Ecclesiastes · chapter 7 · verse 25
Ecclesiastes 7:25 in Hindi
मैं ने अपना मन लगाया कि बुद्धि के विषय में जान लूं; कि खोज निकालूं और उसका भेद जानूं, और कि दुष्टता की मूर्खता और मूर्खता जो निरा बावलापन है जानूं।
Maim ne apanaa man lagaayaa ki buddhi ke vishay mem jaan loom; ki khoj nikaaloom aur usakaa bhed jaanoom, aur ki dushtataa kee moorkhataa aur moorkhataa jo niraa baavalaapan hai jaanoon.
Ecclesiastes 7:25 in English
- King James Version (KJV)
- I applied mine heart to know, and to search, and to seek out wisdom, and the reason [of things], and to know the wickedness of folly, even of foolishness [and] madness:
- World English Bible (WEB)
- I turned around, and my heart sought to know and to search out, and to seek wisdom and the scheme of things, and to know that wickedness is stupidity, and that foolishness is madness.
- American Standard Version (ASV)
- I turned about, and my heart [was set] to know and to search out, and to seek wisdom and the reason [of things], and to know that wickedness is folly, and that foolishness is madness.
- Bible in Basic English (BBE)
- I gave my mind to knowledge and to searching for wisdom and the reason of things, and to the discovery that sin is foolish, and that to be foolish is to be without one's senses.
- Darby Translation (DBY)
- I turned, I and my heart, to know, and to search, and to seek out wisdom and reason, and to know wickedness to be folly, and foolishness to be madness;
- Webster's Bible (WBS)
- I applied my heart to know, and to search, and to seek out wisdom, and the reason [of things] , and to know the wickedness of folly, even of foolishness [and] madness:
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have turned round, also my heart, to know and to search, and to seek out wisdom, and reason, and to know the wrong of folly, and of foolishness the madness.
Read in context
- 23यह सब मैं ने बुद्धि से जांच लिया है; मैं ने कहा, मैं बुद्धिमान हो जाऊंगा; परन्तु यह मुझ से दूर रहा।
- 24वह जो दूर और अत्यन्त गहिरा है, उसका भेद कौन पा सकता है?
- 25मैं ने अपना मन लगाया कि बुद्धि के विषय में जान लूं; कि खोज निकालूं और उसका भेद जानूं, और कि दुष्टता की मूर्खता और मूर्खता जो निरा बावलापन है जानूं।
- 26और मैं ने मृत्यु से भी अधिक दृ:खदाई एक वस्तु पाई, अर्थात् वह स्त्री जिसका मन फन्दा और जाल है और जिसके हाथ हथकड़ियां है; (जिस पुरूष से परमेश्वर प्रसन्न है वही उस से बचेगा, परन्तु पापी उसका शिकाल होगा)
- 27देख, उपदेशक कहता है, मैं ने ज्ञान के लिये अलग अलग बातें मिलाकर जांचीं, और यह बात निकाली,
Cross references
- Ecclesiastes 10:13 सभोपदेशक 10:13उसकी बात का आरम्भ मूर्खता का, और उनका अन्त दुखदाई बावलापन होता है।
- Joshua 7:13 यहोशू 7:13उठ, प्रजा के लोगों को पवित्रा कर, उन से कह; कि बिहान तक अपने अपने को पवित्रा कर रखो; क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यह कहता है, कि हे इस्राएल, तेरे मध्य में अर्पण की वस्तु है; इसलिये जब तक तू अर्पण की वस्तु को अपने मध्य में से दूर न करे तब तक तू अपने शत्रुओं के साम्हने खड़ा न रह सकेगा।
- Proverbs 26:11 नीतिवचन 26:11जैसे कुत्ता अपनी छाँट को चाटता है, वैसे ही मूर्ख अपनी मूर्खता को दुहराता है।
- Ecclesiastes 2:12 सभोपदेशक 2:12फिर मैं ने अपने मन को फेरा कि बुद्धि और बावलेपन और मूर्खता के कार्यों को देखूं; क्योंकि जो मनुष्य राजा के पीछे आएगा, वह क्या करेगा? केवल वही जो होता चला आया है।
- Proverbs 17:12 नीतिवचन 17:12बच्चा- छीनी- हुई- रीछनी से मिलना तो भला है, परन्तु मूढ़ता में डूबे हुए मूर्ख से मिलना भला नहीं।
