Acts · chapter 10 · verse 17
Acts 10:17 in Hindi
जब पतरस अपने मन में दुविधा कर रहा था, कि यह दर्शन जो मैं ने देखा क्या है, तो देखो, वे मनुष्य जिन्हें कुरनेलियुस ने भेजा था, शमौन के घर का पता लगाकर डेवढ़ी पर आ खड़े हुए।
Jab pataras apane man mem duvidhaa kar rahaa thaa, ki yah darshan jo maim ne dekhaa kyaa hai, to dekho, ve manushy jinhem kuraneliyus ne bhejaa thaa, shamaun ke ghar kaa pataa lagaakar devadhee par aa khade hue.
Acts 10:17 in English
- King James Version (KJV)
- Now while Peter doubted in himself what this vision which he had seen should mean, behold, the men which were sent from Cornelius had made enquiry for Simon’s house, and stood before the gate,
- World English Bible (WEB)
- Now while Peter was very perplexed in himself what the vision which he had seen might mean, behold, the men who were sent by Cornelius, having made inquiry for Simon’s house, stood before the gate,
- American Standard Version (ASV)
- Now while Peter was much perplexed in himself what the vision which he had seen might mean, behold, the men that were sent by Cornelius, having made inquiry for Simon’s house, stood before the gate,
- Bible in Basic English (BBE)
- Now while Peter was in doubt as to the purpose of this vision, the men who were sent by Cornelius, having made search for Simon's house, came to the door,
- Darby Translation (DBY)
- And as Peter doubted in himself what the vision which he had seen might mean, behold also the men who were sent by Cornelius, having sought out the house of Simon, stood at the gate,
- Webster's Bible (WBS)
- Now while Peter doubted in himself what this vision which he had seen should mean, behold, the men who were sent from Cornelius had made inquiry for Simon's house, and were standing before the gate,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And as Peter was perplexed in himself what the vision that he saw might be, then, lo, the men who have been sent from Cornelius, having made inquiry for the house of Simon, stood at the gate,
Read in context
- 15फिर दूसरी बार उसे शब्द सुनाईं दिया, कि जो कुछ परमेश्वर ने शुद्ध ठहराया है, उसे तू अशुद्ध मत कह।
- 16तीन बार ऐसा ही हुआ; तब तुरन्त वह पात्र आकाश पर उठा लिया गया॥
- 17जब पतरस अपने मन में दुविधा कर रहा था, कि यह दर्शन जो मैं ने देखा क्या है, तो देखो, वे मनुष्य जिन्हें कुरनेलियुस ने भेजा था, शमौन के घर का पता लगाकर डेवढ़ी पर आ खड़े हुए।
- 18और पुकारकर पूछने लगे, क्या शमौन जो पतरस कहलाता है, यहीं पाहुन है
- 19पतरस जो उस दर्शन पर सोच ही रहा था, कि आत्मा ने उस से कहा, देख, तीन मनुष्य तेरी खोज में हैं।
Cross references
- 1 Peter 1:11 1 पतरस 1:11उन्होंने इस बात की खोज की कि मसीह का आत्मा जो उन में था, और पहिले ही से मसीह के दुखों की और उन के बाद होने वाली महिमा की गवाही देता था, वह कौन से और कैसे समय की ओर संकेत करता था।
- Acts 5:24 प्रेरितों के काम 5:24जब मन्दिर के सरदार और महायाजकों ने ये बातें सनीं, तो उन के विषय में भारी चिन्ता में पड़ गए कि यह क्या हुआ चाहता है?
- Acts 25:20 प्रेरितों के काम 25:20और मैं उलझन में था, कि इन बातों का पता कैसे लगाऊं? इसलिये मैं ने उस से पूछा, क्या तू यरूशलेम जाएगा, कि वहां इन बातों का फैसला हो?
