Ephesians · chapter 1 · verse 18
Ephesians 1:18 in Hindi
और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्रा लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है।
Aur tumhaare man kee aankhem jyotirmay hom ki tum jaan lo ki usake bulaane se kaisee aashaa hotee hai, aur pavitraa logom mem us kee meeraas kee mahimaa kaa dhan kaisaa hai.
Ephesians 1:18 in English
- King James Version (KJV)
- The eyes of your understanding being enlightened; that ye may know what is the hope of his calling, and what the riches of the glory of his inheritance in the saints,
- World English Bible (WEB)
- having the eyes of your hearts enlightened, that you may know what is the hope of his calling, and what are the riches of the glory of his inheritance in the saints,
- American Standard Version (ASV)
- having the eyes of your heart enlightened, that ye may know what is the hope of his calling, what the riches of the glory of his inheritance in the saints,
- Bible in Basic English (BBE)
- And that having the eyes of your heart full of light, you may have knowledge of what is the hope of his purpose, what is the wealth of the glory of his heritage in the saints,
- Darby Translation (DBY)
- being enlightened in the eyes of your heart, so that ye should know what is the hope of his calling, [and] what the riches of the glory of his inheritance in the saints,
- Webster's Bible (WBS)
- The eyes of your understanding being enlightened; that ye may know what is the hope of his calling, and what the riches of the glory of his inheritance in the saints,
- Young's Literal Translation (YLT)
- the eyes of your understanding being enlightened, for your knowing what is the hope of His calling, and what the riches of the glory of His inheritance in the saints,
Read in context
- 16तुम्हारे लिये धन्यवाद करना नहीं छोड़ता, और अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण किया करता हूं।
- 17कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे।
- 18और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्रा लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है।
- 19और उस की सामर्थ हमारी ओर जो विश्वास करते हैं, कितनी महान है, स की शक्ति के प्रभाव के उस कारर्य के अनुसार।
- 20जो उस ने मसीह के विषय में किया, कि उस को मरे हुओं में से जिलाकर स्वर्गीय स्थानों में अपनी दहिनी ओर।
Cross references
- Acts 26:18 प्रेरितों के काम 26:18कि तू उन की आंखे खोले, कि वे अंधकार से ज्योति की ओर, और शैतान के अधिकार से परमेश्वर की ओर फिरें; कि पापों की क्षमा, और उन लोगों के साथ जो मुझ पर विश्वास करने से पवित्रा किए गए हैं, मीरास पाएं।
- 2 Corinthians 4:6 2 कुरिन्थियों 4:6इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिस ने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।।
- Luke 24:45 लूका 24:45तब उस ने पवित्रा शास्त्रा बूझने के लिये उन की समझ खोल दी।
- 1 John 3:1–3 1 यूहन्ना 3:1–3देखो पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएं, और हम हैं भी: इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि उस ने उसे भी नहीं जाना। हे प्रियों, अभी हम परमेश्वर की सन्तान हैं, और अब तक यह प्रगट नहीं हुआ, कि हम क्या कुछ होंगे! इतना जानते हैं, कि जब वह प्रगट होगा तो हम भी उसके समान होंगे, क्योंकि उस को वैसा ही देखेंगे जैसा वह है। और जो कोई उस पर यह आशा रखता है, वह अपने आप को वैसा ही पवित्रा करता है, जैसा वह पवित्रा है।
- Ephesians 1:7 इफिसियों 1:7हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात् अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।
- Psalm 119:18 भजन संहिता 119:18मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं।
- Ephesians 3:16 इफिसियों 3:16कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ।
- Ephesians 5:8 इफिसियों 5:8क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाई चलो।
- Ephesians 4:4 इफिसियों 4:4एक ही देह है, और एक ही आत्मा; जैसे तुम्हें जो बुलाए गए थे अपने बुलाए जाने से एक ही आशा है।
- 2 Thessalonians 1:11 2 थिस्सलुनीकियों 1:11इसी लिये हम सदा तुम्हारे निमित्त प्रार्थना भी करते हैं, कि हमारा परमेश्वर तुम्हें इस बुलाहट के योग्य समझे, और भलाई की हर एक इच्छा, और विश्वास के हर एक काम को सामर्थ सहित पूरा करे।
- Titus 3:7 तीतुस 3:7जिस से हम उसके अनुग्रह से धर्मी ठहरकर, अनन्त जीवन की आशा के अनुसार वारिस बनें।
- Ephesians 4:1 इफिसियों 4:1सो मैं जो प्रभु में बन्धुआ हूं तुम से बिनती करता हूं, कि जिस बुलाहट से तुम बुलाए गए थे, उसके योग्य चाल चलो।
Original words (Greek)
- eyes · G3788ὀφθαλμός ophthalmós
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- understanding · G1271διάνοια diánoia
- enlightened · G5461φωτίζω phōtízō
- that · G3588ὁ ho
- ye · G5209ὑμᾶς hymâs
- know · G1492εἴδω eídō
- what · G5101τίς tís
- is · G2076ἐστί estí
- hope · G1680ἐλπίς elpís
- his · G846αὐτός autós
- calling · G2821κλῆσις klēsis
- and · G2532καί kaí
- what · G5101τίς tís
- riches · G4149πλοῦτος ploûtos
- glory · G1391δόξα dóxa
- his · G846αὐτός autós
- inheritance · G2817κληρονομία klēronomía
- in · G1722ἐν en
- saints · G40ἅγιος hágios