Ezekiel · chapter 10 · verse 5
Ezekiel 10:5 in Hindi
और करूबों के पंखों का शब्द बाहरी आंगन तक सुनाई देता था, वह सर्वशक्तिमान् परमेश्वर के बोलने का सा शब्द था।
Aur karoobom ke pankhom kaa shabd baaharee aangan tak sunaaee detaa thaa, vah sarvashaktimaan parameshvar ke bolane kaa saa shabd thaa.
Ezekiel 10:5 in English
- King James Version (KJV)
- And the sound of the cherubims’ wings was heard [even] to the outer court, as the voice of the Almighty God when he speaketh.
- World English Bible (WEB)
- The sound of the wings of the cherubim was heard even to the outer court, as the voice of God Almighty when he speaks.
- American Standard Version (ASV)
- And the sound of the wings of the cherubim was heard even to the outer court, as the voice of God Almighty when he speaketh.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the sound of the wings of the winged ones was clear even in the outer square, like the voice of the Ruler of all.
- Darby Translation (DBY)
- And the sound of the wings of the cherubim was heard to the outer court, as the voice of the Almighty God when he speaketh.
- Webster's Bible (WBS)
- And the sound of the cherubim's wings was heard [even] to the outer court, as the voice of the Almighty God when he speaketh.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And a noise of the wings of the cherubs hath been heard unto the outer court, as the voice of God — the Mighty One — in His speaking.
Read in context
- 3जब वह पुरूष भीतर गया, तब वे करूब भवन की दक्खिन ओर खड़े थे; और बादल भीतरवाले आंगन में भरा हुआ था।
- 4तब यहोवा का तेज करूबों के ऊपर से उठकर भवन की डेवढ़ी पर आ गया; और बादल भवन में भर गया; और वह आंगन यहोवा के तेज के प्रकाश से भर गया।
- 5और करूबों के पंखों का शब्द बाहरी आंगन तक सुनाई देता था, वह सर्वशक्तिमान् परमेश्वर के बोलने का सा शब्द था।
- 6जब उस ने सन के वस्त्रा पहिने हुए पुरूष को घूमनेवाले पहियों के भीतर करूबों के बीच में से आग लेने की आज्ञा दी, तब वह उनके बीच में जाकर एक पहिये के पास खड़ा हुआ।
- 7तब करूबों के बीच से एक करूब ने अपना हाथ बढ़ाकर, उस आग में से जो करूबों के बीच में थी, कुछ उठाकर सन के वस्त्रा पहिने हुए पुरूष की मुट्ठी में दे दी; और वह उसे लेकर बाहर चला गया।
Cross references
- Ezekiel 1:24 यहेजकेल 1:24और उनके चलते समय उनके पंखों की फड़फड़ाहट की आहट मुझे बहुत से जल, वा सर्पशक्तिमान की वाणी, वा सेना के हलचल की सी सुनाई पड़ती थी; और जब वे खड़े होते थे, तब अपने पंख लटका लेते थे।
- Job 40:9 अय्यूब 40:9क्या तेरा बाहुबल ईश्वर के तुल्य है? क्या तू उसके समान शब्द से गरज सकता है?
- Deuteronomy 4:12–13 व्यवस्थाविवरण 4:12–13तक यहोवा ने उस आग के बीच में से तुम से बातें की; बातों का शब्द तो तुम को सुनाई पड़ा, परन्तु कोई रूप न देखा; केवल शब्द ही शब्द सुन पड़ा। और उस ने तुम को अपनी वाचा के दसों वचन बताकर उनके मानने की आज्ञा दी; और उन्हें पत्थर की दो पटियाओं पर लिख दिया।
- 1 Kings 7:9 1 राजा 7:9ये सब घर बाहर भीतर तेव से मुंढेर तक ऐसे अनमोल और गढ़े हुए पत्थरों के बने जो नापकर, और आरों से चीरकर तैयार किये गए थे और बाहर के आंगन से ले बड़े आंगन तक लगाए गए।
- Job 37:2–5 अय्यूब 37:2–5उसके बोलने का शब्द तो सुनो, और उस शब्द को जो उसके मुंह से निकलता है सुनो। वह उसको सारे आकाश के तले, और अपनी बिजली को पृथ्वी की छोर तक भेजता है। उसके पीछे गरजने का शब्द होता है; वह अपने प्रतापी शब्द से गरजता है, और जब उसका शब्द सुनाई देता है तब बिजली लगातार चमकने लगती है। ईश्वर गरजकर अपना शब्द अदभ़ुत रीति से सुनाता है, और बड़े बड़े काम करता है जिनको हम नहीं समझते।
- Exodus 19:19 निर्गमन 19:19फिर जब नरसिंगे का शब्द बढ़ता और बहुत भारी होता गया, तब मूसा बोला, और परमेश्वर ने वाणी सुनाकर उसको उत्तर दिया।
- Exodus 19:16 निर्गमन 19:16जब तीसरा दिन आया तब भोर होते बादल गरजने और बिजली चमकने लगी, और पर्वत पर काली घटा छा गई, फिर नरसिंगे का शब्द बड़ा भरी हुआ, और छावनी में जितने लोग थे सब कांप उठे।
- Exodus 20:18–19 निर्गमन 20:18–19और सब लोग गरजने और बिजली और नरसिंगे के शब्द सुनते, और धुआं उठते हुए पर्वत को देखते रहे, और देखके, कांपकर दूर खड़े हो गए; और वे मूसा से कहने लगे, तू ही हम से बातें कर, तब तो हम सुन सकेंगे; परन्तु परमेश्वर हम से बातें न करे, ऐसा न हो कि हम मर जाएं।
- Ezekiel 46:21 यहेजकेल 46:21तब उस ने मुझे बाहरी आंगन में ले जाकर उस आंगन के चारों कोनों में फिराया, और आंगन के हर एक कोने में एक एक ओट बना था,
- John 12:28–29 यूहन्ना 12:28–29हे पिता अपने नाम की महिमा कर: तब यह आकाशवाणी हुई, कि मैं ने उस की महिमा की है, और फिर भी करूंगा। तब जो लोग खड़े हुए सुन रहे थे, उन्हों ने कहा; कि बादल गरजा, औरों ने कहा, कोई स्वर्गदूत उस से बोला।
- Psalm 77:17 भजन संहिता 77:17मेघों से बड़ी वर्षा हुई; आकाश से शब्द हुआ; फिर तेरे तीर इधर उधर चले।
- Psalm 68:33 भजन संहिता 68:33जो सब से ऊंचे सनातन स्वर्ग में सवार होकर चलता है; देखो वह अपनी वाणी सुनाता है, वह गम्भीर वाणी शक्तिशाली है।