Genesis · chapter 3 · verse 18
Genesis 3:18 in Hindi
और वह तेरे लिये कांटे और ऊंटकटारे उगाएगी, और तू खेत की उपज खाएगा;
Aur vah tere liye kaante aur oontakataare ugaaegee, aur too khet kee upaj khaaegaa;
Genesis 3:18 in English
- King James Version (KJV)
- Thorns also and thistles shall it bring forth to thee; and thou shalt eat the herb of the field;
- World English Bible (WEB)
- It will yield thorns and thistles to you; and you will eat the herb of the field.
- American Standard Version (ASV)
- thorns also and thistles shall it bring forth to thee; and thou shalt eat the herb of the field;
- Bible in Basic English (BBE)
- Thorns and waste plants will come up, and the plants of the field will be your food;
- Darby Translation (DBY)
- and thorns and thistles shall it yield thee; and thou shalt eat the herb of the field.
- Webster's Bible (WBS)
- Thorns also and thistles shall it bring forth to thee; and thou shalt eat the herb of the field;
- Young's Literal Translation (YLT)
- and thorn and bramble it doth bring forth to thee, and thou hast eaten the herb of the field;
Read in context
- 16फिर स्त्री से उस ने कहा, मै तेरी पीड़ा और तेरे गर्भवती होने के दु:ख को बहुत बढ़ाऊंगा; तू पीड़ित होकर बालक उत्पन्न करेगी; और तेरी लालसा तेरे पति की ओर होगी, और वह तुझ पर प्रभुता करेगा।
- 17और आदम से उस ने कहा, तू ने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मै ने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना उसको तू ने खाया है, इसलिये भूमि तेरे कारण शापित है: तू उसकी उपज जीवन भर दु:ख के साथ खाया करेगा:
- 18और वह तेरे लिये कांटे और ऊंटकटारे उगाएगी, और तू खेत की उपज खाएगा;
- 19और अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा; क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है, तू मिट्टी तो है और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा।
- 20और आदम ने अपनी पत्नी का नाम हव्वा रखा; क्योंकि जितने मनुष्य जीवित हैं उन सब की आदिमाता वही हुई।
Cross references
- Job 5:5 अय्यूब 5:5उसके खेत की उपज भूखे लोग खा लेते हैं, वरन कटीली बाड़ में से भी निकाल लेते हैं; और प्यासा उनके धन के लिये फन्दा लगाता है।
- Matthew 13:7 मत्ती 13:7कुछ झाड़ियों में गिरे, और झाड़ियों ने बढ़कर उन्हें दबा डाला।
- Psalm 104:14–15 भजन संहिता 104:14–15तू पशुओं के लिये घास, और मनुष्यों के काम के लिये अन्नादि उपजाता है, और इस रीति भूमि से वह भोजन- वस्तुएं उत्पन्न करता है, और दाखमधु जिस से मनुष्य का मन आनन्दित होता है, और तेल जिस से उसका मुख चमकता है, और अन्न जिस से वह सम्भल जाता है।
- Isaiah 7:23 यशायाह 7:23उस समय जिन जिन स्थानें में हजार टुकड़े चान्दी की हजार दाखलताएं हैं, उन सब स्थानें में कटीले ही कटीले पेड़ होंगे।
- Joshua 23:13 यहोशू 23:13तो निश्चय जान लो कि आगे को तुम्हारा परमेश्वर यहोवा इन जातियों को तुम्हारे सामहने से नहीं निकालेगा; और ये तुम्हारे लिये जाल और फंदे, और तुम्हारे पांजरों के लिये कोड़े, और तुम्हारी आंखों में कांटे ठहरेगी, और अन्त में तुम इस अच्छी भूमि पर से जो तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम्हें दी है नष्ट हो जाओगे।
- Hebrews 6:8 इब्रानियों 6:8पर यदि वह झाड़ी और ऊंटकटारे उगाती है, तो निकम्मी और स्रापित होने पर है, और उसका अन्त जलाया जाना है।।
- Job 31:40 अय्यूब 31:40तो गेहूं के बदले झड़बेड़ी, और जव के बदले जंगली घास उगें! अरयूब के वचन पूरे हुए हैं।
- Proverbs 22:5 नीतिवचन 22:5टेढ़े मनुष्य के मार्ग में कांटे और फन्दे रहते हैं; परन्तु जो अपने प्राणों की रक्षा करता, वह उन से दूर रहता है।
- Jeremiah 4:3 यिर्मयाह 4:3क्योंकि यहूदा और यरूशलेम के लोगों से यहोवा ने यों कहा है, अपनी पड़ती भूमि को जोतो, और कटीले झाड़ों में बीज मत बोओ।
- Isaiah 5:6 यशायाह 5:6मैं उसे उजाड़ दूंगा; वह न तो फिर छांटी और न खोदी जाएगी और उस में भांति भांति के कटीले पेड़ उगेंगे; मैं मेघों को भी आज्ञा दूंगा कि उस पर जल न बरसाएं।।
- Isaiah 32:13 यशायाह 32:13मेरे लागों के वरन प्रसन्न नगर के सब हर्ष भरे घरों में भी भांति भांति के कटीले पेड़ उपजेंगे।
- Psalm 104:2 भजन संहिता 104:2जो उजियाले को चादर की नाई ओढ़े रहता है, और आकाश को तम्बू के समान ताने रहता है,