Ephesians · chapter 6 · verse 2
Ephesians 6:2 in Hindi
अपनी माता और पिता का आदर कर (यह पहिली आज्ञा है, जिस के साथ प्रतिज्ञा भी है)।
Apanee maataa aur pitaa kaa aadar kar (yah pahilee aajnyaa hai, jis ke saath pratijnyaa bhee hai).
Ephesians 6:2 in English
- King James Version (KJV)
- Honour thy father and mother; (which is the first commandment with promise;)
- World English Bible (WEB)
- “Honor your father and mother,” which is the first commandment with a promise:
- American Standard Version (ASV)
- Honor thy father and mother (which is the first commandment with promise),
- Bible in Basic English (BBE)
- Give honour to your father and mother (which is the first rule having a reward),
- Darby Translation (DBY)
- Honour thy father and thy mother, which is the first commandment with a promise,
- Webster's Bible (WBS)
- Honor thy father and mother (which is the first commandment with promise)
- Young's Literal Translation (YLT)
- honour thy father and mother,
Read in context
- 1हे बालकों, प्रभु में अपने माता पिता के आज्ञाकारी बनो, क्योंकि यह उचित है।
- 2अपनी माता और पिता का आदर कर (यह पहिली आज्ञा है, जिस के साथ प्रतिज्ञा भी है)।
- 3कि तेरा भला हो, और तू धरती पर बहुत दिन जीवित रहे।
- 4और हे बच्चेवालों अपने बच्चों को रिस न दिलाओ परन्तु प्रभु की शिक्षा, और चितावनी देते हुए, उन का पालन- पोषण करो।।
Cross references
- Exodus 20:12 निर्गमन 20:12तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिस से जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में तू बहुत दिन तक रहने पाए।।
- Deuteronomy 27:16 व्यवस्थाविवरण 27:16शापित हो वह जो अपने पिता वा माता को तुच्छ जाने। तब सब लोग कहें, आमीन।।
- Matthew 15:4–6 मत्ती 15:4–6क्योंकि परमेश्वर ने कहा था, कि अपने पिता और अपनी माता का आदर करना: और जो कोई पिता या माता को बुरा कहे, वह मार डाला जाए। पर तुम कहते हो, कि यदि कोई अपने पिता या माता से कहे, कि जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुंच सकता था, वह परमेश्वर को भेंट चढ़ाई जा चुकी। तो वह अपने पिता का आदर न करे, सो तुम ने अपनी रीतों के कारण परमेश्वर का वचन टाल दिया।
- Proverbs 20:20 नीतिवचन 20:20जो अपने माता- पिता को कोसता, उसका दिया बुझ जाता, और घोर अन्धकार हो जाता है।
- Malachi 1:6 मलाकी 1:6पुत्रा पिता का, और दास स्वामी का आदर करता है। यदि मैं पिता हूं, तो मेरा आदर मानना कहां है? और यदि मैं स्वामी हूं, तो मेरा भय मानना कहां? सेनाओं का यहोवा, तुम याजकों से भी जो मेरे नाम का अपमान करते हो यही बात पूछता है। परन्तु तुम पूछते हो, हम ने किस बात में तेरे नाम का अपमान किया है? तुम मेरी वेदी पर अशुद्ध भोजन चढ़ाते हो।
- Ezekiel 22:7 यहेजकेल 22:7तुझ में माता- पिता तुच्छ जाने गए हैं; तेरे बीच परदेशी पर अन्धेर किया गया; और अनाथ और विधवा तुझ में पीसी गई हैं।
- Jeremiah 35:18 यिर्मयाह 35:18और रेकाबियों के घराने से यिर्मयाह ने कहा, इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा तुम से यों कहता है, इसलिये कि तुम ने जो अपने पुरखा योनादाब की आज्ञा मानी, वरन उसकी सब आज्ञाओं को मान लिया और जो कुछ उस ने कहा उसके अनुसार काम किया है,
- Mark 7:9–13 मरकुस 7:9–13और उस ने उन से कहा; तुम अपनी रीतियों को मानने के लिये परमेश्वर आज्ञा कैसी अच्छी तरह टाल देते हो! क्योंकि मूसा ने कहा है कि अपने पिता और अपनी माता का आदर कर; ओर जो कोई पिता वा माता को बुरा कहे, वह अवश्य मार डाला जाए। परन्तु तुम कहते हो कि यदि कोई अपने पिता वा माता से कहे, कि जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुंच सकता था, वह कुरबान अर्थात् संकल्प हो चुका। तो तुम उस को उसके पिता वा उस की माता की कुछ सेवा करने नहीं देते। इस प्रकार तुम अपनी रीतियों से, जिन्हें तुम ने ठहराया है, परमेश्वर का वचन टाल देते हो; और ऐसे ऐसे बहुत से काम करते हो।
- Romans 13:7 रोमियों 13:7इसलिये हर एक का हक्क चुकाया करो, जिस कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे महसूल चाहिए, उसे महसूल दो; जिस से डरना चाहिए, उस से डरो; जिस का आदर करना चाहिए उसका आदर करो।।