Ecclesiastes · chapter 3 · verse 9
Ecclesiastes 3:9 in Hindi
काम करनेवाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है?
Kaam karanevaale ko adhik parishram se kyaa laabh hotaa hai?
Ecclesiastes 3:9 in English
- King James Version (KJV)
- What profit hath he that worketh in that wherein he laboureth?
- World English Bible (WEB)
- What profit has he who works in that in which he labors?
- American Standard Version (ASV)
- What profit hath he that worketh in that wherein he laboreth?
- Bible in Basic English (BBE)
- What profit has the worker in the work which he does?
- Darby Translation (DBY)
- What profit hath he that worketh from that wherein he laboureth?
- Webster's Bible (WBS)
- What profit hath he that worketh in that in which he laboreth?
- Young's Literal Translation (YLT)
- What advantage hath the doer in that which he is labouring at?
Read in context
- 7फाड़ने का समय, और सीने का भी समय; चुप रहने का समय, और बोलने का भी समय है;
- 8प्रेम का समय, और बैर करने का भी समय; लड़ाई का समय, और मेल का भी समय है।
- 9काम करनेवाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है?
- 10मैं ने उस दु:खभरे काम को देखा है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगे रहें।
- 11उस ने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते है; फिर उस ने मनुष्यों के मन में अनादि- अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य बूझ नहीं सकता।
Cross references
- Ecclesiastes 1:3 सभोपदेशक 1:3उस सब परिश्रम से जिसे मनुष्य धरती पर करता है, उसको क्या लाभ प्राप्त होता है?
- Ecclesiastes 5:16 सभोपदेशक 5:16यह भी एक बड़ी बला है कि जैसा वह आया, ठीक वैसा ही वह जाएगा; उसे उस व्यर्थ परिश्रम से और क्या लाभ है?
- Proverbs 14:23 नीतिवचन 14:23परिश्रम से सदा लाभ होता है, परन्तु बकवाद करने से केवल घटती होती है।
- Matthew 16:26 मत्ती 16:26यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हाति उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा?
- Ecclesiastes 2:11 सभोपदेशक 2:11तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं।।
- Ecclesiastes 2:22–23 सभोपदेशक 2:22–23मनुष्य जो धरती पर मन लगा लगाकर परिश्रम करता है उस से उसको क्या लाभ होता है? उसके सब दिन तो दु:खों से भरे रहते हैं, और उसका काम खेद के साथ होता है; रात को भी उसका मन चैन नहीं पाता। यह भी व्यर्थ ही है।