Genesis · chapter 3 · verse 19
Genesis 3:19 in Hindi
और अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा; क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है, तू मिट्टी तो है और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा।
Aur apane maathe ke paseene kee rotee khaayaa karegaa, aur ant mem mittee mem mil jaaegaa; kyonki too usee mem se nikaalaa gayaa hai, too mittee to hai aur mittee hee mem phir mil jaaegaa.
Genesis 3:19 in English
- King James Version (KJV)
- In the sweat of thy face shalt thou eat bread, till thou return unto the ground; for out of it wast thou taken: for dust thou [art], and unto dust shalt thou return.
- World English Bible (WEB)
- You will eat bread by the sweat of your face until you return to the ground, for you were taken out of it. For you are dust, and you shall return to dust.”
- American Standard Version (ASV)
- in the sweat of thy face shalt thou eat bread, till thou return unto the ground; for out of it wast thou taken: for dust thou art, and unto dust shalt thou return.
- Bible in Basic English (BBE)
- With the hard work of your hands you will get your bread till you go back to the earth from which you were taken: for dust you are and to the dust you will go back.
- Darby Translation (DBY)
- In the sweat of thy face shalt thou eat bread, until thou return to the ground: for out of it wast thou taken. For dust thou art; and unto dust shalt thou return.
- Webster's Bible (WBS)
- In the sweat of thy face shalt thou eat bread, till thou shalt return to the ground; for out of it wast thou taken: for dust thou [art], and to dust shalt thou return.
- Young's Literal Translation (YLT)
- by the sweat of thy face thou dost eat bread till thy return unto the ground, for out of it hast thou been taken, for dust thou [art], and unto dust thou turnest back.'
Read in context
- 17और आदम से उस ने कहा, तू ने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मै ने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना उसको तू ने खाया है, इसलिये भूमि तेरे कारण शापित है: तू उसकी उपज जीवन भर दु:ख के साथ खाया करेगा:
- 18और वह तेरे लिये कांटे और ऊंटकटारे उगाएगी, और तू खेत की उपज खाएगा;
- 19और अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा; क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है, तू मिट्टी तो है और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा।
- 20और आदम ने अपनी पत्नी का नाम हव्वा रखा; क्योंकि जितने मनुष्य जीवित हैं उन सब की आदिमाता वही हुई।
- 21और यहोवा परमेश्वर ने आदम और उसकी पत्नी के लिये चमड़े के अंगरखे बनाकर उनको पहिना दिए।
Cross references
- Ecclesiastes 12:7 सभोपदेशक 12:7जब मिट्टी ज्यों की त्यों मिट्टी में मिल जाएगी, और आत्मा परमेश्वर के पास जिस ने उसे दिया लौट जाएगी।
- Job 34:15 अय्यूब 34:15तो सब देहधारी एक संग नाश हो जाएंगे, और मनुष्य फिर मिट्टी में मिल जाएगा।
- Psalm 104:29 भजन संहिता 104:29तू मुख फेर लेता है, और वे घबरा जाते हैं; तू उनकी सांस ले लेता है, और उनके प्राण छूट जाते हैं और मिट्टी में फिर मिल जाते हैं।
- Genesis 2:7 उत्पत्ति 2:7और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनो में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया।
- Psalm 90:3 भजन संहिता 90:3तू मनुष्य को लौटाकर चूर करता है, और कहता है, कि हे आदमियों, लौट आओ!
- Ephesians 4:28 इफिसियों 4:28चोरी करनेवाला फिर चोरी न करे; बरन भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे; इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो।
- Ecclesiastes 3:20 सभोपदेशक 3:20सब एक स्थान मे जाते हैं; सब मिट्टी से बने हैं, और सब मिट्टी में फिर मिल जाते हैं।
- 1 Corinthians 15:21–22 1 कुरिन्थियों 15:21–22क्योंकि जब मनुष्य के द्वारा मृत्यु आई; तो मनुष्य ही के द्वारा मरे हुओं का पुनरूत्थान भी आया। और जैसे आदम में सब मरते हैं, वैसा ही मसीह में सब जिलाए जाएंगे।
- Genesis 18:27 उत्पत्ति 18:27फिर इब्राहीम ने कहा, हे प्रभु, सुन मैं तो मिट्टी और राख हूं; तौभी मैं ने इतनी ढिठाई की कि तुझ से बातें करूं।
- Psalm 22:15 भजन संहिता 22:15मेरा बल टूट गया, मैं ठीकरा हो गया; और मेरी जीभ मेरे तालू से चिपक गई; और तू मुझे मारकर मिट्टी में मिला देता है।
- Daniel 12:2 दानिय्येल 12:2और जो भूमि के नीचे सोए रहेंगे उन में से बहुत से लोग जाग उठेंगे, कितने तो सदा के जीवन के लिये, और कितने अपनी नामधराई और सदा तक अत्यन्त घिनौने ठहरने के लिये।
- 2 Thessalonians 3:10 2 थिस्सलुनीकियों 3:10और जब हम तुम्हारे यहां थे, तब भी यह आज्ञा तुम्हें देते थे, कि यदि कोई काम करना न चाहे, तो खाने भी न पाए।