Acts · chapter 19 · verse 15
Acts 19:15 in Hindi
पर दुष्टात्मा ने उत्तर दिया, कि यीशु को मैं जानती हूं, और पौलुस को भी पहचानती हूं; परन्तु तुम कौन हो?
Par dushtaatmaa ne uttar diyaa, ki yeeshu ko maim jaanatee hoom, aur paulus ko bhee pahachaanatee hoom; parantu tum kaun ho?
Acts 19:15 in English
- King James Version (KJV)
- And the evil spirit answered and said, Jesus I know, and Paul I know; but who are ye?
- World English Bible (WEB)
- The evil spirit answered, “Jesus I know, and Paul I know, but who are you?”
- American Standard Version (ASV)
- And the evil spirit answered and said unto them, Jesus I know, and Paul I know; but who are ye?
- Bible in Basic English (BBE)
- And the evil spirit, answering, said to them, I have knowledge of Jesus, and of Paul, but who are you?
- Darby Translation (DBY)
- But the wicked spirit answering said to them, Jesus I know, and Paul I am acquainted with; but ye, who are ye?
- Webster's Bible (WBS)
- And the evil spirit answered and said, Jesus I know, and Paul I know; but who are ye?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the evil spirit, answering, said, 'Jesus I know, and Paul I am acquainted with; and ye — who are ye?'
Read in context
- 13परन्तु कितने यहूदी जो झाड़ा फूंकी करते फिरते थे, यह करने लगे, कि जिन में दुष्टात्मा हों उन पर प्रभु यीशु का नाम यह कहकर फूंके कि जिस यीशु का प्रचार पौलुस करता है, मैं तुम्हें उसी की शपथ देता हूं।
- 14और स्क्किवा नाम के एक यहूदी महायाजक के सात पुत्रा थे, जो ऐसा ही करते थे।
- 15पर दुष्टात्मा ने उत्तर दिया, कि यीशु को मैं जानती हूं, और पौलुस को भी पहचानती हूं; परन्तु तुम कौन हो?
- 16और उस मनुष्य ने जिस में दुष्ट आत्मा थी; उन पर लपककर, और उन्हें वश में लाकर, उन पर ऐसा उपद्रव किया, कि वे नंगे और घायल होकर उस घर से निकल भागे।
- 17और यह बात इफिसुस के रहनेवाले यहूदी और यूनानी भी सब जान गए, और उन सब पर भय छा गया; और प्रभु यीशु के नाम की बड़ाई हुई।
Cross references
- Acts 16:17–18 प्रेरितों के काम 16:17–18वह पौलुस के और हमारे पीछे आकर चिल्लाने लगी कि ये मनुष्य परम प्रधान परमेश्वर के दास हैं, जो हमें उद्धार के मार्ग की कथा सुनाते हैं। वह बहुत दिन तक ऐसा ही करती रही, परन्तु पौलुस दु:खित हुआ, और मुंह फेरकर उस आत्मा से कहा, मैं तुझे यीशु मसीह के नाम से आज्ञा देता हूं, कि उस में से निकल जा और वह उसी घड़ी निकल गई।।
- Mark 5:9–13 मरकुस 5:9–13उस ने उस से पूछा; तेरा कया नाम है? उस ने उस से कहा; मेरा नाम सेना है; क्योंकि हम बहुत हैं। और उस ने उस से बहुत बिनती की, हमें इस देश से बाहर न भेज। वहां पहाड़ पर सूअरों का एक बड़ा झुण्ड चर रहा था। और उन्हों ने उस से बिनती करके कहा, कि हमें उन सूअरों में भेज दे, कि हम उन के भीतर जाएं। सो उस ने उन्हें आज्ञा दी और अशुद्ध आत्मा निकलकर सूअरों के भीतर पैठ गई और झुण्ड, जो कोई दो हजार का था, कड़ाडे पर से झपटकर झील में जा पड़ा, और डूब मरा।
- Luke 4:33–35 लूका 4:33–35आराधनालय में एक मनुष्य था, जिस में अशुद्ध आत्मा थी। वह ऊंचे शब्द से चिल्ला उठा, हे यीशु नासरी, हमें तुझ से क्या काम? क्या तू हमें नाश करने आया है? मैं तुझे जानता हूं तू कौन है? तू परमेश्वर का पवित्रा जन है। यीशु ने उसे डांटकर कहा, चुप रह: और उस में से निकल जा: तब दुष्टात्मा उसे बीच में पटककर बिना हानि पहुंचाए उस में से निकल गई।
- Mark 1:34 मरकुस 1:34और उस ने बहुतों को जो नाना प्रकार की बीमारियों से दुखी थे, चंगा किया; और बहुत से दुष्टात्माओं को निकाला; और दुष्टात्माओं को बोलने न दिया, क्योंकि वे उसे पहचानती थीं।।
- Mark 1:24 मरकुस 1:24उस ने चिल्लाकर कहा, हे यीशु नासरी, हमें तुझ से क्या काम? क्या तू हमें नाश करने आया है? मैं तुझे जानता हूं, तू कौन है? परमेश्वर का पवित्रा जन!
