Ecclesiastes · chapter 1 · verse 5
Ecclesiastes 1:5 in Hindi
सूर्य उदय होकर अस्त भी होता है, और अपने उदय की दिशा को वेग से चला जाता है।
Soory uday hokar ast bhee hotaa hai, aur apane uday kee dishaa ko veg se chalaa jaataa hai.
Ecclesiastes 1:5 in English
- King James Version (KJV)
- The sun also ariseth, and the sun goeth down, and hasteth to his place where he arose.
- World English Bible (WEB)
- The sun also rises, and the sun goes down, and hurries to its place where it rises.
- American Standard Version (ASV)
- The sun also ariseth, and the sun goeth down, and hasteth to its place where it ariseth.
- Bible in Basic English (BBE)
- The sun comes up and the sun goes down, and goes quickly back to the place where he came up.
- Darby Translation (DBY)
- The sun also riseth, and the sun goeth down, and hasteth to its place where it ariseth.
- Webster's Bible (WBS)
- The sun also riseth, and the sun goeth down, and hasteth to his place where he arose.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Also, the sun hath risen, and the sun hath gone in, and unto its place panting it is rising there.
Read in context
- 3उस सब परिश्रम से जिसे मनुष्य धरती पर करता है, उसको क्या लाभ प्राप्त होता है?
- 4एक पीढ़ी जाती है, और दूसरी पीढ़ी आती है, परन्तु पृथ्वी सर्वदा बनी रहती है।
- 5सूर्य उदय होकर अस्त भी होता है, और अपने उदय की दिशा को वेग से चला जाता है।
- 6वायु दक्खिन की ओर बहती है, और उत्तर की ओर घूमती जाती है; वह घूमती और बहती रहती है, और अपने चक्करों में लौट आती है।
- 7सब नदियां समुद्र में जा मिलती हैं, तौभी समुद्र भर नहीं जाता; जिस स्थान से नदियां निकलती हैं; उधर ही को वे फिर जाती हैं।
Cross references
- Psalm 19:4–6 भजन संहिता 19:4–6उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं। उन में उस ने सूरर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है, जो दुल्हे के समान अपने महल से निकलता है। वह शूरवीर की नाई अपनी दौड़ दौड़ने को हर्षित होता है। वह आकाश की एक छोर से निकलता है, और वह उसकी दूसरी छोर तक चक्कर मारता है; और उसकी गर्मी सबको पहुंचती है।।
- Psalm 42:1 भजन संहिता 42:1जैसे हरिणी नदी के जल के लिये हांफती है, वैसे ही, हे परमेश्वर, मैं तेरे लिये हांफता हूं।
- Habakkuk 3:11 हबक्कूक 3:11तेरे उड़नेवाले तीरों के चलने की जयोति से, और तेरे चमकीले भाले की झलक के प्रकाश से सूर्य और चन्द्रमा अपने अपने स्थान पर ठहर गए।।
- Psalm 89:36–37 भजन संहिता 89:36–37उसका वंश सर्वदा रहेगा, और उसकी राजगद्दी सूर्य की नाई मेरे सम्मुख ठहरी रहेगी। वह चन्द्रमा की नाईं, और आकाशमण्डल के विश्वासयोग्य साक्षी की नाई सदा बना रहेगा।
- Joshua 10:13–14 यहोशू 10:13–14और सूर्य उस समय तक थमा रहा; और चन्द्रमा उस समय तक ठहरा रहा, जब तक उस जाति के लोगों ने अपने शत्रुओं से पलटा न लिया।। क्या यह बात याशार नाम पुस्तक में नहीं लिखी है कि सूर्य आकाशमण्डल के बीचोबीच ठहरा रहा, और लगभग चार पहर तक न डूबा? न तो उस से पहिले कोई ऐसा दिन हुआ और न उसके बाद, जिस में यहोवा ने किसी पुरूष की सुनी हो; क्योंकि यहोवा तो इस्राएल की ओर से लड़ता था।।
- Genesis 8:22 उत्पत्ति 8:22अब से जब तक पृथ्वी बनी रहेगी, तब तक बोने और काटने के समय, ठण्ड और तपन, धूपकाल और शीतकाल, दिन और रात, निरन्तर होते चले जाएंगे।।
- Psalm 104:19–23 भजन संहिता 104:19–23उस ने नियत समयों के लिये चन्द्रमा को बनाया है; सूर्य अपने अस्त होने का समय जानता है। तू अन्धकार करता है, तब रात हो जाती है; जिस में वन के सब जीव जन्तु घूमते फिरते हैं। जवान सिंह अहेर के लिये गरजते हैं, और ईश्वर से अपना आहार मांगते हैं। सूर्य उदय होते ही वे चले जाते हैं और अपनी मांदों में जा बैठते हैं। तब मनुष्य अपने काम के लिये और सन्ध्या तक परिश्रम करने के लिये निकलता है।