 in Hindi
पर अशुद्ध और बूढ़ियों की सी कहानियों से अलग रह; और भक्ति के लिये अपना साधन कर।
Par ashuddh aur boodhiyom kee see kahaaniyom se alag rah; aur bhakti ke liye apanaa saadhan kar.
1 Timothy 4:7 in English
- King James Version (KJV)
- But refuse profane and old wives’ fables, and exercise thyself [rather] unto godliness.
- World English Bible (WEB)
- But refuse profane and old wives’ fables. Exercise yourself toward godliness.
- American Standard Version (ASV)
- but refuse profane and old wives’ fables. And exercise thyself unto godliness:
- Bible in Basic English (BBE)
- But have nothing to do with unclean and foolish stories. Give yourself training in religion:
- Darby Translation (DBY)
- But profane and old wives' fables avoid, but exercise thyself unto piety;
- Webster's Bible (WBS)
- But refuse profane and old wives' fables, and exercise thyself [rather] to godliness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the profane and old women's fables reject thou, and exercise thyself unto piety,
Read in context
- 5क्योंकि परमेश्वर के वचन और प्रार्थना से शुद्ध हो जाती है।।
- 6यदि तू भाइयों को इन बातों की सुधि दिलाता रहेगा, तो मसीह यीशु का अच्छा सेवक ठहरेगा: और विश्वास और उस अच्छे उपदेश की बातों से, जा तू मानता आया है, तेरा पालन- पोषण होता रहेगा।
- 7पर अशुद्ध और बूढ़ियों की सी कहानियों से अलग रह; और भक्ति के लिये अपना साधन कर।
- 8क्योंकि देह ही साधना से कम लाभ होता है, पर भक्ति सब बातों के लिये लाभदायक है, क्योंकि इस समय के और आनेवाले जीवन की भी प्रतिज्ञा इसी के लिये है।
- 9और यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है।
Cross references
- 2 Timothy 2:16 2 तीमुथियुस 2:16पर अशुद्ध बकवाद से बचा रह; क्योंकि ऐसे लोग और भी अभक्ति में बढ़ते जाएंगे।
- Titus 2:12 तीतुस 2:12और हमें चिताता है, कि हम अभक्ति और सांसारिक अभिलाषाओं से मन फेरकर इस युग में संयम और धर्म और भक्ति से जीवन बिताएं।
- 1 Timothy 1:4 1 तीमुथियुस 1:4और उन ऐसी कहानियों और अनन्त वंशावलियों पर मन न लगाएं, जिन से विवाद होते हैं; और परमेश्वर के उस प्रबन्ध के अनुसार नहीं, जो विश्वास से सम्बन्ध रखता है; वैसे ही फिर भी कहता हूं।
- 2 Peter 1:5–8 2 पतरस 1:5–8और इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्न करके, अपने विश्वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ। और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति। और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ। क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्फल न होने देंगी।
- Titus 3:9 तीतुस 3:9पर मूर्खता के विवादों, और वंशावलियों, और बैर विरोध, और उन झगड़ों से, जो व्यवस्था के विषय में हों बचा रह; क्योंकि वे निष्फल और व्यर्थ हैं।
- Hebrews 5:14 इब्रानियों 5:14पर अन्न सयानों के लिये है, जिन के ज्ञानेन्द्रिय अभ्यास करते करते, भले बुरे में भेद करने के लिये पक्के हो गए हैं।।
- 1 Timothy 6:11 1 तीमुथियुस 6:11पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर।
- 2 Timothy 2:23 2 तीमुथियुस 2:23पर मूर्खता, और अविद्या के विवादों से अलग रह; क्योंकि तू जानता है, कि उन से झगड़े होते हैं।
- Acts 24:16 प्रेरितों के काम 24:16इस से मैं आप भी यतन करता हूं, कि परमेश्वर की, और मनुष्यों की ओर मेरा विवेक सदा निर्दोष रहे।
- 1 Timothy 6:20 1 तीमुथियुस 6:20हे तीमुथियुस इस थाती की रखवाली कर और जिस ज्ञान को ज्ञान कहना ही भूल है, उसके अशुद्ध बकवाद और विरोध की बातों से परे रह।
- 2 Timothy 4:4 2 तीमुथियुस 4:4और अपने कान सत्य से फेरकर कथा- कहानियों पर लगाएंगे।
- 1 Timothy 3:16 1 तीमुथियुस 3:16और इस में सन्देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात् वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया।।