- Matthew 8:29–31 मत्ती 8:29–31और देखो, उन्हों ने चिल्लाकर कहा; हे परमेश्वर के पुत्रा, हमारा तुझ से क्या कहा? क्या तू समय से पहिले हमें दु:ख देने यहां आया है? उन से कुछ दूर बहुत से सूअरों का झुण्ड चर रहा था। दुष्टात्माओं ने उस से यह कहकर बिनती की, कि यदि तू हमें निकालता है, तो सूअरों के झुण्ड में भेज दे।
- Luke 8:28–32 लूका 8:28–32वह यीशु को देखकर चिल्लाया, और उसके साम्हने गिरकर ऊंचे शब्द से कहा; हे परम प्रधान परमेश्वर के पुत्र यीशु, मुझे तुझ से क्या काम! मैं तेरी बिनती करता हूं, मुझे पीड़ा न दे! क्योंकि वह उस अशुद्ध आत्मा को उस मनुष्य में से निकलने की आज्ञा दे रहा था, इसलिये कि वह उस पर बार बार प्रबल होती थी; और यद्यपि लोग उसे सांकलों और बेडिय़ों से बांधते थे, तौभी वह बन्धनों को तोड़ डालता था, और दुष्टात्मा उसे जंगल में भगाये फिरती थी। यीशु ने उस से पूछा; तेरा क्या नाम है? उसने कहा, सेना; क्योंकि बहुत दुष्टात्माएं उसमें पैठ गईं थीं। और उन्होंने उस से बिनती की, कि हमें अथाह गड़हे में जाने की आज्ञा न दे। वहां पहाड़ पर सूअरों का एक बड़ा झुण्ड चर रहा था, सो उन्होंने उस से बिनती की, कि हमें उन में पैठने दे, सो उस ने उन्हें जाने दिया।
- Genesis 3:1–5 उत्पत्ति 3:1–5यहोवा परमेश्वर ने जितने बनैले पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उस ने स्त्री से कहा, क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, कि तुम इस बाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना? स्त्री ने सर्प से कहा, इस बाटिका के वृक्षों के फल हम खा सकते हैं। पर जो वृक्ष बाटिका के बीच में है, उसके फल के विषय में परमेश्वर ने कहा है कि न तो तुम उसको खाना और न उसको छूना, नहीं तो मर जाओगे। तब सर्प ने स्त्री से कहा, तुम निश्चय न मरोगे, वरन परमेश्वर आप जानता है, कि जिस दिन तुम उसका फल खाओगे उसी दिन तुम्हारी आंखे खुल जाएंगी, और तुम भले बुरे का ज्ञान पाकर परमेश्वर के तुल्य हो जाओगे।
- 1 Kings 22:21–23 1 राजा 22:21–23निदान एक आत्मा पास आकर यहोव के सम्मुख खड़ी हुई, और कहने लगी, मैं उसको वहकाऊंगी: यहोवा ने पूछा, किस उपाय से? उस ने कहा, मैं जाकर उसके सब भविष्यद्वक्ताओं में पैठकर उन से झूठ बुलवाऊंगी। यहोवा ने कहा, तेरा उसको बहकाना सुफल होगा, जाकर ऐसा ही कर। तो अब सुन यहोवा ने तेरे इन सब भविष्यद्वक्ताओं के मुंह में एक झूठ बोलनेवाली आत्मा पैठाई है, और यहोवा ने तेरे विष्य हानि की बात कही है।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- evil · G4190πονηρός ponērós
- spirit · G4151πνεῦμα pneûma
- answered · G611ἀποκρίνομαι apokrínomai
- said · G2036ἔπω épō
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- know · G1097γινώσκω ginṓskō
- and · G2532καί kaí
- Paul · G3972Παῦλος Paûlos
- know · G1987ἐπίσταμαι epístamai
- but · G1161δέ dé
- who · G5101τίς tís
- are · G2075ἐστέ esté
- ye · G5210ὑμεῖς hymeîs