1 Timothy · chapter 5 · verse 19
1 Timothy 5:19 in Hindi
कोई दोष किसी प्राचीन पर लगाया जाए तो बिना दो या तीन गवाहों के उस को न सुन।
Koee dosh kisee praacheen par lagaayaa jaae to binaa do yaa teen gavaahom ke us ko na sun.
1 Timothy 5:19 in English
- King James Version (KJV)
- Against an elder receive not an accusation, but before two or three witnesses.
- World English Bible (WEB)
- Don’t receive an accusation against an elder except at the word of two or three witnesses.
- American Standard Version (ASV)
- Against an elder receive not an accusation, except at [the mouth of] two or three witnesses.
- Bible in Basic English (BBE)
- Do not take as true any statement made against one in authority, but only if two or three give witness to it.
- Darby Translation (DBY)
- Against an elder receive not an accusation unless where there are two or three witnesses.
- Webster's Bible (WBS)
- Against an elder receive not an accusation, but before two or three witnesses.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Against an elder an accusation receive not, except upon two or three witnesses.
Read in context
- 17जो प्राचीन अच्छा प्रबन्ध करते हैं, विशेष करके वे जो वचन सुनाने और सिखाने में परिश्रम करते हैं, दो गुने आदर के योग्य समझे जाएं।
- 18क्योंकि पवित्रा शास्त्रा कहता है, कि दांवनेवाले बैल का मुंह न बान्धना, क्योंकि मजदूर अपनी मजदूरी का हक्कदार है।
- 19कोई दोष किसी प्राचीन पर लगाया जाए तो बिना दो या तीन गवाहों के उस को न सुन।
- 20पाप करनेवालों को सब के साम्हने समझा दे, ताकि और लोग भी डरें।
- 21परमेश्वर, और मसीह यीशु, और चुने हुए स्वर्गदूतों को उपस्थित जानकर मैं तुझे चितौनी देता हूं कि तू मन खोलकर इन बातों को माना कर, और कोई काम पक्षपात से न कर।
Cross references
- Matthew 18:16 मत्ती 18:16और यदि वह न सुने, तो और एक दो जन को अपने साथ ले जा, कि हर एक बात दो या तीन गवाहों के मुंह से ठहराई जाए।
- Deuteronomy 19:15 व्यवस्थाविवरण 19:15किसी मनुष्य के विरुद्ध किसी प्रकार के अधर्म वा पाप के विषय में, चाहे उसका पाप कैसा ही क्यों न हो, एक ही जन की साक्षी न सुनना, परन्तु दो वा तीन साक्षीयों के कहने से बात पक्की ठहरे।
- 2 Corinthians 13:1 2 कुरिन्थियों 13:1अब तीसरी बार तुम्हारे पास आता हूं: दो या तीन गवाहों के मुंह से हर एक बात ठहराई जाएगी।
- Deuteronomy 17:6 व्यवस्थाविवरण 17:6जो प्राणदण्ड के योग्य ठहरे वह एक ही की साक्षी से न मार डाला जाए, किन्तु दो वा तीन मनुष्यों की साक्षी से मार डाला जाए।
- Titus 1:6 तीतुस 1:6जो निर्दोष और एक ही पत्नी के पति हों, जिन के लड़केबाले विश्वासी हो, और जिन्हें लुचपन और निरंकुशता का दोष नहीं।
- Hebrews 10:28 इब्रानियों 10:28जब कि मूसा की व्यवस्था का न माननेवाला दो या तीन जनों की गवाही पर, बिना दया के मार डाला जाता है।
- Deuteronomy 19:18–19 व्यवस्थाविवरण 19:18–19तब न्यायी भली भांति पूछपाछ करें, और यदि यह निर्णय पाए कि वह झूठा साक्षी है, और अपने भाई के विरुद्ध झूठी साक्षी दी है तो अपने भाई की जैसी भी हानि करवाने की युक्ति उसने की हो वैसी ही तुम भी उसकी करना; इसी रीति से अपने बीच में से ऐसी बुराई को दूर करना।
- Acts 25:16 प्रेरितों के काम 25:16परन्तु मैं ने उन को उत्तर दिया, कि रोमियों की यह रीति नहीं, कि किसी मनुष्य को दण्ड के लिये सौंप दें, जब तक मुस्राअलैह को अपने मु इयों के आमने सामने खड़े होकर दोष के उत्तर देने का अवसर न मिले।
- John 8:17 यूहन्ना 8:17और तुम्हारी व्यवस्था में भी लिखा है; कि दो जनों की गवाही मिलकर ठीक होती है।
- John 18:29 यूहन्ना 18:29तब पीलातुस उन के पास बाहर निकल आया और कहा, तुम इस मनुष्य पर किस बात की नालिया करते हो?
- Acts 11:30 प्रेरितों के काम 11:30और उन्हों ने ऐसा ही किया; और बरनबास और शाऊल के हाथ प्राचीनों के पास कुछ भेज दिया।।
- Acts 24:2–13 प्रेरितों के काम 24:2–13जब वह बुलाया गया तो तिरतुल्लुस उन पर दोष लगाकर कहने लगा, कि, हे महाप्रतापी फेलिक्स, तेरे द्वारा हमें जो बड़ा कुशल होता है; और तेरे प्रबन्ध से इस जाति के लिये कितनी बुराइयां सुधरती जाती हैं। इस को हम हर जगह और हर प्रकार से धन्यवाद के साथ मानते हैं। परन्तु इसलिये कि तुझे और दुख नहीं देना चाहता, मैं तुझ से बिनती करता हूं, कि कृपा करके हमारी दो एक बातें सुन ले। क्योंकि हम ने इस मनुष्य को उपद्रवी और जगत के सारे यहूदियों में बलवा करानेवाला, और नासरियों के कुपन्थ का मुखिया पाया है। उस ने मन्दिर को अशुद्ध करना चाहा, और हम ने उसे पकड़ा। इन सब बातों को जिन के विषय में हम उस पर दोष लगाते हैं, तू आपही उस को जांच करके जान लेगा। यहूदियों ने भी उसका साथ देकर कहा, ये बातें इसी प्रकार की हैं।। जब हाकिम ने पौलुस को बोलने के लिये सैन किया तो उस ने उत्तर दिया, मैं यह जानकर कि तू बहुत वर्षों से इस जाति का न्याय करता है, आनन्द से अपना प्रत्युत्तर देता हूं। तू आप जान सकता है, कि जब से मैं यरूशलेम में भजन करने को आया, मुझे बारह दिन से ऊपर नहीं हुए। और उन्हों ने मुझे न मन्दिर में न सभा के घरों में, न नगर में किसी से विवाद करते या भीड़ लगाते पाया। और न तो वे उन बातों को, जिन का वे अब मुझ पर दोष लगाते हैं, तेरे साम्हने सच ठहरा सकते हैं। परन्तु यह मैं तेरे साम्हने सच ठहरा सकते हैं।