Acts · chapter 26 · verse 25
Acts 26:25 in Hindi
परन्तु उस ने कहा; हे महाप्रतापी फेस्तुस, मैं पागल नहीं, परन्तु सच्चाई और बुद्धि की बातें कहता हूं।
Parantu us ne kahaa; he mahaaprataapee phestus, maim paagal naheem, parantu sachchaaee aur buddhi kee baatem kahataa hoon.
Acts 26:25 in English
- King James Version (KJV)
- But he said, I am not mad, most noble Festus; but speak forth the words of truth and soberness.
- World English Bible (WEB)
- But he said, “I am not crazy, most excellent Festus, but boldly declare words of truth and reasonableness.
- American Standard Version (ASV)
- But Paul saith, I am not mad, most excellent Festus; but speak forth words of truth and soberness.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Paul said, I am not off my head, most noble Festus, but my words are true and wise.
- Darby Translation (DBY)
- But Paul said, I am not mad, most excellent Festus, but utter words of truth and soberness;
- Webster's Bible (WBS)
- But he said, I am not insane, most noble Festus; but speak forth the words of truth and soberness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he saith, 'I am not mad, most noble Festus, but of truth and soberness the sayings I speak forth;
Read in context
- 23कि मसीह को दुख उठाना होगा, और वही सब से पहिले मरे हुओं में से जी उठकर, हमारे लोगों में और अन्यजातियों में ज्योति का प्रचार करेगा।।
- 24जब वह इस रीति से उत्तर दे रहा था, तो फेस्तुस ने ऊंचे शब्द से कहा; हे पौलुस, तू पागल है: बहुत विद्या ने तुझे पागल कर दिया है।
- 25परन्तु उस ने कहा; हे महाप्रतापी फेस्तुस, मैं पागल नहीं, परन्तु सच्चाई और बुद्धि की बातें कहता हूं।
- 26राजा भी जिस के साम्हने मैं निडर होकर बोल रहा हूं, ये बातें जानता है, और मुझे प्रतीति है, कि इन बातों में से कोई उस से छिपी नहीं, क्योंकि उस घटना तो कोने में नहीं हुई।
- 27हे राजा अग्रिप्पा, क्या तू भविष्यद्वक्ताओं की प्रतीति करता है? हां, मैं जानता हूं, कि तू प्रतीति करता है।
Cross references
- Acts 23:26 प्रेरितों के काम 23:26महाप्रतापी फेलिक्स हाकिम को क्लौदियुस लूसियास को नमस्कार;
- Titus 2:7–8 तीतुस 2:7–8सब बातों में अपने आम को भले कामों का नमूना बना: तेरे उपदेश में सफाई, गम्भीरता। और ऐसी खराई पाई जाए, कि कोई उसे बुरा न कह सके; जिस से विरोधी हम पर कोई दोष लगाने की गौं न पाकर लज्जित हों।
- Titus 1:9 तीतुस 1:9और विश्वासयोग्य वचन पर जो धर्मोपदेश के अनुसार है, स्थिर रहे; कि खरी शिक्षा से उपदेश दे सके; और विवादियों का मुंह भी बन्द कर सके।।
- 1 Peter 2:21–23 1 पतरस 2:21–23और तुम इसी के लिये बुलाए भी गए हो क्योंकि मसीह भी तुम्हारे लिये दुख उठाकर, तुम्हें एक आदर्श दे गया है, कि तुम भी उसके चिन्ह पर चलो। न तो उस ने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली। वह गाली सुनकर गाली नहीं देता था, और दुख उठाकर किसी को भी धमकी नहीं देता था, पर अपने आप को सच्चे न्यायी के हाथ में सौपता था।
- Luke 1:3 लूका 1:3इसलिये हे श्रीमान थियुफिलुस मुझे भी यह उचित मालूम हुआ कि उन सब बातों का सम्पूर्ण हाल आरम्भ से ठीक ठीक जांच करके उन्हें तेरे लिये क्रमानुसार लिखूं।
- Acts 24:3 प्रेरितों के काम 24:3इस को हम हर जगह और हर प्रकार से धन्यवाद के साथ मानते हैं।
- 1 Peter 3:15 1 पतरस 3:15पर मसीह को प्रभु जानकर अपने अपने मन में पवित्रा समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
- John 8:49 यूहन्ना 8:49यीशु ने उत्तर दिया, कि मुझ में दुष्टात्मा नहीं; परन्तु मैं अपने पिता का आदर करता हूं, और तुम मेरा निरादर करते हो।
- 1 Peter 3:9 1 पतरस 3:9बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- said · G5346φημί phēmí
- am · G3105μαίνομαι maínomai
- not · G3756οὐ ou
- mad · G3105μαίνομαι maínomai
- noble · G2903κράτιστος krátistos
- Festus · G5347Φῆστος Phēstos
- but · G235ἀλλά allá
- forth · G669ἀποφθέγγομαι apophthéngomai
- words · G4487ῥῆμα rhēma
- truth · G225ἀλήθεια alḗtheia
- and · G2532καί kaí
- soberness · G4997σωφροσύνη sōphrosýnē