Ecclesiastes · chapter 1 · verse 3
Ecclesiastes 1:3 in Hindi
उस सब परिश्रम से जिसे मनुष्य धरती पर करता है, उसको क्या लाभ प्राप्त होता है?
Us sab parishram se jise manushy dharatee par karataa hai, usako kyaa laabh praapt hotaa hai?
Ecclesiastes 1:3 in English
- King James Version (KJV)
- What profit hath a man of all his labour which he taketh under the sun?
- World English Bible (WEB)
- What does man gain from all his labor in which he labors under the sun?
- American Standard Version (ASV)
- What profit hath man of all his labor wherein he laboreth under the sun?
- Bible in Basic English (BBE)
- What is a man profited by all his work which he does under the sun?
- Darby Translation (DBY)
- What profit hath man of all his labour wherewith he laboureth under the sun?
- Webster's Bible (WBS)
- What profit hath a man of all his labor, which he taketh under the sun?
- Young's Literal Translation (YLT)
- What advantage [is] to man by all his labour that he laboureth at under the sun?
Read in context
- 1यरूशलेम के राजा, दाऊद के पुत्रा और उपदेशक के वचन।
- 2उपदेशक का यह वचन है, कि व्यर्थ ही व्यर्थ, व्यर्थ ही व्यर्थ! सब कुछ व्यर्थ है।
- 3उस सब परिश्रम से जिसे मनुष्य धरती पर करता है, उसको क्या लाभ प्राप्त होता है?
- 4एक पीढ़ी जाती है, और दूसरी पीढ़ी आती है, परन्तु पृथ्वी सर्वदा बनी रहती है।
- 5सूर्य उदय होकर अस्त भी होता है, और अपने उदय की दिशा को वेग से चला जाता है।
Cross references
- Ecclesiastes 3:9 सभोपदेशक 3:9काम करनेवाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है?
- Ecclesiastes 5:16 सभोपदेशक 5:16यह भी एक बड़ी बला है कि जैसा वह आया, ठीक वैसा ही वह जाएगा; उसे उस व्यर्थ परिश्रम से और क्या लाभ है?
- Ecclesiastes 2:22 सभोपदेशक 2:22मनुष्य जो धरती पर मन लगा लगाकर परिश्रम करता है उस से उसको क्या लाभ होता है?
- Ecclesiastes 2:11 सभोपदेशक 2:11तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं।।
- Mark 8:36–37 मरकुस 8:36–37यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? और मनुष्य अपने प्राण के बदले क्या देगा?
- John 6:27 यूहन्ना 6:27नाशमान भोजन के लिये परिश्रम न करो, परन्तु उस भोजन के लिये जो अनन्त जीवन तक ठहरता है, जिसे मनुष्य का पुत्रा तुम्हें देगा, क्योंकि पिता, अर्थात् परमेश्वर ने उसी पर छाप कर दी है।
- Proverbs 23:4–5 नीतिवचन 23:4–5धनी होने के लिये परिश्रम न करना; अपनी समझ का भरोसा छोड़ना। क्या तू अपनी दृष्टि उस वस्तु पर लगाएगा, जो है ही नहीं? वह उकाब पक्षी की नाईं पंख लगाकर, नि:सन्देह आकाश की ओर उड़ जाता है।
- Matthew 16:26 मत्ती 16:26यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हाति उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा?
- Ecclesiastes 2:19 सभोपदेशक 2:19यह कौन जानता है कि वह मनुष्य बुद्धिमान होगा वा मूर्ख? तौभी धरती पर जितना परिश्रम मैं ने किया, और उसके लिये बुद्धि प्रयोग की उस सब का वही अधिकारी होगा। यह भी व्यर्थ ही है।
- Isaiah 55:2 यशायाह 55:2जो भोजनवस्तु नहीं है, उसके लिये तुम क्यों रूपया लगाते हो, और, जिस से पेट नहीं भरता उसके लिये क्यों परिश्रम करते हो? मेरी ओर मन लगाकर सुनो, तब उत्तम वस्तुएं खाने पाओगे और चिकनी चिकनी वस्तुएं खाकर सन्तुष्ट हो जाओगे।
- Habakkuk 2:13 हबक्कूक 2:13देखो, क्या सेनाओं के यहोवा की ओर से यह नहीं होता कि देश देश के लोग परिश्रम तो करते हैं परन्तु वे आग का कौर होते हैं; और राज्य- राज्य के लोगों का परिश्रम व्यर्थ ही ठहरता है?
- Ecclesiastes 8:15–17 सभोपदेशक 8:15–17तब मैं ने आनन्द को सराहा, क्योंकि सूर्य के नीचे मनुष्य के लिये खाने- पीने और आनन्द करने को छोड़ और कुछ भी अच्छा नहीं, क्योंकि यही उसके जीवन भर जो परमेश्वर उसके लिये धरती पर ठहराए, उसके परिश्रम में उसके संग बना रहेगा।। जब मैं ने बुद्धि प्राप्त करने और सब काम देखने के लिये जो पृथ्वी पर किए जाते हैं अपना मन लगाया, कि कैसे मनुष्य रात- दिन जागते रहते हैं; तब मैं ने परमेश्वर का सारा काम देखा जो सूर्य के नीचे किया जाता है, उसकी थाह मनुष्य नहीं पा सकता। चाहे मनुष्य उसकी खोज में कितना भी परिश्रम करे, तौभी उसको न जान पाएगा; और यद्यिप बुद्धिमान कहे भी कि मैं उसे समझूंगा, तौभी वह उसे न पा सकेगा।।