2 Corinthians · chapter 6 · verse 6
2 Corinthians 6:6 in Hindi
पवित्राता से, ज्ञान से, धीरज से, कृपालुता से, पवित्रा आत्मा से।
Pavitraataa se, jnyaan se, dheeraj se, krupaalutaa se, pavitraa aatmaa se.
2 Corinthians 6:6 in English
- King James Version (KJV)
- By pureness, by knowledge, by longsuffering, by kindness, by the Holy Ghost, by love unfeigned,
- World English Bible (WEB)
- in pureness, in knowledge, in perseverance, in kindness, in the Holy Spirit, in sincere love,
- American Standard Version (ASV)
- in pureness, in knowledge, in longsuffering, in kindness, in the Holy Spirit, in love unfeigned,
- Bible in Basic English (BBE)
- In a clean heart, in knowledge, in long waiting, in being kind, in the Holy Spirit, in true love,
- Darby Translation (DBY)
- in pureness, in knowledge, in longsuffering, in kindness, in [the] Holy Spirit, in love unfeigned,
- Webster's Bible (WBS)
- By pureness, by knowledge, by long-suffering, by kindness, by the Holy Spirit, by love unfeigned,
- Young's Literal Translation (YLT)
- in pureness, in knowledge, in long-suffering, in kindness, in the Holy Spirit, in love unfeigned,
Read in context
- 4परन्तु हर बात में परमेश्वर के सेवकों की नाई अपने सद्गुणों को प्रगट करते हैं, बड़े धैर्य से, क्लेशों से, दरिद्रता से, संकटो से।
- 5कोड़े खाने से, कैद होने से, हुल्लड़ों से, परिश्रम से, जागते रहने से, उपवास करने से।
- 6पवित्राता से, ज्ञान से, धीरज से, कृपालुता से, पवित्रा आत्मा से।
- 7सच्चे प्रेम से, सत्य के वचन से, परमेश्वर की सामर्थ से; धार्मिकता के हथियारों से जो दहिने, बाएं हैं।
- 8आदर और निरादर से, दुरनाम और सुनाम से, यद्यपि भरमानेवालों के ऐसे मालूम होते हैं तौभी सच्चे हैं।
Cross references
- Ephesians 4:32 इफिसियों 4:32और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।।
- Colossians 1:27 कुलुस्सियों 1:27जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है? और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है।
- Galatians 5:22 गलातियों 5:22पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज,
- Ephesians 4:2 इफिसियों 4:2अर्थात् सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे को सह लो।
- 2 Corinthians 12:15 2 कुरिन्थियों 12:15मैं तुम्हारी आत्माओं के लिये बहुत आनन्द से खर्च करूंगा, बरन आप भी खर्च हो जाऊंगा: क्या जितना बढ़कर मैं तुम से प्रेम रखता हूं, उतना ही घटकर तुम मुझ से प्रेम रखोगे?
- 2 Corinthians 2:4 2 कुरिन्थियों 2:4बड़े क्लेश, और मन के कष्ट से, मैं ने बहुत से आंसु बहा बहाकर तुम्हें लिखा, इसलिये नहीं, कि तुम उदास हो, परन्तु इसलिये कि तुम उस बड़े प्रेम को जान लो, जो मुझे तुम से है।।
- Galatians 3:5 गलातियों 3:5सो जो तुम्हें आत्मा दान करता और तुम में सामर्थ के काम करता है, वह क्या व्यवस्था के कामों से या विश्वास के सुसमाचार से ऐसा करता है?
- 2 Corinthians 3:3 2 कुरिन्थियों 3:3यह प्रगट है, कि तुम मसीह की पत्री हो, जिस को हम ने सेवकों की नाई लिखा; और जो सियाही से नहीं, परन्तु जीवते परमेश्वर के आत्मा से पत्थर की पटियों पर नहीं, परन्तु हृदय की मांस रूपी पटियों पर लिखी है।
- 2 Corinthians 11:6 2 कुरिन्थियों 11:6यदि मैं व्क्तवय में अनाड़ी हूं, तौभी ज्ञान में नहीं; बरन हम ने इस को हर बात में सब पर तुम्हारे लिये प्रगट किया है।
- 2 Corinthians 4:6 2 कुरिन्थियों 4:6इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिस ने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।।
- Romans 12:9 रोमियों 12:9प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई मे लगे रहो।
- 2 Corinthians 11:4 2 कुरिन्थियों 11:4यदि कोई तुम्हारे पास आकर, किसी दूसरे यीशु को प्रचार करे, जिस का प्रचार हम ने नहीं किया: या कोई और आत्मा तुम्हें मिले; जो पहिले न मिला था; या और कोई सुसमाचार जिसे तुम ने पहिले न माना था, तो तुम्हारा सहना ठीक होता।
Original words (Greek)
- By · G1722ἐν en
- pureness · G54ἁγνότης hagnótēs
- by · G1722ἐν en
- knowledge · G1108γνῶσις gnōsis
- by · G1722ἐν en
- longsuffering · G3115μακροθυμία makrothymía
- by · G1722ἐν en
- kindness · G5544χρηστότης chrēstótēs
- by · G1722ἐν en
- Holy · G40ἅγιος hágios
- Ghost · G4151πνεῦμα pneûma
- by · G1722ἐν en
- love · G26ἀγάπη agápē
- unfeigned · G505ἀνυπόκριτος anypókritos