- Acts 10:7–19 प्रेरितों के काम 10:7–19जब वह स्वर्गदूत जिस ने उस से बातें की थीं चला गया, तो उस ने दो सेवक, और जो उसके पास उपस्थित रहा करते थे उन में से एक भक्त सिपाही को बुलाया। और उन्हें सब बातें बता कर याफा को भेजा॥ दूसरे दिन, जब वे चलते चलते नगर के पास पहुंचे, तो दो पहर के निकट पतरस कोठे पर प्रार्थना करने चढ़ा। और उसे भूख लगी, और कुछ खाना चाहता था; परन्तु जब वे तैयार कर रहे थे, तो वह बेसुध हो गया। और उस ने देखा, कि आकाश खुल गया; और एक पात्र बड़ी चादर के समान चारों कोनों से लटकता हुआ, पृथ्वी की ओर उतर रहा है। जिस में पृथ्वी के सब प्रकार के चौपाए और रेंगने वाले जन्तु और आकाश के पक्षी थे। और उसे एक ऐसा शब्द सुनाईं दिया, कि हे पतरस उठ, मार के खा। परन्तु पतरस ने कहा, नहीं प्रभु, कदापि नहीं; क्योंकि मैं ने कभी कोई अपवित्र या अशुद्ध वस्तु नहीं खाई है। फिर दूसरी बार उसे शब्द सुनाईं दिया, कि जो कुछ परमेश्वर ने शुद्ध ठहराया है, उसे तू अशुद्ध मत कह। तीन बार ऐसा ही हुआ; तब तुरन्त वह पात्र आकाश पर उठा लिया गया॥ जब पतरस अपने मन में दुविधा कर रहा था, कि यह दर्शन जो मैं ने देखा क्या है, तो देखो, वे मनुष्य जिन्हें कुरनेलियुस ने भेजा था, शमौन के घर का पता लगाकर डेवढ़ी पर आ खड़े हुए। और पुकारकर पूछने लगे, क्या शमौन जो पतरस कहलाता है, यहीं पाहुन है पतरस जो उस दर्शन पर सोच ही रहा था, कि आत्मा ने उस से कहा, देख, तीन मनुष्य तेरी खोज में हैं।
- Acts 2:12 प्रेरितों के काम 2:12और वे सब चकित हुए, और घबराकर एक दूसरे से कहने लगे कि यह क्या हुआ चाहता है?
- John 13:12 यूहन्ना 13:12जब वह उन के पांव धो चुका और अपने कपड़े पहिनकर फिर बैठ गया तो उन से कहने लगा, क्या तुम समझे कि मैं ने तुम्हारे साथ क्या किया?
- Acts 9:43 प्रेरितों के काम 9:43और पतरस याफा में शमौन नाम किसी चमड़े के धन्धा करनेवाले के यहां बहुत दिन तक रहा।।
- Acts 10:3 प्रेरितों के काम 10:3उस ने दिन के तीसरे पहर के निकट दर्शन में स्पष्ट रूप से देखा, कि परमेश्वर का एक स्वर्गदूत मेरे पास भीतर आकर कहता है; कि हे कुरनेलियुस।
Original words (Greek)
- Now · G1161δέ dé
- while · G5613ὡς hōs
- Peter · G4074Πέτρος Pétros
- doubted · G1280διαπορέω diaporéō
- in · G1722ἐν en
- himself · G1438ἑαυτοῦ heautoû
- what · G5101τίς tís
- vision · G3705ὅραμα hórama
- which · G3739ὅς hós
- seen · G1492εἴδω eídō
- mean · G1498εἴην eíēn
- behold · G2400ἰδού idoú
- men · G435ἀνήρ anḗr
- which · G3588ὁ ho
- sent · G649ἀποστέλλω apostéllō
- from · G575ἀπό apó
- Cornelius · G2883Κορνήλιος Kornḗlios
- enquiry · G1331διερωτάω dierōtáō
- Simon’s · G4613Σίμων Símōn
- house · G3614οἰκία oikía
- and · G2532καί kaí
- stood · G2186ἐφίστημι ephístēmi
- before · G1909ἐπί epí
- gate · G4440πυλών pylṓn