Genesis · chapter 11 · verse 3
Genesis 11:3 in Hindi
तब वे आपस में कहने लगे, कि आओ; हम ईंटें बना बना के भली भंाति आग में पकाएं, और उन्हों ने पत्थर के स्थान में ईंट से, और चूने के स्थान में मिट्टी के गारे से काम लिया।
Tab ve aapas mem kahane lage, ki aao; ham eentem banaa banaa ke bhalee bhanాti aag mem pakaaem, aur unhom ne patthar ke sthaan mem eent se, aur choone ke sthaan mem mittee ke gaare se kaam liyaa.
Genesis 11:3 in English
- King James Version (KJV)
- And they said one to another, Go to, let us make brick, and burn them throughly. And they had brick for stone, and slime had they for morter.
- World English Bible (WEB)
- They said to one another, “Come, let’s make bricks, and burn them thoroughly.” They had brick for stone, and they used tar for mortar.
- American Standard Version (ASV)
- And they said one to another, Come, let us make brick, and burn them thoroughly. And they had brick for stone, and slime had they for mortar.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they said one to another, Come, let us make bricks, burning them well. And they had bricks for stone, putting them together with sticky earth.
- Darby Translation (DBY)
- And they said one to another, Come on, let us make bricks, and burn [them] thoroughly. And they had brick for stone, and they had asphalt for mortar.
- Webster's Bible (WBS)
- And they said one to another, come, let us make brick, and burn them thoroughly. And they had brick for stone, and slime had they for mortar.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they say each one to his neighbour, 'Give help, let us make bricks, and burn [them] thoroughly:' and the brick is to them for stone, and the bitumen hath been to them for mortar.
Read in context
- 1सारी पृथ्वी पर एक ही भाषा, और एक ही बोली थी।
- 2उस समय लोग पूर्व की और चलते चलते शिनार देश में एक मैदान पाकर उस में बस गए।
- 3तब वे आपस में कहने लगे, कि आओ; हम ईंटें बना बना के भली भंाति आग में पकाएं, और उन्हों ने पत्थर के स्थान में ईंट से, और चूने के स्थान में मिट्टी के गारे से काम लिया।
- 4फिर उन्हों ने कहा, आओ, हम एक नगर और एक गुम्मट बना लें, जिसकी चोटी आकाश से बात करे, इस प्रकार से हम अपना नाम करें ऐसा न हो कि हम को सारी पृथ्वी पर फैलना पड़े।
- 5जब लोग नगर और गुम्मट बनाने लगे; तब इन्हें देखने के लिये यहोवा उतर आया।
Cross references
- Genesis 14:10 उत्पत्ति 14:10सिद्दीम नाम तराई में जहां लसार मिट्टी के गड़हे ही गड़हे थे; सदोम और अमोरा के राजा भागते भागते उन में गिर पड़े, और जो बचे वे पहाड़ पर भाग गए।
- Exodus 1:14 निर्गमन 1:14और उनके जीवन को गारे, ईंट और खेती के भांति भांति के काम की कठिन सेवा से दु:खी कर डाला; जिस किसी काम में वे उन से सेवा करवाते थे उस में वे कठोरता का व्यवहार करते थे।
- Exodus 2:3 निर्गमन 2:3और जब वह उसे और छिपा न सकी तब उसके लिये सरकंड़ों की एक टोकरी लेकर, उस में बालक को रखकर नील नदी के तीर पर कांसों के बीच छोड़ आई।
- Hebrews 10:24 इब्रानियों 10:24और प्रेम, और भले कामों में उस्काने के लिये एक दूसरे की चिन्ता किया करें।
- James 5:1 याकूब 5:1हे धनवानों सुन तो लो; तुम अपने आने वाले क्लेशों पर चिल्ला-चिल्लाकर रोओ।
- Isaiah 9:10 यशायाह 9:10परन्तु हम गढ़ें हुए पत्थरों से घर बनाएंगे; गूलर के वृक्ष तो कट गए हैं परन्तु हम उनकी सन्ती देवदारों से काम लेंगे।
- 2 Samuel 12:31 2 शमूएल 12:31और उस ने उसके रहनेवालों को निकालकर आरो से दो दो टुकड़े कराया, और लोहे के हेंगे उन पर फिरवाए, और लोहे की कुल्हाड़ियों से उन्हें कटवाया, और ईट के पजावे में से चलवाया; और अम्मोनियों के सब नगरों से भी उस ने ऐसा ही किया। तब दाऊद समस्त लोगों समेत यरूशलेम को लौट आया।
- Isaiah 41:6–7 यशायाह 41:6–7वे एक दूसरे की सहायता करते हैं और उन में से एक अपने भाई से कहता है, हियाव बान्ध! बढ़ई सोनार को और हथौड़े से बराबर करनेवाला निहाई पर मारनेवाले को यह कहकर हियाव बन्धा रहा है, जोड़ तो अच्छी है, सो वह कील ठोंक ठोंककर उसको ऐसा दृढ़ करता है कि वह स्थिर रहे।।
- Hebrews 3:13 इब्रानियों 3:13बरन जिस दिन तक आज का दिन कहा जाता है, हर दिन एक दूसरे को समझाते रहो, ऐसा न हो, कि तुम में से कोई जन पाप के छल में आकर कठोर हो जाए।
- Psalm 64:5 भजन संहिता 64:5वे बुरे काम करने को हियाव बान्धते हैं; वे फन्दे लगने के विषय बातचीत करते हैं; और कहते हैं, कि हम को कौन देखेगा?
