Deuteronomy · chapter 32 · verse 47
Deuteronomy 32:47 in Hindi
क्योंकि यह तुम्हारे लिये व्यर्थ काम नहीं, परन्तु तुम्हारा जीवन ही है, और ऐसा करने से उस देश में तुम्हारी आयु के दिन बहुत होंगे, जिसके अधिकारी होने को तुम यरदन पार जा रहे हो।।
Kyonki yah tumhaare liye vyarth kaam naheem, parantu tumhaaraa jeevan hee hai, aur aisaa karane se us desh mem tumhaaree aayu ke din bahut honge, jisake adhikaaree hone ko tum yaradan paar jaa rahe ho..
Deuteronomy 32:47 in English
- King James Version (KJV)
- For it [is] not a vain thing for you; because it [is] your life: and through this thing ye shall prolong [your] days in the land, whither ye go over Jordan to possess it.
- World English Bible (WEB)
- For it is no vain thing for you, because it is your life, and through this thing you shall prolong your days in the land, where you go over the Jordan to possess it.”
- American Standard Version (ASV)
- For it is no vain thing for you; because it is your life, and through this thing ye shall prolong your days in the land, whither ye go over the Jordan to possess it.
- Bible in Basic English (BBE)
- And this is no small thing for you, but it is your life, and through this you may make your days long in the land which you are going over Jordan to take for your heritage.
- Darby Translation (DBY)
- For it is no vain word for you, but it is your life, and through this word ye shall prolong your days on the land whereunto ye pass over the Jordan to possess it.
- Webster's Bible (WBS)
- For it [is] not a vain thing for you: because it [is] your life; and through this thing ye shall prolong [your] days in the land whither ye go over Jordan to possess it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for it [is] not a vain thing for you, for it [is] your life, and by this thing ye prolong days on the ground whither ye are passing over the Jordan to possess it.'
Read in context
- 45जब मूसा ये सब वचन सब इस्राएलियों से कह चुका,
- 46तब उस ने उन से कहा कि जितनी बातें मैं आज तुम से चिताकर कहता हूं उन सब पर अपना अपाना मन लगाओ, और उनके अर्थात् इस व्यवस्था की सारी बातों के मानने में चौकसी करने की आज्ञा अपने लड़केबालों को दो।
- 47क्योंकि यह तुम्हारे लिये व्यर्थ काम नहीं, परन्तु तुम्हारा जीवन ही है, और ऐसा करने से उस देश में तुम्हारी आयु के दिन बहुत होंगे, जिसके अधिकारी होने को तुम यरदन पार जा रहे हो।।
- 48फिर उसी दिन यहोवा ने मूसा से कहा,
- 49उस अबारीम पहाड़ की नबो नाम चोटी पर, जो मोआब देश में यरीहो के साम्हने है, चढ़कर कनान देश जिसे मैं इस्राएलियों की निज भूमि कर देता हूं उसको देख ले।
Cross references
- Proverbs 4:22 नीतिवचन 4:22क्योंकि जिनकों वे प्राप्त होती हैं, वे उनके जीवित रहने का, और उनके सारे शरीर के चंगे रहने का कारण होती हैं।
- Leviticus 18:5 लैव्यव्यवस्था 18:5इसलिये तुम मेरे नियमों और मेरी विधियों को निरन्तर मानना; जो मनुष्य उन को माने वह उनके कारण जीवित रहेगा। मैं यहोवा हूं।
- 2 Peter 1:16 2 पतरस 1:16क्योंकि जब हम ने तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह की सामर्थ का, और आगमन का समाचार दिया था तो वह चतुराई से गढ़ी हुई कहानियों का अनुकरण नहीं किया था बरन हम ने आप ही उसके प्रताप को देखा था।
- 1 Peter 3:10–12 1 पतरस 3:10–12क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे। वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई की करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्न में रहे। क्योंकि प्रभु की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उस की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्तु प्रभु बुराई करनेवालों के विमुख रहता है।।
- Proverbs 3:22 नीतिवचन 3:22तब इन से तुझे जीवन मिलेगा, और ये तेरे गले का हार बनेंगे।
- Proverbs 3:1–2 नीतिवचन 3:1–2हे मेरे पुत्रा, मेरी शिक्षा को न भूलना; अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना; क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा।
- Proverbs 3:18 नीतिवचन 3:18जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उसको पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं।।
- Deuteronomy 30:19–20 व्यवस्थाविवरण 30:19–20मैं आज आकाश और पृथ्वी दोनों को तुम्हारे साम्हने इस बात की साक्षी बनाता हूं, कि मैं ने जीवन और मरण, आशीष और शाप को तुम्हारे आगे रखा है; इसलिये तू जीवन ही को अपना ले, कि तू और तेरा वंश दोनों जीवित रहें; इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करो, और उसकी बात मानों, और उस से लिपटे रहो; क्योंकि तेरा जीवन और दीर्घ जीवन यही है, और ऐसा करने से जिस देश को यहोवा ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब, तेरे पूर्वजों को देने की शपथ खाई थी उस देश में तू बसा रहेगा।।
- Matthew 6:33 मत्ती 6:33इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं तुम्हें मिल जाएंगी।
- Isaiah 45:19 यशायाह 45:19मैं ने न किसी गुप्त स्थान में, न अन्धकार देश के किसी स्थान में बातें कीं; मैं ने याकूब के वंश से नहीं कहा, मुझे व्यर्थ में ढूंढ़ों। मैं यहोवा सत्य ही कहता हूं, मैं उचित बातें ही बताता हूं।।
- Romans 10:5–6 रोमियों 10:5–6क्योंकि मूसा ने यह लिखा है, कि जो मनुष्य उस धार्मिकता पर जो व्यवस्था से है, चलता है, वह इसी कारण जीवित रहेगा। परन्तु जो धार्मिकता विश्वास से है, वह यों कहती है, कि तू अपने मन में यह न कहना कि स्वर्ग पर कौन चढ़ेगा? (अर्थात् मसीह को उतार लाने के लिये!)
- 2 Peter 1:3 2 पतरस 1:3क्योंकि उसके ईश्वरीय सामर्थ ने सब कुछ जो जीवन और भक्ति से सम्बन्ध रखता है, हमें उसी की पहचान के द्वारा दिया है, जिस ने हमें अपनी ही महिमा और सद्गुण के अनुसार बुलाया है।