Genesis · chapter 2 · verse 16
Genesis 2:16 in Hindi
तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को यह आज्ञा दी, कि तू बाटिका के सब वृक्षों का फल बिना खटके खा सकता है:
Tab yahovaa parameshvar ne aadam ko yah aajnyaa dee, ki too baatikaa ke sab vrukshom kaa phal binaa khatake khaa sakataa hai:
Genesis 2:16 in English
- King James Version (KJV)
- And the LORD God commanded the man, saying, Of every tree of the garden thou mayest freely eat:
- World English Bible (WEB)
- The LORD God commanded the man, saying, “You may freely eat of every tree of the garden;
- American Standard Version (ASV)
- And Jehovah God commanded the man, saying, Of every tree of the garden thou mayest freely eat:
- Bible in Basic English (BBE)
- And the Lord God gave the man orders, saying, You may freely take of the fruit of every tree of the garden:
- Darby Translation (DBY)
- And Jehovah Elohim commanded Man, saying, Of every tree of the garden thou shalt freely eat;
- Webster's Bible (WBS)
- And the LORD God commanded the man, saying, Of every tree of the garden thou mayest freely eat:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jehovah God layeth a charge on the man, saying, 'Of every tree of the garden eating thou dost eat;
Read in context
- 14और तीसरी नदी का नाम हि:केल् है, यह वही है जो अश्शूर् के पूर्व की ओर बहती है। और चौथी नदी का नाम फरात है।
- 15जब यहोवा परमेश्वर ने आदम को लेकर अदन की बाटिका में रख दिया, कि वह उस में काम करे और उसकी रक्षा करे,
- 16तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को यह आज्ञा दी, कि तू बाटिका के सब वृक्षों का फल बिना खटके खा सकता है:
- 17पर भले या बुरे के ज्ञान का जो वृक्ष है, उसका फल तू कभी न खाना: क्योंकि जिस दिन तू उसका फल खाए उसी दिन अवश्य मर जाएगा।।
- 18फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं; मै उसके लिये एक ऐसा सहायक बनाऊंगा जो उस से मेल खाए।
Cross references
- 1 Samuel 15:22 1 शमूएल 15:22शमूएल ने कहा, क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन मानना तो बलि चढ़ाने और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है।
- 1 Timothy 4:4 1 तीमुथियुस 4:4क्योंकि परमेश्वर की सृजी हुई हर एक वस्तु अच्छी है: और कोई वस्तु अस्वीकार करने के योग्य नहीं; पर यह कि धन्यवाद के साथ खाई जाए।
- 1 Timothy 6:17 1 तीमुथियुस 6:17इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है।
- Genesis 2:9 उत्पत्ति 2:9और यहोवा परमेश्वर ने भूमि से सब भांति के वृक्ष, जो देखने में मनोहर और जिनके फल खाने में अच्छे हैं उगाए, और बाटिका के बीच में जीवन के वृक्ष को और भले या बुरे के ज्ञान के वृक्ष को भी लगाया।
- Genesis 3:1–2 उत्पत्ति 3:1–2यहोवा परमेश्वर ने जितने बनैले पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उस ने स्त्री से कहा, क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, कि तुम इस बाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना? स्त्री ने सर्प से कहा, इस बाटिका के वृक्षों के फल हम खा सकते हैं।