- Isaiah 5:5 यशायाह 5:5अब मैं तुम को जताता हूं कि अपनी दाख की बारी से क्या करूंगा। मैं उसके कांटेवाले बाड़े को उखाड़ दूंगा कि वह चट की जाए, और उसकी भीत को ढा दूंगा कि वह रौंदी जाए।
- Exodus 5:7–18 निर्गमन 5:7–18कि तुम जो अब तक ईटें बनाने के लिये लोगों को पुआल दिया करते थे सो आगे को न देना; वे आप ही जाकर अपने लिये पुआल इकट्ठा करें। तौभी जितनी ईंटें अब तक उन्हें बनानी पड़ती थीं उतनी ही आगे को भी उन से बनवाना, ईंटों की गिनती कुछ भी न घटाना; क्योंकि वे आलसी हैं; इस कारण यह कहकर चिल्लाते हैं, कि हम जाकर अपने परमेश्वर के लिये बलिदान करें। उन मनुष्यों से और भी कठिन सेवा करवाई जाए कि वे उस में परिश्रम करते रहें और झूठी बातों पर ध्यान न लगाएं। तब लोगों के परिश्रम करानेवालों ने और सरदारों ने बाहर जाकर उन से कहा, फिरौन इस प्रकार कहता है, कि मैं तुम्हें पुआल नहीं दूंगा। तुम ही जाकर जहां कहीं पुआल मिले वहां से उसको बटोर कर ले आओ; परन्तु तुम्हारा काम कुछ भी नहीं घटाया जाएगा। सो वे लोग सारे मि देश में तित्तर- बित्तर हुए कि पुआल की सन्ती खूंटी बटोरें। और परिश्रम करनेवाले यह कह कहकर उन से जल्दी करते रहे, कि जिस प्रकार तुम पुआल पाकर किया करते थे उसी प्रकार अपना प्रतिदिन का काम अब भी पूरा करो। और इस्राएलियों में से जिन सरदारों को फिरौन के परिश्रम करानेवालों ने उनका अधिकारी ठहराया था, उन्हों ने मार खाई, और उन से पूछा गया, कि क्या कारण है कि तुम ने अपनी ठहराई हुई ईंटों की गिनती के अनुसार पहिले की नाई कल और आज पूरी नहीं कराई? तब इस्राएलियों के सरदारों ने जाकर फिरौन की दोहाई यह कहकर दी, कि तू अपने दासों से ऐसा बर्ताव क्यों करता है? तेरे दासों को पुआल तो दिया ही नहीं जाता और वे हम से कहते रहते हैं, ईंटे बनाओ, ईंटें बनाओ, और तेरे दासों ने भी मार खाई हैं; परन्तु दोष तेरे ही लोगों का है। फिरौन ने कहा, तुम आलसी हो, आलसी; इसी कारण कहते हो कि हमे यहोवा के लिये बलिदान करने को जाने दे। और जब आकर अपना काम करो; और पुआल तुम को नहीं दिया जाएगा, परन्तु ईटों की गिनती पूरी करनी पड़ेगी।
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- one · H376אִישׁ ʼîysh
- another · H7453רֵעַ rêaʻ
- to · H3051יָהַב yâhab
- make · H3835לָבַן lâban
- brick · H3843לְבֵנָה lᵉbênâh
- burn · H8313שָׂרַף sâraph
- throughly · H8316שְׂרֵפָה sᵉrêphâh
- brick · H3843לְבֵנָה lᵉbênâh
- stone · H68אֶבֶן ʼeben
- slime · H2564חֵמָר chêmâr
- had · H1961הָיָה hâyâh
- morter · H2563חֹמֶר chômer