Acts · chapter 3 · verse 10
Acts 3:10 in Hindi
उस को पहचान लिया कि यह वही है, जो मन्दिर के सुन्दर फाटक पर बैठ कर भीख मांगा करता था; और उस घटना से जो उसके साथ हुई थी; वे बहुत अचम्भित और चकित हुए।।
Us ko pahachaan liyaa ki yah vahee hai, jo mandir ke sundar phaatak par baith kar bheekh maangaa karataa thaa; aur us ghatanaa se jo usake saath huee thee; ve bahut achambhit aur chakit hue..
Acts 3:10 in English
- King James Version (KJV)
- And they knew that it was he which sat for alms at the Beautiful gate of the temple: and they were filled with wonder and amazement at that which had happened unto him.
- World English Bible (WEB)
- They recognized him, that it was he who used to sit begging for gifts for the needy at the Beautiful Gate of the temple. They were filled with wonder and amazement at what had happened to him.
- American Standard Version (ASV)
- and they took knowledge of him, that it was he that sat for alms at the Beautiful Gate of the temple; and they were filled with wonder and amazement at that which had happened unto him.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they saw that it was the man who made requests for money at the door of the Temple, and they were full of wonder and surprise at what had taken place.
- Darby Translation (DBY)
- and they recognised him, that it was he who sat for alms at the Beautiful gate of the temple; and they were filled with wonder and amazement at what had happened to him.
- Webster's Bible (WBS)
- And they knew that it was he who sat for alms at the Beautiful gate of the temple: and they were filled with wonder and amazement at that which had happened to him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- they were knowing him also that this it was who for a kindness was sitting at the Beautiful gate of the temple, and they were filled with wonder and amazement at what hath happened to him.
Read in context
- 8और वह उछलकर खड़ा हो गया, और चलने फिरने लगा और चलता; और कूदता, और परमेश्वर की स्तुति करता हुआ उन के साथ मन्दिर में गया।
- 9सब लोगों ने उसे चलते फिरते और परमेश्वर की स्तुति करते देखकर।
- 10उस को पहचान लिया कि यह वही है, जो मन्दिर के सुन्दर फाटक पर बैठ कर भीख मांगा करता था; और उस घटना से जो उसके साथ हुई थी; वे बहुत अचम्भित और चकित हुए।।
- 11जब वह पतरस और यूहन्ना को पकड़े हुए था, तो सब लोग बहुत अचम्भा करते हुए उस ओसारे में जो सुलैमान का कहलाता है, उन के पास दौड़े आए।
- 12यह देखकर पतरस ने लोगों से कहा; हे इस्त्राएलियों, तुम इस मनुष्य पर क्यों अचम्भा करते हो, और हमारी ओर क्यों इस प्रकार देख रहे हो, कि मानो हम ही ने अपनी सामर्थ या भक्ति से इसे चलना- फिरता कर दिया।
Cross references
- Acts 3:2 प्रेरितों के काम 3:2और लोग एक जन्म के लंगड़े को ला रहे थे, जिस को वे प्रति दिन मन्दिर के उस द्वार पर जो सुन्दर कहलाता है, बैठा देते थे, कि वह मन्दिर में जानेवालों से भीख मांगे।
- John 9:3 यूहन्ना 9:3यीशु ने उत्तर दिया, कि न तो इस ने पाप किया था, न इस के माता पिता ने: परन्तु यह इसलिये हुआ, कि परमेश्वर के काम उस में प्रगट हों।
- John 5:20 यूहन्ना 5:20क्योंकि पिता पुत्रा से प्रीति रखता है और जो जो काम वह आप करता है, वह सब उसे दिखाता है; और वह इन से भी बड़े काम उसे दिखाएगा, ताकि तुम अचम्भा करो।
- Luke 9:43 लूका 9:43तब सब लोग परमेश्वर के महासामर्थ से चकित हुए।।
- Acts 4:21–22 प्रेरितों के काम 4:21–22तब उन्हों ने उन को और धमकाकर छोड़ दिया, क्योंकि लोगों के कारण उन्हें दण्ड देने का कोई दांव नहीं मिला, इसलिये कि जो घटना हुई थी उसके कारण सब लोग परमेश्वर की बड़ाई करते थे। क्योंकि वह मनुष्य, जिस पर यह चंगा करने का चिन्ह दिखाया गया था, चालीस वर्ष से अधिक आयु का था।
- Luke 4:36 लूका 4:36इस पर सब को अचम्भा हुआ, और वे आपस में बातें करके कहने लगे, यह कैसा वचन है? कि वह अधिकार और सामर्थ के साथ अशुद्ध आत्माओं को आज्ञा देता है, और वे निकल जाती हैं।
- Acts 4:14–16 प्रेरितों के काम 4:14–16और उस मनुष्य को जो अच्छा हुआ था, उन के साथ खड़े देखकर, वे विरोध में कुछ न कह सके। परन्तु उन्हें सभा के बाहर जाने की आज्ञा देकर, वे आपस में विचार करने लगे, कि हम इन मनुष्यों के साथ क्या करें? क्योंकि यरूशलेम के सब रहनेवालों पर प्रगट है, कि इन के द्वारा एक प्रसिद्ध चिन्ह दिखाया गया है; और हम उसका इन्कार नही कर सकते।
- John 9:18–21 यूहन्ना 9:18–21परन्तु यहूदियों को विश्वास न हुआ कि यह अन्धा था और अब देखता है जब तक उन्हों ने उसके माता- पिता को जिस की आंखे खुल गई थी, बुलाकर। उन से न पूछा, कि क्या यह तुम्हारा पुत्रा है, जिसे तुम कहते हो कि अन्धा जन्मा था? फिर अब क्योंकर देखता है? उसके माता- पिता ने उत्तर दिया; हम तो जानते हैं कि यह हमारा पुत्रा है, और अन्धा जन्मा था। परन्तु हम यह नहीं जानते हैं कि अब क्योंकर देखता है; और न यह जानते हैं, कि किस ने उस की आंखे खोलीं; वह सयाना है; उसी से पूछ लो; वह अपने विषय में आप कह देगा।
- Acts 2:7 प्रेरितों के काम 2:7और वे सब चकित और अचम्भित होकर कहने लगे; देखो, ये जो बोल रहे हैं क्या सब गलीली नहीं?
- Acts 2:12 प्रेरितों के काम 2:12और वे सब चकित हुए, और घबराकर एक दूसरे से कहने लगे कि यह क्या हुआ चाहता है?
Original words (Greek)
- And · G5037τέ té
- knew · G1921ἐπιγινώσκω epiginṓskō
- that · G3754ὅτι hóti
- it · G846αὐτός autós
- was · G2258ἦν ēn
- he · G3778οὗτος hoûtos
- which · G3588ὁ ho
- sat · G2521κάθημαι káthēmai
- for · G4314πρός prós
- alms · G1654ἐλεημοσύνη eleēmosýnē
- at · G1909ἐπί epí
- Beautiful · G5611ὡραῖος hōraîos
- gate · G4439πύλη pýlē
- temple · G2411ἱερόν hierón
- and · G2532καί kaí
- filled · G4130πλήθω plḗthō
- wonder · G2285θάμβος thámbos
- and · G2532καί kaí
- amazement · G1611ἔκστασις ékstasis
- at · G1909ἐπί epí
- which · G3588ὁ ho
- happened · G4819συμβαίνω symbaínō
- him · G846αὐτός autós