1 Timothy · chapter 5 · verse 1
1 Timothy 5:1 in Hindi
किसी बूढ़े को न डांट; पर उसे पिता जानकर समझा दे, और जवानों को भाई जानकर; बूढ़ी स्त्रियों को माता जानकर।
Kisee boodhe ko na daant; par use pitaa jaanakar samajhaa de, aur javaanom ko bhaaee jaanakar; boodhee striyom ko maataa jaanakar.
1 Timothy 5:1 in English
- King James Version (KJV)
- Rebuke not an elder, but intreat [him] as a father; [and] the younger men as brethren;
- World English Bible (WEB)
- Don’t rebuke an older man, but exhort him as a father; the younger men as brothers;
- American Standard Version (ASV)
- Rebuke not an elder, but exhort him as a father; the younger men as brethren:
- Bible in Basic English (BBE)
- Do not say sharp words to one who has authority in the church, but let your talk be as to a father, and to the younger men as to brothers:
- Darby Translation (DBY)
- Rebuke not an elder sharply, but exhort [him] as a father, younger [men] as brethren,
- Webster's Bible (WBS)
- Rebuke not an elder, but entreat [him] as a father; [and] the younger men as brethren;
- Young's Literal Translation (YLT)
- An aged person thou mayest not rebuke, but be entreating as a father; younger persons as brethren;
Read in context
- 1किसी बूढ़े को न डांट; पर उसे पिता जानकर समझा दे, और जवानों को भाई जानकर; बूढ़ी स्त्रियों को माता जानकर।
- 2और जवान स्त्रियों को पूरी पवित्राता से बहिन जानकर, समझा दे।
- 3उन विधवाओं का जो सचमुच विधवा हैं आदर कर।
Cross references
- Leviticus 19:32 लैव्यव्यवस्था 19:32पक्के बालवाले के साम्हने उठ खड़े होना, और बूढ़े का आदरमान करना, और अपने परमेश्वर का भय निरन्तर मानना; मैं यहोवा हूं।
- 1 Peter 5:5–6 1 पतरस 5:5–6हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, बरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है। इसलिये परमेश्वर के बलवन्त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए।
- Titus 2:2 तीतुस 2:2अर्थात् बूढ़े पुरूष, सचेत और गम्भीर और संयमी हों, और उन का विश्वास और प्रेम और धीरज पक्का हो।
- Galatians 6:1 गलातियों 6:1हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा जाए, तो तुम जो आत्मिक जो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो।
- 1 Timothy 5:19–20 1 तीमुथियुस 5:19–20कोई दोष किसी प्राचीन पर लगाया जाए तो बिना दो या तीन गवाहों के उस को न सुन। पाप करनेवालों को सब के साम्हने समझा दे, ताकि और लोग भी डरें।
- 1 Peter 5:1 1 पतरस 5:1तुम में जो प्राचीन हैं, मैं उन की नाईं प्राचीन और मसीह के दुखों का गवाह और प्रगट होनेवाली महिमा में सहभागी होकर उन्हें यह समझाता हूं।
- Titus 2:6 तीतुस 2:6ऐसे ही जवान पुरूषों को भी समझाया कर, कि संयमी हों।
- Matthew 18:15–17 मत्ती 18:15–17यदि तेरा भाई तेरा अपराध करे, तो जा और अकेले में बातचीत करके उसे समझा; यदि वह तेरी सुने तो तू ने अपने भाई को पा लिया। और यदि वह न सुने, तो और एक दो जन को अपने साथ ले जा, कि हर एक बात दो या तीन गवाहों के मुंह से ठहराई जाए। यदि वह उन की भी न माने, तो कलीसिया से कह दे, परन्तु यदि वह कलीसिया की भी न माने, तो तू उसे अन्यजाति और महसूल लेनेवाले के ऐसा जान।
- Matthew 23:8 मत्ती 23:8परन्तु, तुम रब्बी न कहलाना; कयोंकि तुम्हारा एक ही गुरू है: और तुम सब भाई हो।
- 2 Timothy 2:24–25 2 तीमुथियुस 2:24–25और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो। और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।
- 1 Timothy 5:17 1 तीमुथियुस 5:17जो प्राचीन अच्छा प्रबन्ध करते हैं, विशेष करके वे जो वचन सुनाने और सिखाने में परिश्रम करते हैं, दो गुने आदर के योग्य समझे जाएं।
- Galatians 2:11–14 गलातियों 2:11–14पर जब कैफा अन्ताकिया में आया तो मैं ने उसके मुंह पर उसका साम्हना किया, क्योंकि वह दोषी ठहरा था। इसलिये कि याकूब की ओर से कितने लोगों के आने से पहिले वह अन्यजातियों के साथ खाया करता था, परन्तु जब वे आए, तो खतना किए हुए लोगों के डर के मारे उन से हट गया और किनारा करने लगा। और उसके साथ शेष यहूदियों ने भी कपट किया, यहां तक कि बरनबास भी उन के कपट में पड़ गया। पर जब मैं ने देखा, कि वे सुसमाचार की सच्चाई पर सीधी चाल नहीं चलते, तो मैं ने सब के साम्हने कैफा से कहा; कि जब तू यहूदी होकर अन्यजातियों की नाई चलता है, और यहूदियों की नाईं नहीं तो तू अन्यजातियों को यहूदियों की नाईं चलने को क्यों कहता है?