- Ecclesiastes 3:16–17 सभोपदेशक 3:16–17फिर मैं ने संसार में क्या देखा कि न्याय के स्थान में दुष्टता होती है, और धर्म के स्थान में भी दुष्टता होती है। मैं ने मन में कहा, परमेश्वर धर्मी और दुष्ट दोनों का न्याय करेगा, क्योंकि उसके यहां एक एक विषय और एक एक काम का समय है।
- 2 Samuel 13:12 2 शमूएल 13:12उस ने कहा, हे मेरे भाई, ऐसा नहीं, मुझे भ्रष्ट न कर; क्योंकि इस्राएल में ऐसा काम होना नहीं चाहिये; ऐसी मूढ़ता का काम न कर।
- Ecclesiastes 9:1–3 सभोपदेशक 9:1–3यह सब कुछ मैं ने मन लगाकर विचारा कि इन सब बातों का भेद पाऊं, कि किस प्रकार धर्मी और बुद्धिमान लाग और उनके काम परमेश्वर के हाथ में हैं; मनुष्य के आगे सब प्रकार की बातें हैं परन्तु वह नहीं जानता कि वह प्रेम है व बैर। सब बातें सभों को एक समान होती है, धर्मी हो या दुष्ट, भले, शुद्ध या अशुद्ध, यज्ञ करने और न करनेवाले, सभों की दशा एक ही सी होती है। जैसी भले मनुष्य की दशा, वैसी ही पापी की दशा; जैसी शपथ खानेवाले की दशा, वैसी ही उसकी जो शपथ खाने से डरता है। जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है उस में यह एक दोष है कि सब लोगों की एक सी दशा होती है; और मनुष्यों के मनों में बुराई भरी हुई है, और जब तक वे जीवित रहते हैं उनके मन में बावलापन रहता है, और उसके बाद वे मरे हुओं में जा मिलते हैं।
- Genesis 34:7 उत्पत्ति 34:7और याकूब के पुत्रा सुनते ही मैदान से बहुत उदास और क्रोधित होकर आए: क्योंकि शकेम ने याकूब की बेटी के साथ कुकर्म करके इस्राएल के घराने से मूर्खता का ऐसा काम किया था, जिसका करना अनुचित था।
- 2 Peter 2:3–9 2 पतरस 2:3–9और वे लोभ के लिये बातें गढ़कर तुम्हें अपने लाभ का कारण बनाएंगे, और जो दण्ड की आज्ञा उन पर पहिले से हो चुकी है, उसके आने में कुछ भी देर नहीं, और उन का विनाश ऊंघता नहीं। क्योंकि जब परमेश्वर ने उन स्वर्गदूतों को जिन्हों ने पाप किया नहीं छोड़ा, पर नरक में भेजकर अन्धेरे कुण्डों में डाल दिया, ताकि न्याय के दिन तक बन्दी रहें। और प्रथम युग के संसार को भी न छोड़ा, बरन भक्तिहीन संसार पर महा जल- प्रलय भेजकर धर्म के प्रचारक नूह समेत आठ व्यक्तियों को बचा लिया। और सदोम और अमोरा के नगरों को विनाश का ऐसा दण्ड दिया, कि उन्हें भस्म करके राख में मिला दिया ताकि वे आनेवाले भक्तिहीन लोगों की शिक्षा के लिये एक दृष्टान्त बनें। और धर्मी लूत को जो अधर्मियों के अशुद्ध चाल- चलन से बहुत दुखी था छुटकारा दिया। ( क्योंकि वह धर्मी उन के बीच में रहते हुए, और उन के अधर्म के कामों को देख देखकर, और सुन सुनकर, हर दिन अपने सच्चे मन को पीड़ित करता था)। तो प्रभु के भक्तों को परीक्षा में से निकाल लेना और अधर्मियों को न्याय के दिन तक दण्ड की दशा में रखना भी जानता है।
- Ecclesiastes 2:1–3 सभोपदेशक 2:1–3मैं ने अपने मन से कहा, चल, मैं तुझ को आनन्द के द्वारा जांचूंगा; इसलिये आनन्दित और मगन हो। परन्तु देखो, यह भी व्यर्थ है। मैं ने हंसी के विषय में कहा, यह तो बावलापन है, और आनन्द के विषय में, उस से क्या प्राप्त होता है? मैं ने मन में सोचा कि किस प्रकार से मेरी बुद्धि बनी रहे और मैं अपने प्राण को दाखमधु पीने से क्योंकर बहलाऊं और क्योंकर मूर्खता को थामे रहूं, जब तक मालूम न करूं कि वह अच्छा काम कौन सा है जिसे मनुष्य जीवन भर करता रहे।
- Ecclesiastes 2:20 सभोपदेशक 2:20तब मैं अपने मन में उस सारे परिश्रम के विषय जो मैं ने धरती पर किया था निराश हुआ,
Original words (Hebrew)
- applied · H5437סָבַב çâbab
- heart · H3820לֵב lêb
- know · H3045יָדַע yâdaʻ
- search · H8446תּוּר tûwr
- out · H1245בָּקַשׁ bâqash
- wisdom · H2451חׇכְמָה chokmâh
- reason · H2808חֶשְׁבּוֹן cheshbôwn
- know · H3045יָדַע yâdaʻ
- wickedness · H7562רֶשַׁע reshaʻ
- folly · H3689כֶּסֶל keçel
- foolishness · H5531סִכְלוּת çiklûwth
- madness · H1947הוֹלֵלָה hôwlêlâh